स्वागत सप्ताह : द्वितीय दिवस
ग्रीष्मावकाश के बाद विद्यालय लौटे बच्चों ने उत्साहपूर्वक विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया।
हर बच्चे का स्वागत, हर सपने का सम्मान।
#SwagatSaptah#BiharEducationDept
गर्मी छुट्टी का कैलेंडर 7-8 महीने पहले जारी किया गया था। उसके अनुसार शिक्षक अपने परिवार के साथ समय बिताने एवं कहीं घूमने जाने की योजना बना चुके हैं, कई लोगों ने टिकट भी बुक करा लिया है। यह विश्राम अवकाश होता है। ऐसे समय में अचानक प्रशिक्षण सूची जारी करना समझ से परे है। अतः इस निर्णय को जल्द से-जल्द निरस्त किया जाए। @BiharEducation_
एक जिला बोलता है सिर्फ जनगणना करना है,
दूसरा जिला बोलता है आधा स्कूल और आधा जनगणना करना है तो तीसरा बोलता है कि पूरा स्कूल फिर जनगणना करना है,
इससे ज्यादा क्या ही शिक्षक का मज़ाक बनेगा।
मुख्यमंत्री @samrat4bjp जी संज्ञान लीजिए।
जनगणना के नाम पर शिक्षकों के साथ भद्दा मजाक: न किट मिली, न बैग और न ही पहचान पत्र—खाली हाथ कैसे होगा काम...?
बिहार में जनगणना 2027 के कार्यों का आगाज़ प्रशासनिक अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है। फील्ड में डेटा जुटाने की जिम्मेदारी निभाने वाले शिक्षकों को जिस तरह से संसाधनों के अभाव में झोंका जा रहा है, उसने पूरी कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्य मुद्दे: क्यों आक्रोशित हैं शिक्षक?
15KM का सफर और हाथ में सिर्फ 'मार्कर': कई प्रगणकों को 15-15 किलोमीटर दूर सिर्फ इसलिए बुलाया गया कि उन्हें जनगणना की 'किट' दी जाएगी। लेकिन घंटों इंतजार के बाद उन्हें किट के नाम पर सिर्फ एक 'मार्कर पेन' थमा दिया गया। शिक्षकों का कहना है कि यह व्यवहार ऐसा है जैसे किसी दूध पीते बच्चे को टॉफी देकर बहलाया जा रहा हो।
बिना 'पहचान' के फील्ड में उतरने का दबाव: सबसे चौंकाने वाली और असुरक्षित स्थिति यह है कि कहीं-कहीं तो अब तक आई-कार्ड (I-Card) तक नहीं दिया गया है। बिना आधिकारिक पहचान पत्र के किसी अनजान के घर जाकर उसकी निजी जानकारी मांगना शिक्षकों के लिए जोखिम भरा है। जनता बिना प्रमाण के डेटा देने में कतरा रही है, जिससे फील्ड में विवाद की स्थिति बन रही है।
न बैग, न सामग्री—कैसे बनेगा नज़री नक्शा?: जनगणना कार्य की शुरुआत 'नज़री नक्शा' बनाने से होती है। इसके लिए विशेष प्रपत्र और ड्राइंग स्टेशनरी की जरूरत होती है। प्रशासन ने न तो बैग दिया और न ही जरूरी सामग्री। ऐसे में शिक्षक बिना संसाधनों के वार्डों का सटीक खाका कैसे तैयार करेंगे?
प्रशासन से सीधे सवाल:
क्या प्रशासन को शिक्षकों के समय की कोई कीमत नहीं है, जो उन्हें मात्र एक पेन के लिए मीलों दूर बुलाया जा रहा है?
बिना पहचान पत्र के यदि किसी शिक्षक के साथ अभद्रता होती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा?
बिना बुनियादी किट और सामग्री के, इतने बड़े राष्ट्रीय कार्य की गुणवत्ता और डेटा की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी?
निष्कर्ष:
शिक्षकों में इस "आधी-अधूरी" तैयारी को लेकर भारी रोष व्याप्त है। बीआरसी (BRC) और अन्य केंद्रों पर बिना तैयारी के भीड़ बुलाना और खाली हाथ वापस भेजना न केवल संसाधनों की बर्बादी है, बल्कि राष्ट्र निर्माण में लगे शिक्षकों का अपमान भी है।
"हाथ में मार्कर और पहचान गायब! क्या प्रशासन चाहता है कि शिक्षक बिना आई-कार्ड के 'गुप्तचर' बनकर डेटा लाएं? व्यवस्था की यह लापरवाही भारी पड़ सकती है।"
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जब मोनोपॉली होती है तो यही होता है?
सरकार ने BSNL से सारे टॉवर छीनकर प्राइवेट कम्पनियों को बांट दिए ताकि चंदा मिलता रहे।
अब क्या हो रहा है ? BSNL तो बर्बाद कर दिया। जब कुछ ही कंपनियाँ बाजार तय करती हैं,
तो दाम भी वही तय करती हैं…
और जनता के पास चुपचाप देने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता।
इसको रोकने की जिम्मेदारी सरकार की होती है लेकिन सरकार क्यों रोकेगी ?
उसे जनता से टैक्स मिलता है और कंपनियों से चंदा।
#TelecomCompany #ModiMagic #Monopoly
कल एक साहब भिड़ गए और पूछने लगे बताओ ईरान में औरतों को क्या आज़ादी मिली है!
बहस का मूड नहीं था तो मैंने बस इतना कहा- यार पैदा होने की आज़ादी मिली है।
जन्म के पहले गर्भ चेक करके लड़कियों की हत्या का कोई मांमला वहाँ नहीं मिलता।
भाई दो अबोर्शन करवा चुका था लड़के के इंतज़ार में .. मन में ही गालियाँ दी होंगी लेकिन अब जो है सो है।
बाद में लगा नहीं बोलना था..एक और रिश्ता ख़राब हुआ।
अभी - अभी दरभंगा के बाद अब सिवान के शिक्षकों को भी वेतन प्राप्त होने की बात सामने आ रही हैं बधाई हो...!!! अन्य जिलों के शिक्षक अगर सैलरी प्राप्त किए हैं तो जानकारी साझा करे
अभी - अभी दरभंगा के बाद अब सिवान के शिक्षकों को भी वेतन प्राप्त होने की बात सामने आ रही हैं बधाई हो...!!! अन्य जिलों के शिक्षक अगर सैलरी प्राप्त किए हैं तो जानकारी साझा करे
2022 में बहाल शिक्षकों के वेतन विसंगति के मुद्दे को ACS शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर प्रमुखता से उठाने के लिए BSTA- गोपगुट के प्रदेश अध्यक्ष मारकंडेय पाठक जी को बहुत बहुत धन्यवाद साथ ही साथ संगठन के प्रदेश प्रवक्ता एवं हमलोगो के वरिष्ठ सहयोगी अश्विनी पाण्डेय जी को भी बहुत बहुत धन्यवाद । @Ashwini_TET
नीतीश जी ने कहा – “शिक्षकों को उनकी पसंद के ज़िले में पोस्टिंग व ट्रांसफर की सुविधा दी जाएगी।”
TRE 3 भी बिहार के ही शिक्षक हैं, कृपया हमें भी उसी घोषणा का लाभ दीजिए।
#TransferTRE3@NitishKumar@samrat4bjp
बिहार शिक्षा विभाग से अनुरोध है की 2022 में बहाल शिक्षकों के वेतन विसंगति को शीघ्र दूर किया जाये जिससे जनवरी माह का वेतन भुगतान ऐसे शिक्षकों का सही हो कर आये @BiharEducation_@sunilkbv@pankajksingh123