@Deshmukh_0 रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी बनी जिस से मुस्लिमों के बच्चे पढ़ लिखकर अपना भविष्य बेहतर करे लेकिन बीजेपी सरकार और उसके मंत्री उसको ध्वस्त करके मुस्लिमों के बच्चो का भविष्य अंधेरे में कर देना चाहते है
@Dhananj92yadav@ZakirAliTyagi@yasarshah_SP चुनाव में मैदान में पार्टी है केंडिडेट सपा का है तो इसकी फिक्र सपा करेगी कि उनके केंडिडेट जीते अगर नहीं जीतते हैं तो मुस्लिम क्यों फिक्र करे हम अपनी लीडरशिप के साथ है
@ZakirAliTyagi@yasarshah_SP ये कोई बदला लेने की सियासत नहीं हो रही जाकिर ये लीडरशिप को डेवलप करने कि सियासत है बाकी चुनाव है हार जीत होगी तुम्हारे ये टिप्पणी तुम्हारे भाई वसीम अकरम त्यागी के आसपा में पद लेने के बाद तुम भी उस ही की जबान बोल रहे हो जबकि aimim 200 सीटों पर चुनाव लड़ रही है सिर्फ एक सीट पर नहीं
मंसूर अहमद अपने घर पर थे। 19 मार्च 2026 की रात खीरी थाने में एसएचओ कृष्ण मोहन सिंह, उपनिरीक्षक उमेश सिंह और कांस्टेबल अंकित सिंह और त्रिभुवन पांडेय याचिकाकर्ता मंसूर अहमद के घर में जबरन घुसे और उन्हें थाने ले गए। पुलिस ने बिना उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए उन्हें सीधे जेल भेज दिया। अपनी इस अवैध गिरफ्तारी के खिलाफ मंसूर अहमद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी, जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने पीड़ित व्यक्ति को छह सप्ताह के भीतर दो लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश राज्य सरकार को दिया है। बाद में यह राशि जिम्मेदार सहायक पुलिस आयुक्त, बारा, प्रयागराज के वेतन से अनुशासनात्मक जांच के बाद वसूली जाएगी।
अदालत ने माना कि कानूनन याची को व्यक्तिगत मुचलका भरने का अवसर दिया जाना चाहिए था। नियमों का पालन किए बिना आठ दिनों तक जेल में रखना अवैध है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि भविष्य में किसी भी व्यक्ति को हिरासत में लेने पर व्यक्तिगत मुचलका पर ही रिहा किया जाए। यदि कोई व्यक्ति मुचलका देने से इन्कार करता है तो उसकी लिखित या ऑडियो-विजुअल रिकॉर्डिंग अनिवार्य होगी। इन आदेशों का उल्लंघन होने पर प्रतिदिन 25,000 रुपये का मुआवजा देने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
कोर्ट ने व्यक्तिगत मुचलका भरने का अवसर न देने को स्तब्ध करने वाला करार दिया। कहा कि कमिश्नरेट में पुलिस अधिकारियों को दी गई मजिस्ट्रेट की शक्तियों का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हो रहा है। कोर्ट ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि केवल प्रयागराज कमिश्नरेट में ही 2026 में अब तक 721 लोगों को इसी तरह अवैध रूप से हिरासत में लिया गया है।
@AnilYadavmedia1 मुस्लिम क्यो तुम्हारा बोझ उठाकर बीजेपी हराए हम खुद कि लीडरशिप बनाएंगे और ये बनाएंगे हम युवा जो गलती बड़ों ने कि अब दोबारा हम नहीं दोहराएंगे
@Profdilipmandal पहले थोड़ा बहुत इस्लामी ज्ञान हासिल कर ले क्योंकि जजिया मुस्लिमों से लिए जाने वाला जकात का आधा होता है मतलब 1.25% ये कौनसा इतना बड़ा या ज्यादा टेक्स है जो कोई ना दे सके आज तो कोई जजिया भी नहीं है जबकि इतने टैक्स हैं लोगो कि जेब से सरकार पैसे ही खींच रही हैं
@jaydubey970@azizkavish कसाब आतंकवादी था सजा हुई उसकी नमाज ए जनाजा भी नहीं पढ़ाई लेकिन सरकार और पुलिस ने जेल के अंदर ही ये काम अंजाम दिया दूसरा सारे मुस्लिम आतंकी नहीं होते लेकिन मीडिया सारे आतंकवादियों को छिपा लेती हैं और सिर्फ मुस्लिम को सामने कर देती है जैसे लिट्टे, जैसे सैकड़ों आतंकवादी संगठनों है
@AshishNand0@KraantiKumar अभी तक फिलिस्तीनी के 50 हजार बच्चे इस यहूदियों ने मरे हे उनके लिए भी जबान से लफ्ज निकले थे क्या अगर नहीं तो फिर इन यहूदियों की नस्ल से इतनी मोहब्बत क्यों क्या ये नाजायज रिश्ते से बाप बना रखे हैं दूसरा अभी की न्यूज हे इस शैतान ने 35 भूखे लोगो को गोली मारी है क्या तुम और ये इजरायल
ज़ायनिस्ट आतंकी निहत्थे लोगों को मारते हैं, बच्चों को मारता है, महिलाओं को मारता है, बुज़ुर्गों को मारता है। फिर से दोहराता हूँ, जायनिस्ट आतंकवाद मानवता का खुला दुश्मन है। दुनिया के वो देश जो इजरायल के साथ हैं, वो मानवता के दुश्मनों के साथ हैं, आतंकवाद के साथ हैं।
@grok अब तक इस युद्ध में ईरान के कितने नागरिक मारे जा चुके हे और ईरान के हमले में कितने यहूदी मारे जा चुके हैं दोनों की तरफ से आंकड़े स्पष्ट नहीं हैं कृपया जानकारी साझा करे