Official Twitter Account Yamunanagar Congress Sevadal- Haryana. @CongressSevadal is headed by the Chief Organiser Shri Lalji Desai. RTs are not endorsements.
यह बजट नहीं, वसूली-पत्र है।
बजट से ठीक पहले ‘महंगाई मैन’ मोदी ने जनता पर फिर हंटर चला दिया 👇
⦿ 1 फरवरी से कमर्शियल LPG सिलेंडर 50 रुपए महंगा
⦿ 1 जनवरी को ही 111 रुपए बढ़ाए जा चुके थे
‘मोदी सरकार’ = ‘वसूली सरकार’
महंगाई से राजस्व, जनता से श्रद्धांजलि।
#Budget2026
पिछले कुछ दिनों में मैंने भारत के लोगों के हजारों संदेश पढ़े हैं कि प्रदूषण उनके जीवन पर क्या असर डाल रहा है। सबसे ज़्यादा जो बात सामने आई, वह है डर बच्चों के लिए डर, माता पिता के लिए डर, आने वाले कल के लिए डर जो देश भर के शहरों में रहने वाले परिवार महसूस कर रहे हैं।
प्रदूषण अब सिर्फ पर्यावरण का मुद्दा नहीं रहा, यह एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य आपातकाल बन चुका है।
संसद में इस पर चर्चा होनी चाहिए।
सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
और इस बजट में वास्तविक समाधानों के लिए वास्तविक संसाधन देने होंगे।
भारतीय लोग रिपोर्ट या भाषण नहीं मांग रहे हैं।
वे साफ हवा मांग रहे हैं।
जब जनता को इलाज चाहिए था, बच्चों को शिक्षा चाहिए थी, किसानों को सहारा चाहिए था lतब सरकार ने हजारों करोड़ रुपये यूं ही पड़े रहने दिए।
स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक कल्याण, खेती, ग्रामीण और शहरी विकास सब उपेक्षित।
ये आंकड़े नहीं हैं,ये आम लोगों की टूटी उम्मीदें हैं।
विकास भाषणों से नहीं, बजट खर्च करने से होता है। जनता के हक का पैसा जनता पर ही खर्च होना चाहिए।
#Budget2026
देश की आजादी के लिए जब गांधी, नेहरू और पटेल ने अपना पूरा जीवन जेल की कालकोठरी में खपा दिया, तब RSS अंग्रेजों के आगे नतमस्तक होकर उनसे "मदद" मांग रहा था।
इतिहास गवाह है कि इन "दोगलों" ने कभी तिरंगे का सम्मान नहीं किया। आज ये 'देशभक्ति' का ज्ञान दे रहे हैं? शर्म आनी चाहिए!
आजादी की लड़ाई में RSS का योगदान 'शून्य' था, है और रहेगा।
BJP कहती है कि वो आतंकवाद से लड़ती है, लेकिन एक Quote से कांप जाती है।
अगर सच में दम है, तो बताओ
जनरल की किताब में ऐसा क्या लिखा है, जिससे मोदी सरकार घबरा गई?
संसद में नेता विपक्ष उस किताब का Quote पढ़ना चाहते हैं, और BJP RSS उन्हें बोलने नहीं दे रही।
यही है इनका राष्ट्रवाद
सवाल से डर ,सच से भागना
और सत्ता बचाने के लिए लोकतंत्र का गला घोंटना।
देश की इज्जत नीलाम, सत्ता की भूख बेहिसाब।
Epstein फाइल्स कहती हैं कि मोदी ने विदेशी राष्ट्रपति को खुश करने के लिए नाचा और गाया।
प्रधानमंत्री या दरबारी कलाकार भारत शर्मसार है। सच कितना भी दबाओ, बाहर आता ही है।
अब जवाब दो।
#NachendraModi
जब सत्ता के आसपास संदिग्ध लोग मंडराने लगें और प्रधानमंत्री पर खुलेआम तंज कसे जाएं तो समस्या इमेज की नहीं होती
समस्या होती है उस सत्ता संस्कृति की
जो जवाबदेही खत्म कर देती है।
आज सवाल ये नहीं कि कौन हंस रहा है
सवाल ये है कि देश की गरिमा क्यों गिर रही है।
नज़दीकी सत्ता से नहीं
ईमानदारी से होनी चाहिए।
#NachendraModi
ट्रंप ने ट्रेड डील की घोषणा भी ‘मोदी की रिक्वेस्ट’ पर बताई।
कहा जा रहा है: अमेरिका के लिए 0% टैरिफ, कृषि बाजार खोलना, रूस से तेल बंद, अमेरिका से ज्यादा खरीद।
तो भारतीय उद्योग, किसान और ‘मेक इन इंडिया’ का क्या?
डील की शर्तें क्या हैं—देश को जवाब चाहिए।
"अगर सरकार के पास छिपाने को कुछ नहीं है, तो चर्चा से परहेज़ क्यों?
'Leader of Opposition' को बोलने से रोकना तानाशाही नहीं तो और क्या है? चीन के मुद्दे पर प्रधानमंत्री की चुप्पी और संसद में हंगामा... दाल में कुछ काला नहीं, पूरी दाल ही काली है!
इतिहास में पहली बार, राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा है।
आख़िर जनरल नरवणे के बयान और एपस्टीन मामले पर मोदी जी इतने घबराए हुए क्यों हैं?
आज भारतीय संसद कुछ ऐसी दिख रही है।
लोकतंत्र और संविधान के लिए खड़ा एक निडर शेर और उसके चारों तरफ सच को दबाने की कोशिश करता झुंड।
वे शोर मचा सकते हैं, माइक बंद कर सकते हैं, सत्ता को बचा सकते हैं ,लेकिन हिम्मत को नहीं रोक सकते।
राहुल गांधी बनाम पूरा सिस्टम।
यह शोर नहीं है। यह प्रतिरोध है।
यह भारत की आवाज़ है।
PM compromised है।
सेना प्रमुख की किताब। सीमा की सच्चाई। Epstein फाइलें।
फिर भी मोदी जी संसद से भाग रहे हैं।
ये PR का मामला नहीं है।
ये राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल है।
देश जवाब मांगता है।
#CompromisedModi
पूर्व सेना प्रमुख की किताब ने जो खुलासे किए हैं, वो चौंकाने वाले हैं। सीमा पर जब खतरा मंडरा रहा था, तब निर्णय लेने में ये देरी क्यों?
देश की सुरक्षा से समझौता बर्दाश्त नहीं।
#CompromisedModi
यह “गद्दारों का दौर” है, जहाँ कुर्सी के लिए विचार बिक जाते हैं, और सत्ता के सामने आत्मसम्मान गिरवी रख दिया जाता है।
जो लोग कल तक जनता से वोट माँग रहे थे, आज बीजेपी की गोद में बैठकर प्रवचन दे रहे हैं।
सिद्धांत छोड़ दिए। संघर्ष बेच दिया। बस मंत्री पद चाहिए।
लेकिन याद रखो। इतिहास गद्दारों को नहीं, लड़ने वालों को याद रखता है।
सच आज भी ज़िंदा है, और झूठ की ये पूरी मंडी एक दिन ढहने वाली है।
जनता सब देख रही है।
अब हिसाब होगा, सड़क से संसद तक।
महान स्वतंत्रता सेनानी, संविधानवादी चिंतक
पंडित मोतीलाल नेहरू जी की पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि 🙏
स्वराज, लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों के लिए निडरता के साथ संघर्ष करने वाले पंडित मोतीलाल नेहरू जी ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को बौद्धिक और वैचारिक मजबूती प्रदान की।
उनकी दूरदर्शिता, साहस और राष्ट्रसेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।