इन लोगों को लगता है,
ऐसे वीडियो बनाने से सड़क बन जाएगी,
अगर जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए ऐसे गिड़गिड़ाना पड़े,
तो ये सब कुर्सी पर क्या सिर्फ मौज करने के लिए बैठे हैँ क्या,
Why doing the right thing becomes exceptional ?
Public service is about having the courage to put public interest above self interest, commitment above comfort.
#TukaramMundhe
What stops babus from being Tukaram Mundhe or Ashok Khemka? - India Today https://t.co/42qmP55A48
सिस्टम ज़ब ईमानदार होता है ना, तो सत्ता को हाई BP की शिकायत हो ही जाती है
तुकाराम मुंडे, महाराष्ट्र के फ़ूड कमिशनर.
इनके ईमानदार होने से क्या ही बदल गया???
- स्कूल के बाहर जंकफ़ूड के ठेले लगने बंद हो गए
- रेस्टोरेंट वाले किचन को साफ़ रखने लग गए
- नकली दूध बनाने वालों ने दुकाने बंद कर दीं.
- 50 करोड़ का नकली फ़ूड मटेरियल पकड़ा गया
- बॉम्बे हाईकोर्ट की कैंटीन का लाइसेंस रद्द हो गया
- 56 अवैध फ़ूड आउटलेट बंद हो गए रातोंरात
इनको हटाने के लिए मिनिस्ट्री को चिठ्ठी लिखी गयी
इनके डिपार्टमेंट के अफसर इनके तबादले के लिए
दिल्ली के चक्कर लगा रहें हैँ
एक बीजेपी विधायक के अवैध रेस्टोरेंट पर ताला लग चुका है.
25 साल की नौकरी में 21 बार ट्रांसफर होने वाले इस ईमानदार अफसर ने सिस्टम में उम्मीद जगाई है
जो काम FSAAI नहीं कर सका, वो तुकाराम जैसे ईमानदार ने कर दिखाया.
आपके हिसाब से कांग्रेस सरकार बनने पर इनको कौन सा डिपार्टमेंट मिलना चाहिए??
Stand by What’s right
Leadership is tested when doing the right thing is not the easiest thing to do.
Positions change. Circumstances change. Principles must endure.
#TukaramMundhe#Leadership#Inspiration#public
इतना तो तय है कि छोटे-छोटे उपचुनावों में EVM सेट करना संभव नहीं होता. इसलिए BJP हिंदी बेल्ट में उपचुनाव हार रही है.
राज्य के बड़े चुनावों में प्रशासन भी सेट हो जाता है, अपने पसंद के वोटर्स चुनने के लिए SIR तो हो ही चुकी है, बड़े स्तर पर EVM भी सेट होती है, शायद बड़े पैमाने पर यह करना आसान होता है! ऐसे में BJP हिंदीभाषी राज्यों में चुनाव जीत जाती है.
लेकिन गोदी मीडिया सवाल पूछता है कि अगर EVM और प्रशासन की सेटिंग थी, तो आप दतिया कैसे जीते? जनसुराज बांकीपुर कैसे जीती?
अब ये सारा मामला भारत का हर समझदार व्यक्ति समझने लगा है. बस ईडियट्स और अंधभक्तों की बात कुछ अलग है.
Amit Shah is solely responsible for the police brutality against India’s students.
If he ordered the attack, he is culpable. If he was unaware, he is incompetent.
"जब बुरा समय आता है,तो ऊँट पर बैठे आदमी को भी कुत्ता काट लेता है"।
लगता है अब भाजपा का भी बुरा समय शुरू हो गया है इसलिए सारी चीज़ें उनके ख़िलाफ़ जा रही हैं।
जंतर मंतर पर आंदोलन के दौरान "पेलेट गन से गोली" चलाई गई।
राहुल गांधी ने इसपर सवाल उठाते हुए कहा है इसके लिए गृहमंत्री जिम्मेदार है क्योंकि दिल्ली पुलिस उनके अधीन है।
जिसके बचाव में जितेंद्र सिंह और संबित पात्रा ने कहा कि "गोली चलाने का आदेश देने का अधिकार मजिस्ट्रेट के पास होता है मंत्री के पास नहीं"
ये बयान बीजेपी को बैकफायर कर गया है।
अब पूछना ये था कि....
"अगर गोली चलाने का आदेश मजिस्ट्रेट देता है तो फिर अयोध्या में उपद्रवी कारसेवकों पर गोली चलाने के लिए मुलायम सिंह यादव जी कैसे जिम्मेदार है"??
Just Speak
FDA Maharashtra has launched grievance redressal portal for citizens. It is AI enabled platform, having auto assignment, auto escalation and built in accountability with traceability features .
https://t.co/597si71Z6E
#TukaramMundhe#FDA
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NEET: 22 lakh students affected
CBSE: 17 lakh students affected
CUET (UG): 16 lakh students affected
That’s 55 lakh students in distress.
Is one incompetent Education Minister more important than 55 lakh students? Why is the Prime Minister not sacking him?
जब पंडित जवाहरलाल नेहरू PM बने, तब भारत भूख, गरीबी और सिर्फ ₹500 करोड़ के बजट से जूझ रहा था।
फिर भी उन्होंने IIT, IIM, AIIMS, ISRO जैसे विश्वस्तरीय संस्थान खड़े कर दिए।
आज 56 इंच, ट्रिलियन इकोनॉमी और PR के दौर में भी लोग पूछते हैं,
"नेहरू ने क्या किया?"
इतिहास हर दिन जवाब देता है। 🇮🇳
#JawaharlalNehru
इसको बोलते हैं हिस्सेदारी।
2 सीट जीतकर तमिलनाडु सरकार में शामिल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने लिया एक मंत्री पद।
राज्यपाल ने शाहजहां को दिलाई शपथ। टीवीके ने मंत्री जी को अल्पसंख्यक कल्याण और वक्फ बोर्ड सौंपा।