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BJP के नगीने !
BJP के ये हैं वो “नगीने” जिनकी उपलब्धियों का बोझ आज देश की जनता उठा रही है।
एक ने महंगाई बढ़ाई,
एक ने पेपर लीक करवाया,
एक ने पेट्रोल-डीजल महंगा किया,
एक ने विदेश नीति बिगाड़ी...
और फिर कहते हैं कि देश आगे बढ़ रहा है!
“हमें संविधान के बारे में मोदी जी से कुछ नहीं सीखना है..वो उस विचारधारा से आते हैं जिसने संविधान को कभी नहीं माना
RSS ने संविधान के खिलाफ़ रामलीला मैदान में 150 से ज्यादा प्रदर्शन किए
मनुस्मृति को भारत का संविधान बनाने की मांग रखी
ये लोग हमें संविधान का पाठ पढ़ाएँगे ?
क्या विपक्षी सांसदों का निलंबन संवैधानिक था ?
क्या ‘Operation Lotus’ से चुनी हुई सरकारों को गिराना संवैधानिक है ?
क्या क्षेत्रीय दलों को तोड़कर जनादेश का अपमान करना संवैधानिक है ?”
@PriyankKharge जी के सवालों का जवाब ना तो किसी संघी/भाजपायी के पास है, न ही उनके अँध्भक्तों के पास 🔥🔥🔥
मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव और उनके परिवार ने महाकाल की नगरी उज्जैन में जमीन से जुड़ा करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किया है।
मोहन यादव के करीबी रिश्तेदारों ने सरकारी प्रोजेक्ट्स के आसपास करोड़ों की जमीनें खरीदी हैं और खूब पैसा बनाया है।
देखिए पूरी रिपोर्ट 👇
@INCIndia
विकास के नाम पर ग्रेट निकोबार की बलि क्यों?
जंगल उजड़ेंगे, पर्यावरण बर्बाद होगा, आदिवासी समुदाय प्रभावित होंगे और फायदा किसे?
देश की प्राकृतिक धरोहर को कॉर्पोरेट मुनाफ़े की भेंट चढ़ाना बंद करो!
लखनऊ के अलीगंज में एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लग गई, कम से कम 13 छात्रों की मौत हो गई!प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, मदद पहुंचने में कीमती मिनट बर्बाद हो गए और अपनी जान बचाने के लिए छात्रों को इमारत से कूदना पड़ा।
सवाल सिर्फ एक हादसे का नहीं है, बल्कि उस पूरे कोचिंग उद्योग का है जो छात्रों के भविष्य के नाम पर उनकी जान को दांव पर लगा रहा है।
उत्तर भारत समेत पूरे देश में बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के कोचिंग सेंटर धड़ल्ले से चल रहे हैं। संकरी गलियां, बंद कमरे, आपातकालीन निकास का अभाव और एक ही इमारत में दुकान, रेस्टोरेंट और कोचिंग सेंटर, क्या यही छात्रों की सुरक्षा का मॉडल है?
जब तक सरकार और प्रशासन इस अराजक व्यवस्था पर सख्ती नहीं करेंगे, तब तक ऐसे हादसे होते रहेंगे और हर बार छात्रों को अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ेगी।
शिक्षा के नाम पर चल रहा यह लापरवाह कारोबार आखिर कब रुकेगा?
क्या छात्रों की जिंदगी मुनाफे से भी सस्ती हो गई है?
आज की युवा महिलाएं लेबर पेन से बचना चाहती हैं, इसलिए सिजेरियन डिलिवरी करवा रही हैं'
- ये शर्मनाक बयान राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने दिया है
कोटा और बीकानेर में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद 7 महिलाओं की मौत हो गई थी। वहीं, अब जोधपुर में भी सिजेरियन के बाद दो महिलाओं की हालत गंभीर है।
लेकिन...
इन मौतों के लिए जिम्मेदार अपने घटिया और लापरवाह सिस्टम के लिए माफी मांगने के बदले मंत्री जी ने महिलाओं को ही दोषी करार दे दिया।
ये बेहूदा बयान BJP की महिला विरोधी सोच का नतीजा है। इसके लिए गजेंद्र सिंह खींवसर और नरेंद्र मोदी को देश की आधी आबादी कभी माफ नहीं करेगी।
@INCIndia@RajCMO@GajendraKhimsar #Rajasthan
राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था आज आईसीयू में है और भाजपा सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने में व्यस्त है।
कोटा में प्रसूताओं की मौत, बीकानेर में गंभीर चिकित्सीय लापरवाही और अब जोधपुर में सिजेरियन ऑपरेशन के बाद 8 महिलाओं की तबीयत बिगड़ना तथा दो की हालत गंभीर होना कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि प्रदेश की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था पर लगा एक और काला धब्बा है।
कभी कोटा, कभी बीकानेर और अब जोधपुर में लगातार सामने आ रही घटनाएं दर्शाती हैं कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। माताओं-बहनों की जान संकट में है और सरकार जवाबदेही तय करने के बजाय अपनी विफलताओं पर पर्दा डालने में जुटी है। प्रदेश की जनता इलाज मांग रही है, जबकि भाजपा सरकार केवल प्रचार और आत्मप्रशंसा में व्यस्त है।
जब मरीज अस्पताल जाने से डरने लगें, तब समझ लेना चाहिए कि सरकार अपनी सबसे बुनियादी जिम्मेदारी निभाने में असफल हो चुकी है। रोजाना प्रदेश की जनता आज पूछ रही है "मुख्यमंत्री जी, आखिर क्या-क्या सहेगा यह राजस्थान?"
मुख्यमंत्री जी को बताना चाहिए कि अस्पतालों में ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों हो रही हैं? दोषियों पर कार्रवाई कब होगी? और प्रदेश की जनता को सुरक्षित एवं भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं आखिर कब मिलेंगी ? @RajCMO@BhajanlalBjp@GajendraKhimsar
#Rajsathan #HealthcareCollapse #HealthcareEmergency #HealthcareInICU #LopRajasthan #TRJ
अगर एक वीडियो से सत्ता और उसके समर्थक इतने असहज हो जाएं कि सवाल का जवाब देने के बजाय कार्रवाई का रास्ता चुन लें, तो सवाल वीडियो पर नहीं, व्यवस्था की सहनशीलता पर उठता है।
लोकतंत्र की खूबसूरती विचारों की विविधता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में है। किसी विचार से असहमति होना स्वाभाविक है, लेकिन असहमति का जवाब संवाद से होना चाहिए, दबाव से नहीं।
सवाल यह नहीं है कि वीडियो में क्या दिखाया गया, सवाल यह है कि आखिर एक वीडियो से इतनी बेचैनी क्यों? विचारों को रोकने की हर कोशिश अंततः उन्हीं विचारों को और अधिक लोगों तक पहुंचाने का काम करती है।
मोदी सरकार का 'हत्यारा सिस्टम' अब तक 20 बच्चों का 'मर्डर' कर चुका है।
19 वर्षीय छात्रा, जो डॉक्टर बनकर लोगों की ज़िंदगी बचाना चाहती थी, पेपर लीक और RE-NEET के कारण भारी मानसिक दबाव का सामना कर रहे थे, जिसके चलते उन्होंने अपनी जान दे दी।
इन बच्चों की मौत पर पूरे देश में गुस्सा है, मगर पेपर लीक के जिम्मेदारों को न इसकी फिक्र है और न ही उनसे कुर्सी छूट रही है।
थोड़ी शर्म करो धर्मेंद्र प्रधान! आखिर कब तक देश के युवाओं का भविष्य ऐसे ही दांव पर लगता रहेगा?
#NEET
जोधपुर के पावटा जिला अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद 8 महिलाओं की तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ने एवं दो प्रसूताओं की किडनी खराब होने की खबर अत्यंत दुःखद एवं चिंताजनक हैं।
प्रदेश में लगातार बदहाल होती स्वास्थ्य व्यवस्था को संभालने में भाजपा सरकार पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है।
इससे पूर्व भी कोटा एवं बीकानेर में कई प्रसूताओं की तबियत बिगड़ने से किडनी फैल हो गई थी, जिसमें से कुछ की मृत्यु भी हो गई थी। इसके बावजूद भी सरकार ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और न ही कोई ठोस कदम उठाया।
भाजपा सरकार के शासन में लगातार बिगड़ती चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं और सरकारी अस्पतालों की बदहाली चरम पर है, जिसके चलते आम जनता को इसकी कीमत अपनी जान गंवाकर चुकानी पड़ रही है।
इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच एवं जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होनी चाहिए और पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता एवं प्रभावित महिलाओं को बेहतर उपचार की व्यवस्था उपलब्ध करवाई जानी चाहिए।
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“पर्ची वाले मुख्यमंत्री” अब शायद खुद ही भूल गए हैं कि मुख्यमंत्री कौन है! 😂
एक सार्वजनिक मंच से भजनलाल शर्मा जी ने खुद को नहीं, बल्कि दिया कुमारी जी को मुख्यमंत्री बता दिया।
जिस मुख्यमंत्री को यह तक याद नहीं कि राजस्थान का मुख्यमंत्री कौन है, वह प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था, युवाओं के भविष्य और छात्रों की समस्याओं को क्या समझेगा?
आज छात्र पेपर लीक, परीक्षा अव्यवस्था और बेरोज़गारी से परेशान हैं, लेकिन सरकार का हाल यह है कि मुख्यमंत्री को खुद अपनी कुर्सी का पता नहीं।
जब नेतृत्व ही भ्रम में हो, तो बच्चों का भविष्य गड्ढे में जाना तय है।
इसीलिए देश को आज कांग्रेस की ज़रूरत है।
पांचना बांध एवं सीमावर्ती जिलों में चल रही कार्रवाई पर प्रतिक्रिया:
सवाल: हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद पांचना बांध पर तनाव बना हुआ है?
जवाब: एक- एक घटना ऐसी हो रही है राजस्थान के अंदर कि ये लगता ही नहीं कोई सरकार नाम की चीज राजस्थान में और उसी में पांचना बांध की समस्या भी आती है। अभी तक 15-20 दिन होने आए हैं। कम से कम दोनों समुदाय चाहे गुर्जर समाज हो, चाहे वो मीणा समाज हो, उनके पंच पटेल और जनप्रतिनिधियों को बुला के बात तो करते कि भाई रास्ता कैसे निकल सकता है। हाई कोर्ट आदेश दे रहा है बार-बार। अधिकारी लोग डरे हुए हैं कि कंटेंप्ट लग जाएगा।
एक तरफ कोई बात आगे बढ़ नहीं रही है। वो धरने दे रहे हैं और पटरियों पर बैठे वो भी मैंने देखा है।
तो ये मैं कहना चाहूंगा सरकार के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री जी से कि इसको आप गंभीरता से लें। आप गंभीरता से लें और उसी रूप में बुलाकर शीघ्र बात करें। एक टीम बनाएं। आपके मंत्रियों की हो टीम और या आपकी पार्टी के लोगों की हो जो समझाइश कर सकते हैं। बुलाकर बात करनी चाहिए और समय रहते हुए रास्ता निकालना चाहिए जिससे कि शांतिपूर्ण तरीके से हल निकल सके और सबके साथ न्याय हो सके। ये मेरा मानना है।
सवाल: जातीय संघर्ष जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं :
जवाब: ये तो सरकार खुद कर रही है। जो सरकार का रवैया है उससे जातीय संघर्ष पैदा करने की जो इनकी नीति लगती है, मुझे नीयत लगती है वो पूरे देश के अंदर ही लगती है।
अब पाकिस्तान के बॉर्डर बाड़मेर-जैसलमेर, बीकानेर बॉर्डर पर आजादी के बाद आज तक वहां दंगे की बात छोड़ो तनाव भी नहीं हुआ, जबकि बड़ी तादाद में माइनरिटी के लोग वहां रहते हैं। आज तक ना तनाव हुआ न दंगे हुए।
कुछ एरिया के अंदर भी जो मस्जिदें हैं, दरगाह है, उनको चुन-चुन के आप गिरा रहे हो, भड़का रहे हो लोगों को । क्या तुक है भड़काने का? ये जो घटनाएं आ रही हैं तो ये समझ के परे है सरकार आखिर चाहती क्या है?
ये एजेंडा जो उनका ध्रुवीकरण का है, इन सब बातों को मैं उसी का पार्ट मानता हूं। जिससे कि चुनाव में धर्म आधारित जीत हासिल कर रहे लोग,वो जीत इनकी बनी रहे। चुनाव आते रहते हैं। पांच राज्यों में चुनाव आ रहे हैं। इन बातों का मैसेज पूरे मुल्क में जाता है। वो चाहते हैं मुल्क में मैसेज जाए और ध्रुवीकरण हो और उसका लाभ हमें मिले,
संक्षिप्त में बात तो देखो ये है।
कोई कारण नहीं कि आप चुन-चुन करके मस्जिदों को और दरगाहों को गिराओ। एक दरगाह तो ऐसी है जहां पर हिंदू लोग ही वहां जाकर उसकी इबादत करते हैं। पूरे गांव में मुसलमान है ही नहीं। हिंदुओं ने हल्ला किया कि भाई आप क्या कर रहे हो? हम तो यहां हमारा खुद का स्थल है, हमने बनाया इसको। भील समाज भी वहां पर है। उसके बावजूद उन्होंने किसी की नहीं सुनी और उसको सबको तहस-नहस कर दिया। ये हरकतें जो हो रही है, जिला प्रशासन को देखना चाहिए कि क्या आप सही काम कर रहे हैं? क्या संविधान के अंतर्गत जो भावना संविधान की है, उसके अनुकूल आप न्याय दिला रहे हो वहां लोगों को? प्रशासन कलेक्टर हो, एसडीओ हो एसपी हो, जो भी अधिकारी हैं, चाहे कमिश्नर या आईजी क्यों नहीं हो, उन सब की जिम्मेदारी है कि जो ये बॉर्डर एरिया है जहां शांति, प्यार, मोहब्बत से वहां पर साथ में लोग रह रहे हैं वहां फ्यूचर में क्या स्थिति बने क्या चाहते हो आप ? ये स्थिति बनी हुई है खतरनाक स्थिति है।
पांचना बांध को खोलने को लेकर कई दिनों से पूर्वी राजस्थान में बना हुआ तनाव चिंताजनक है। यह और भी चिंताजनक है कि राजस्थान सरकार इस मामले को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है और दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत तक नहीं कर रही, जिससे वहां की जनता में अंदर-ही-अंदर आक्रोश पनप रहा है। इसके कारण इन दोनों पक्षों के बीच अविश्वास भी बढ़ता जा रहा है।
सरकार को दोनों पक्षों के पंच-पटेलों को अविलंब बुलाकर बातचीत करनी चाहिए और इस मुद्दे का एक शांतिपूर्ण एवं न्यायसंगत हल निकालने का गंभीर प्रयास करना चाहिए। मुख्यमंत्री स्वयं पूर्वी राजस्थान से होने के बावजूद इस मुद्दे पर मौन कैसे हैं, यह समझ से परे है। उन्हें जल्द-से-जल्द इस मामले पर सक्रिय रुख अपनाना होगा।
किसान पहले से ही महंगाई की मार झेल रहा है और खरीप की फसल बुवाई का समय चल रहा है लेकिन सरकार आंख बंद कर बैठी हुई है किसानों को समय पर खाद भी उपलब्ध नहीं होंगे तो किसानों की क्या हालत होने वाली है यह सरकार के समझ से बाहर है @HemShekhawatINC@RahulGandhi@SachinPilot@ashokgehlot51
करें योग, रहें निरोग। 🧘♂️🌿
योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार है। नियमित योग हमें शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ। आइए, योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाकर स्वस्थ और सकारात्मक जीवन की ओर कदम बढ़ाएँ।
#InternationalYogaDay #YogaForLife #YogaDay #HealthyLife #YogaEveryday
हमारे नेता आदरणीय @RahulGandhi जी विद्यार्थियों के हित में लगातार अपनी बात रख रहे हैं सरकार की लापरवाही के कारण लाखों विद्यार्थियों का कैरियर दाव पर लगा है हम सब लोग हमारे नेता की भावना के अनुरूप कार्य कर रहे हैं आज ही सेवादल बीकानेर के संज्ञान आया कि एक विद्यार्थी जो बीकानेर में था उसका परीक्षा सेंटर असम में दे दिया गया विद्यार्थी और उसके माता-पिता लगातार परेशान हो रहे थे यह लापरवाही छात्र के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। मेरी @EduMinOfIndia और @NTA_Exams , जिला प्रशासन बीकानेर से आग्रह है कि वे वेद प्रकाश की मदद करें और परीक्षा बीकानेर में ही हो ऐसी व्यवस्था करें। @dpradhanbjp tumse na ho payega
NEET में कभी पेपर लीक, कभी परीक्षा केंद्र की गड़बड़ी।
नागपुर के छात्र को दुबई सेंटर आवंटित होना बताता है कि छात्रों की परेशानियां व्यवस्था की प्राथमिकता नहीं हैं।
युवाओं के भविष्य के साथ प्रयोग बंद होने चाहिए।
#NEET#StudentJustice#YouthVoice
NTA की लापरवाही और नाकामी अब सारी हदें पार कर चुकी है! शिक्षा मंत्री ने छात्रों को मनपसंद सेंटर देने का वादा किया था, लेकिन नागपुर के छात्र का सेंटर अबू धाबी भेज दिया? उस छात्र के पास पासपोर्ट तक नहीं है! यह सिर्फ एक गलती नहीं, बल्कि देश के छात्रों के भविष्य के साथ क्रूर मज़ाक है। इस्तीफा दीजिए @dpradhanbjp
नरेंद्र मोदी ने 8 अक्टूबर 2025 को नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था।
लेकिन 9 महीने में ही भ्रष्टाचार सामने आ गया।
बारिश में एयरपोर्ट की छत से पानी गिरने लगा। हालांकि ये पहला मामला नहीं है, पूरे देश में यही हाल है, क्योंकि 👇
'जहां BJP, वहां भ्रष्टाचार'