"CJP के खिलाफ बजरंगी!"
उत्तर प्रदेश-
CJP के खिलाफ मेरठ में एक प्रोटेस्ट हुआ. करीब 20-22 लड़के इस प्रोटेस्ट में रहे होगें. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि CJP देश के छात्रों को गुमराह कर रही है. प्रदर्शन के दौरान जैसे ही मीडिया आगे आई, सिर्फ एक प्रदर्शनकारी ने मीडिया फेस की. बाकी कैमरों से मुंह छुपाने लगे. किसी को नही मालूम था कि प्रदर्शन का ऐजेंडा क्या है.
तभी हिम्मत दिखाई एक नौजवान ने. आत्मविश्वास बेहतरीन था. भाईसाहब ने अपना परिचय बताया तो वह "बजरंग दल" के नेता निकले. बातचीत में स्वीकार किया कि देश में "वोट चोरी" हो रहे है.
सरकारी पैसों की बर्बादी देखिए..
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पैतृक घर में पिछले 20 साल से कोई नहीं रहता है लेकिन उस घर की सुरक्षा के लिए पिछले 20 साल से PAC का पूरा कैंप ड्यूटी देता है जिसमें 15 जवान चौबीसों घंटे तैनात रहते हैं!
टैक्स पेयर के पैसों की ऐसी बर्बादी इतिहास में आपने आज तक नहीं सुनी होगी.!
राजीव रंजन की पत्रकारिता को भी भी सलाम करता हूँ जिन्होंने ये सच दुनियां को दिखाया!
ट्रांसफार्मर से करंट लगा, गाय की मौत हो गई।
उसके बाद इन बैलबुद्धियों ने कहा हम ट्रांसफर को पीटेंगे।
अरे मूर्खो, ट्रांसफार्मर है कोई अखलाक या पहलू खान नहीं।
कि पीट कर मार डालोगे तो भाजपा ईनाम देगी।
करंट लग जाएगा तो गौमाता की 4-5 पुत्रों संग अर्थी उठेगी।
काले धन पर गहराई से जानिए इरफान का ज्ञान!
2014 में काले धन को बड़ा मुद्दा बनाकर मोदी जी सत्ता के शिखर पर पहुंचे थे,
लेकिन हुए क्या?
सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए?
सरकार ने स्विस बैंक के साथ कौनसी डील की है?
पुरानी सी टी-शर्ट पहने, गले में गमछा डाले.. ये कौन था जो इस प्रोटेस्ट में आया और अपनी आत्मा की गहराई से, भावनाओं में बहे बगैर देश के लोकतन्त्र और उसमें हिस्सेदारी का दावा पेश कर गया.
अभिव्यक्ति की आजादी का मौका मिला था इसे जंतर-मंतर पर. कह रहा है दौड़कर आया हूं. नीरज ने जो लिखा, वो जीवन की हकीकत है. उसी हकीकत को करीब से..बेहद करीब से देखा और चला आया. लाखों की भीड़ में जहां Gen-Z को लफंडर लिखा गया, दिखाया गया. वहां यह नौजवान सरकार को आईना दिखा गया. Gen-Z ही था, शायद किसी ने ठीक से इसे देखा नही. मंच पर क्यों नही बोलने दिया इसे, थोड़ा सा भगतसिंह और बाहर आता. इस देश के युवाओं को थोड़ा और जोश भर जाता. बता जाता कि मौका मिले तो खुद को इस दुनियां के सामने उड़ेल कर रख दो. बता दो सरकारों को संवाद के बिना कोई रास्ता नही है. हिंदू-मुस्लिम और जातियों में बंट चुकी सियासत और देश में ऐसे ही युवा इस लोकतंत्र को जिंदा रखे है.
किसी को इसका नाम पता चले तो जरूर बताना. इसका स्वागत करना है, इसे एक फूलों का हार पहनाना है.
@TheLallantop
कानपुर, यूपी की आर्या सिंह ने NEET परीक्षा दी। आंसर–की के हिसाब से 609 नंबर आने चाहिए थे, लेकिन ऑनलाइन पोर्टल पर 540 नंबर दिखे। 2 घंटे बाद यही रिजल्ट बदलकर सिर्फ़ 167 रह गया। आर्या सिंह अब अपनी फैमिली के साथ जंतर–मंतर पर प्रोटेस्ट में शामिल होने गई हैं और कोर्ट जाने की बात कह रही हैं। #neet