दिल्ली हाईकोर्ट ने तबलीगी जमात से जुड़े 70 भारतीय नागरिकों के खिलाफ सभी केस रद्द कर दिए है. इन लोगों पर कोविड-19 वायरस फैलाने का आरोप था. https://t.co/Z8TklqLsYD
मुंबई ट्रेन ब्लास्ट- 19 साल बाद बाइज़्ज़त बरी
11 जुलाई 2006 को हुए मुंबई लोकल ट्रेन धमाकों के मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने 12 आरोपियों को बरी कर दिया है.
आरोपियों के नाम तनवीर अहमद अंसारी, मोहम्मद मजीद शफी, शेख मोहम्मद अली आलम, मोहम्मद साजिद मरगूब अंसारी, मुजम्मिल अताउर रहमान शेख, सुहैल महमूद शेख और जमीर अहमद लतीफुर रहमान शेख हैं। इनमें तनवीर की कोविड से मौत हो गई थी।
हाई कोर्ट की स्पेशल बेंच ने फैसले में कहा कि 'मामले में पेश किए गए सबूत विश्वसनीय नहीं थे' और 'कई गवाहों की गवाही संदेह के घेरे में थी'. अदालत ने यह भी स्वीकार किया कि आरोपियों से जबरन पूछताछ कर उनके बयान लिए गए, जो कानूनन मान्य नहीं हैं.
Rdx और अन्य सामग्री को लेकर कोई सबूत नहीं मिला।
गोरखपुर से महिला पुलिस रिक्रूट्स के ट्रेनिंग सेंटर की बदइंतज़ामी के दुर्भाग्यपूर्ण समाचार आ रहे हैं। न बिजली है, न पानी, न गरिमापूर्ण स्नानालय।
जब मुख्य नगरी का ये हाल है तो शेष का क्या कहना।
नारी वंदना भाजपा का जुमला है।
बीवी छोड़ कर भाग जाना, शहीदों के नाम पर वोट मांगना, सेना की पूरा क्रेडिट खा जाना, सेना की वर्दी में अपने फोटो लगवाना, बलात्कारियों को पार्टी में शामिल करना, उनके साथ फोटो खिंचवाना।
मोदी जी के इन सारी उपलब्धियों के आगे तो राहुल गाँधी जी की उपलब्धियां सच में बहुत पीछे हैं।