मोहन यादव के जमीन घोटाले का मुद्दा भटकाने के लिए BJP जाति की बात कर रही है।
अफसोस है कि मीडिया ऐसी हेडलाइन छाप भी रहा है, जबकि मीडिया को ये कहना चाहिए कि मुख्यमंत्री के OBC होने से करप्शन की छूट नहीं मिल जाती।
वहीं, मोहन यादव जी के परिवार ने जितनी रजिस्ट्री करवाई है, उनमें टैक्स चोरी भी की गई है। ये अभी शुरूआत है... धीरे-धीरे और परतें खुलती जाएंगी।
: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष @jitupatwari जी
📍 दिल्ली
मुख्यमंत्री मोहन यादव बताएं-
⦿ आपके परिवार की किन कंपनियों को विकास परियोजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिला
⦿ क्या सरकार संबधित क्षेत्र के मास्टर प्लान में हुए बदलाव को सार्वजनिक करेगी?
⦿ क्या इन परिजोयनाओं की जानकारी वहां के संबंधित किसानों को थी, जिनकी वहां पहले से जमीनें हैं?
⦿ क्या आप आगे बढ़कर खुद इस मामले की न्यायिक जांच की पहल करेंगे?
: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष @jitupatwari जी
📍 दिल्ली
उज्जैन में 500 करोड़ रुपये की जमीन एक ट्रस्ट को 1 रुपए में दे दी गई। उसके ट्रस्टी श्री राम जी नाम के व्यक्ति हैं, जो मोहन यादव के सांस्कृतिक सलाहकार हैं।
हमारे सवाल:
• आखिर 500 करोड़ रुपये की जमीन 1 रुपये में क्यों दी गई?
• यदि इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट झूठी है, तो FIR क्यों नहीं हुई?
• BJP के प्रदेश अध्यक्ष से सवाल जमीन पर पूछा गया, तो जवाब जाति पर दिया गया। क्या यही इनकी सोच है?
• मुख्यमंत्री बनने के बाद, मोहन यादव के परिवार द्वारा तेजी से जो जमीन खरीदी गई, उसके लिए पैसे कहां से आए?
• क्या मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा खरीदी गई जमीनों का पूरा विवरण जनता के सामने नहीं आना चाहिए?
: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष @jitupatwari जी
📍 दिल्ली
मध्य प्रदेश में मोहन यादव ने मुख्यमंत्री बनने के बाद सैकड़ों एकड़ जमीन खरीदी।
कांग्रेस ने इस बारे में सार्वजनिक रूप से BJP, BJP अध्यक्ष, नरेंद्र मोदी, BJP की प्रदेश इकाई और मोहन यादव जी से सवाल पूछे थे।
सवाल पूछे हुए 30 घंटे हो गए, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। अगर BJP इस बारे में जवाब नहीं दे रही तो मतलब दाल में कुछ काला है।
BJP का पूरा तंत्र इस करप्शन से जुड़ा हुआ है।
अयोध्या में चंदा चोरी और महाकाल में जमीन लूट- ये BJP का नया मॉडल है।
: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष @jitupatwari जी
📍 दिल्ली
हमारे सवाल:
• क्या मोहन यादव के CM बनने के बाद परिवार ने जमीन खरीदी?
• क्या ये सच है कि जमीन का बड़ा हिस्सा वहां है, जहां विकास परियोजनाएं बाद में आईं?
• क्या सरकार उन सभी प्रोजेक्ट्स की टाइमलाइन सार्वजनिक करेगी?
• यदि सबकुछ पारदर्शी है तो क्या BJP स्वतंत्र न्यायिक जांच कराएगी?
• क्या मुख्यमंत्री अपने परिवार द्वारा 2023 के बाद खरीदी गई जमीन पर श्वेत पत्र जारी करेंगे?
: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष @jitupatwari जी
📍 दिल्ली
आदर्श प्रकरण में अशोक चव्हाण की सास के नाम पर फ़्लैट होने का आरोप लगा तो इस्तीफा हुआ, लेकिन मोहन यादव से जुड़े मामले में मीडिया पर सन्नाटा है।
अरुणाचल प्रदेश से जुड़े एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया, लेकिन मुख्यमंत्री अब भी कुर्सी पर बैठे हैं। वही हाल अब MP में भी है।
इसका कारण गैर-रजिस्टर्ड RSS है, क्योंकि ये सब उसी से जुड़े हैं और अयोध्या के मामले में भी इन्हीं के लोग शामिल हैं।
: AICC मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
📍 दिल्ली
CM मोहन यादव ने अपने परिवार के साथ मिलकर उज्जैन में सैकड़ों एकड़ जमीन खरीद ली।
• वहीं, मुख्यमंत्री बनने के बाद खरीदी गई 168 एकड़ में से 111 एकड़ जमीन उस क्षेत्र में खरीदी जहां सिंहस्थ कुंभ आने वाला है।
• उज्जैन के जिस क्षेत्र में 2035 के मास्टर प्लान के ऊपर काम होना है, मोहन यादव के परिवार ने वहां जमीनें खरीदी हैं।
इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक्शन लेने की उम्मीद नहीं है।
वो विदेश में मेलोडी और देश में झालमु़ड़ी खाएंगे, उनके मुख्यमंत्री जमीनें और दान का सोना-चांदी निगल जाएंगे।
: AICC मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
📍 दिल्ली
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिवार का जमीन घोटाला सामने आया है।
उज्जैन और अयोध्या से देश ही नहीं, बल्कि विदेश के लोगों की आस्था जुड़ी है। इन तीर्थों से पैसा लूटना आस्थावान लोगों की पीठ में खंजर घोंपने जैसा है।
उज्जैन में सिंहस्थ कुंभ होने वाला है। इस बारे में मुख्यमंत्री को पता है और उससे जुड़ी फाइलें उनसे होकर गुजरती हैं, इसलिए वे अपनी कलम की ताकत से हेरफेर कर सकते है।
: AICC मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन @Pawankhera जी
📍 दिल्ली
90 पेपर लीक हुए हैं, करोड़ों छात्रों का भविष्य बरबाद हुआ है, 20 बच्चों ने NEET Paper Leak की वजह से अपनी जान ले ली, परिवार तबाह हो गए…
पर मोदी सरकार के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान कुर्सी पर चिपककर, इंटरव्यू देते हुए “छात्रों की गूँज” को “दहशतगर्द” (Terrorists) बता रहे हैं।
देश ये भूला नहीं है कि खुद प्रधानमंत्री मोदी जी ने भरी संसद में अन्नदाता किसानों को “आंदोलनजीवी” और “परजीवी” (Parasites) की अपमानजनक संज्ञा दी थी। जो इस सरकार से सवाल पूछता है, उसको देशद्रोही (Anti-National) बोलते हैं।
#ChhatronKiGoonj पूरे देश में बुलंद होगी,
मोदी मंत्री प्रधान को इस्तीफ़ा देना ही पड़ेगा !!