चुनाव आयोग के साथ मिलकर मोदी लोकतंत्र की हत्या करने में लगे हैं.
इसी साजिश के तहत आज मध्य प्रदेश से राज्य सभा की कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन रद्द कर दिया गया.
इस अलोकतांत्रिक कदम के खिलाफ जब कांग्रेस का डेलिगेशन चुनाव आयोग पहुंचा तो आयोग के अधिकारी उनसे मिलने को तैयार नहीं थे.
ऐसे में कांग्रेस के डेलिगेशन को चुनाव आयोग के बाहर ही धरने पर बैठना पड़ा.
देश देख रहा है - मोदी और चुनाव आयोग कैसे लोकतंत्र को खत्म करने में लगे हैं.
ये हम सबके लिए एक Rajya Sabha की seat का सवाल नहीं है। लेकिन जो ‘Idea of India’, जो लोकतंत्र के लिए श्री @RahulGandhi जी लड़ाई लड़ रहे हैं।
ये आज कठिन परिस्थितियाँ हमारे देश के सामने हैं। सवाल ये है की लोकतंत्र जीतेगा या नहीं ? …’
एआईसीसी तेलंगाना प्रभारी @MNatarajanINC जी
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा जी, नैतिकता तार-तार हो चुकी है, इस्तीफा ही एकमात्र रास्ता बचा है।
ACB की जांच और FIR में सामने आए तथ्यों में.. "डॉक्टर साहब का फोन आया था" और "गंगानगर वाला पेमेंट मंत्री जी को कुछ नहीं आया" जैसे महत्वपूर्ण बातचीत हैं।
FIR में कथित मंत्री का उल्लेख है, सतीश द्वारा पेमेंट और सेटिंग की बातें हैं। जिस सतीश की बात की जा रही है क्या ये कृषि मंत्री का PA सतीश ही है?
कृषि मंत्री के साथ कार्रवाई का चेहरा बने लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। सीकर में मंत्री के करीबी और उनके नाम से उगाही करने वाले संदीप के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है। संदीप को छुड़ाने वाले स्वयं जुगल किशोर जेल जा चुके हैं।
इसके बाद भी अगर कृषि मंत्री पद पर बने रहते हैं, तो यह नैतिकता नहीं, भाजपा का खुलेआम भ्रष्टाचार है।
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी, करोड़ों के भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए, और मंत्री से इस्तीफा लिया जाना चाहिए।
अब क्या बचा है.. कृषि मंत्री किरोड़ी लाल जी? इस्तीफा दीजिए।
सीकर में संदीप पर आपके नाम से लाखों की उगाही का आरोप लगा, पुलिस ने आरोपी को पकड़ा, लेकिन आपने बचाने की कोशिश की।
अब संदीप का नाम ACB की जांच में सामने आ गया है। आपके करीबी गिरफ्तार बीज निगम के पूर्व डायरेक्टर जुगल किशोर विश्नोई की कथित बातचीत में साफ कहा जा रहा है.. "संदीप वाले लफड़े से सारा मामला उजागर हो गया।" "गंगानगर वाला पेमेंट मंत्री जी को कुछ नहीं आया।"
मीडिया के सामने जिस टीम (संदीप और रजनीश) आप पीठ थपथपा रहे थे, क्या ये संदीप इस पूरे उगाही तंत्र में एक और सबसे अहम किरदार है?
सबसे बड़ा सवाल ये है कि सीकर में उगाही के आरोपी संदीप के पकड़े जाने और FIR दर्ज होने के बाद भी मंत्री जी उसके बचाव में क्यों उतरे?
खुद मंत्री जी ने सार्वजनिक रूप से कहा था.. "सीकर में हमारी टीम (संदीप व रजनीश) ने पूरी निष्ठा से कार्य किया है।" आज संदीप का नाम करोड़ों के रिश्वतकांड की जांच में सामने आ रहा है। और मंत्री जी के इशारे पर संदीप को छुड़ाने वाले जुगल किशोर स्वयं जेल पहुंच चुके हैं।
पहले छापेमारी, फिर सेटिंग, उगाही, FIR, गिरफ्तारियां और अब कॉल रिकॉर्डिंग में सब कुछ स्पष्ट हो चुका है। किरोड़ी जी कृषि मंत्री के पद पर बने रहने का आप नैतिक अधिकार खो चुके हैं।
अब सफाइयों का नहीं, जवाबदेही का समय है। अगर जरा सी भी नैतिकता बची है तो तत्काल इस्तीफा दीजिए।
नहीं तो मुख्यमंत्री
@BhajanlalBjp जी को बर्खास्त करना चाहिए।
हमारे प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग के सामने विस्तृत रूप से अपने मुद्दे रखे हैं 👇
• मीनाक्षी नटराजन जी के मामले में रिटर्निंग ऑफिसर (RO) का फैसला विकृत है, कानूनी रूप से गलत है, जिसका समर्थन नहीं किया जा सकता
• रिटर्निंग ऑफिसर ने जिस आधार पर मीनाक्षी नटराजन जी का नामांकन रद्द कर दिया, वो आधार कानून में Exist ही नहीं करता। ऐसा कोई क्रिमिनल केस था ही नहीं, जिसका मीनाक्षी जी खुलासा कर सकती थीं
• कोर्ट से एक नोटिस आया, जिसमें मीनाक्षी जी से कहा गया कि आप आकर हमें बताइए कि हम केस का संज्ञान लें या नहीं
• मजिस्ट्रेट द्वारा संज्ञान लेना एक प्राथमिक चरण होता है और उसमें ये फैसला किया जाता है कि ये केस आगे चलना चाहिए या नहीं। बिना संज्ञान के कोई भी क्रिमिनल केस जन्म ही नहीं लेता है
• मजे की बात ये है कि चुनाव आयोग के कानून में स्पष्ट लिखा है कि आपको सिर्फ वो खुलासा करना है, जिसमें अपराध अगर सिद्ध हो तो सजा दो साल से ज्यादा हो और जिसमें charges फ्रेम हो चुके हैं। इसे देखने का उत्तरदायित्व RO का होता है
• इस मामले में मजिस्ट्रेट ने संज्ञान नहीं लिया है। मीनाक्षी जी को सुनने के बाद मजिस्ट्रेट संज्ञान लेंगे, उसके बाद जांच होगी और फिर चार्जशीट तैयार होगी और अगर चार्जशीट बनेगी, तब जाकर charges फ्रेम होंगे
• यानी इस मामले में आगे के तीन चरण बचे हैं। मजिस्ट्रेट ने संज्ञान तक नहीं लिया है, मगर RO ने मान लिया कि ये एक क्रिमिनल केस लंबित है
इसके अलावा, हमने कई और मुद्दे रखे और कहा कि ऐसी बेहूदी गलती के कारण राज्यसभा उम्मीदवार का नामांकन रद्द नहीं किया जा सकता है।
ये गणतंत्र के सिद्धांतों के विरुद्ध है और not a level playing field बनता है। ये संविधान के मूल ढांचे को भी विकृत करता है।
हमने यह भी कहा है कि चुनाव आयोग के पास पूरा अधिकार क्षेत्र है कि वे RO के फैसले को रिवर्स कर दें या आदेश निरस्त कर दें। चुनाव आयोग पहले भी हरियाणा और गुजरात के मामलों में हस्तक्षेप कर चुका है।
यानी- ये नहीं कहा जा सकता है कि चुनाव आयोग हेल्पलेस है।
: AICC Law, RTI & HR Dept. के चेयरपर्सन डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी जी
📍 दिल्ली
@DrAMSinghvi@kcvenugopalmp@kharge
12 साल में नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक, परीक्षा की चोरी, टेंडर में धांधली को संरक्षण देकर इसे संगठित अपराध का सिंडिकेट बना दिया है।
जब तक है मोदी सरकार - तब तक होता रहेगा युवाओं का भविष्य नीलाम, तब तक चलता रहेगा पेपर लीक का व्यापार।
भारत का युवा और Gen Z बहुत निराश और नाराज है। अब वो अपनी जिंदगी से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगा। कांग्रेस पार्टी सड़क से संसद तक उनके साथ खड़ी है।
नरेंद्र मोदी ने देश की माताओं-बहनों को धोखा दिया है।
कभी माताओं-बहनों के आंसुओं पर लफ्फाजी करने वाले नरेंद्र मोदी आज उन्हें 'खून के आंसू' रुला रहे हैं।
• उज्ज्वला योजना में पहले सब्सिडी वाले 12 सिलेंडर मिलते थे
• फिर इन सिलेंडरों की संख्या घटाकर 9 की गई
• अब सब्सिडी वाले सिर्फ 4 सिलेंडर ही मिलेंगे
नरेंद्र मोदी के इस फैसले के बाद महिलाएं पूछ रही हैं- क्या सारी परेशानियां सिर्फ जनता के लिए हैं 👇
@narendramodi
भाजपा सरकार के जंगलराज में वित्तीय धांधली पर आवाज उठाने वाले अधिकारियों को बंधक बनाना बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है।
कोटा में RTU में लेखा अधिकारी के साथ हुई घटना बताती है कि अगर कोई अधिकारी ईमानदारी से वित्तीय गड़बड़ियों को रोकेगा, तो उसे सुरक्षा की बजाय मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाएगा।
ये सरकार भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबी है। क्या भाजपा सरकार में बेईमानी रोकने वाले अधिकारियों को बंधक बनाना नया नियम है? वित्तीय धांधली और प्रताड़ना के खेल में शामिल आरटीयू के बड़े चेहरों को किसका संरक्षण प्राप्त है?
सरकार को तुरंत इस मामले में दखल देकर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। @LokBhavanJaipur@RajCMO
कोटा के बाद अब बीकानेर.. आखिर भाजपा सरकार की अकर्मण्यता कितनी महिलाओं की जिंदगी से खिलवाड़ करेगी?
बीकानेर से सामने आई ये खबर भाजपा सरकार में स्वास्थ्य सेवाओं की विफलता का ज्वलंत उदाहरण है। बार-बार ऐसी घटनाएं और प्रदेश की बदहाल स्वास्थ्य सेवाएं सरकार की संवेदनहीनता व लापरवाही बयां कर रही है। पहले कोटा में प्रसूताओं की मौतों की घटना और अब बीकानेर में महिलाओं की किडनी खराब होने की भयावह खबर चिंताजनक है।
आमजन के स्वास्थ्य को लेकर आखिर सरकार कब गंभीरता दिखाएगी? सरकार को जिम्मेदारी तय करनी होगी। स्वास्थ्य मंत्री जी नींद से जागिए और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को संभालिए।
सीकर उगाही प्रकरण, FIR, गिरफ्तारियां और अब ACB जांच में सामने आई कथित बातचीत—सवाल सीधे कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा जी पर खड़े हो रहे हैं।
जिन लोगों को मंत्री जी अपनी टीम बताते रहे, उन्हीं नामों का बार-बार विवादों में आना संयोग नहीं हो सकता।
जवाब दीजिए या इस्तीफा दीजिए।
NEET पेपर लीक सिर्फ एक परीक्षा घोटाला नहीं, बल्कि लाखों मेहनती छात्रों के सपनों पर किया गया सीधा हमला है।
मोदी सरकार के शासन में शिक्षा व्यवस्था भ्रष्टाचार और अव्यवस्था की भेंट चढ़ चुकी है। NTA की विफलता और सरकार की लापरवाही ने युवाओं का भविष्य दांव पर लगा दिया है।
भगवान बिरसा मुंडा जी ने कहा था "जल, जंगल और ज़मीन हमारे हैं, हम इन्हें किसी को नहीं देंगे।"
लेकिन विडंबना देखिए, आज भगवान बिरसा मुंडा जी के नाम पर राजनीति करने वाली भाजपा भैराणा धाम की जनभावनाओं और हरियाली की अनदेखी कर भूमि RIICO को सौंपने पर आमादा है।
#BirsaMunda#BhairanaDham
यूपी में कांस्टेबल भर्ती परीक्षा ने भाजपा सरकार के “रोज़गार मॉडल” की सच्चाई उजागर कर दी है।
32,679 पदों के लिए 29 लाख युवा परीक्षा दे रहे हैं, यानी एक सीट पर 89 दावेदार। यह सिर्फ़ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि बेरोज़गारी की भयावह तस्वीर है।
लाखों युवा सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर रहे हैं, भीड़, अव्यवस्था और जोखिम झेल रहे हैं, सिर्फ़ एक नौकरी की उम्मीद में।
सवाल सीधा है, क्या युवाओं को रोजगार पाने के लिए अपनी जान और सम्मान दोनों दांव पर लगाने पड़ेंगे? भाजपा सरकार युवाओं को अवसर देने में विफल रही है, इसलिए हर भर्ती परीक्षा अब संघर्ष नहीं, मजबूरी का प्रतीक बन चुकी है।
AICC सचिव और इंडियन यूथ कांग्रेस के पूर्व प्रभारी, सूरज हेगड़े जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है।
एक समर्पित कांग्रेसजन, कुशल संगठनकर्ता और युवाओं के प्रेरणास्रोत के रूप में उन्होंने पार्टी की विचारधारा और मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस कठिन घड़ी में कांग्रेस सेवादल परिवार की गहरी संवेदनाएं उनके परिवार, मित्रों और समस्त कांग्रेस परिवार के साथ हैं।
ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।
ॐ शांति।🙏🏻
आज जेतपर गांव में हेवीज लाइन परियोजना के नाम पर कंपनी की दादागीरी के खिलाफ किसानों की विशाल सभा आयोजित की गई। किसानों के हक और जमीन की रक्षा के लिए हुए इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए और अपनी एकजुटता का परिचय दिया।
जय किसान! 🌾✊
RTU कोटा में वित्तीय गड़बड़ियों पर आवाज़ उठाने वाले अधिकारी के साथ हुई कथित बंधक जैसी घटना भाजपा सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
क्या भ्रष्टाचार उजागर करने वालों को प्रताड़ित किया जाएगा और दोषियों को संरक्षण मिलेगा? सरकार जवाब दे।
@LokBhavanJaipur@RajCMO
मध्यप्रदेश में कांग्रेस की राज्यसभा प्रत्याशी श्रीमती मीनाक्षी नटराजन जी के नामांकन को खारिज करने का घटनाक्रम भाजपा की लोकतंत्र विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। जिस प्रकार तकनीकी बहानों की आड़ लेकर विपक्ष की मजबूत आवाज़ को दबाने की कोशिश की जा रही है, वह साफ दिखाता है कि भाजपा हर हाल में सत्ता बचाने के लिए लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग करने पर आमादा है।
यह सिर्फ एक उम्मीदवार का मामला नहीं, बल्कि लोकतंत्र, संविधान और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर सीधा हमला है। भाजपा लगातार लोकतंत्र का चीरहरण कर विपक्ष को खत्म करने की राजनीति कर रही है। सत्ता के अहंकार में संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने का यह खेल देश किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा। जनता सब देख रही है और इस तानाशाही मानसिकता का जवाब समय जरूर देगा।
#मध्यप्रदेश #लोकतंत्र #मीनाक्षी_नटराजन #संविधान_बचाओ @MNatarajanINC