फैक्ट चेकः विदेश मंत्री एस.जयशंकर को हर्ट अटैक का वायरल दावा फेक है
दावा: पाकिस्तानी सोशल मीडिया प्रोपेगेंडा हैंडल्स यह दावा फैला रहे हैं कि कथित तौर पर भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को दिल का दौरा पड़ा है और उन्हें नई दिल्ली में अस्पताल में भर्ती कराया गया। दावा है कि जयंशकर को यह दौरा 'इंडिया टुडे' की एक खबर सुनने के बाद पड़ा, जिसमें कहा गया है कि ईरान-अमेरिका संघर्ष में युद्धविराम के लिए मध्यस्थता पाकिस्तानी सेना प्रमुख करने वाले हैं।
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फैक्ट चेकः
DFRAC टीम ने जांच में पाया कि यह दावा फेक है। किसी भी सरकारी आधिकारिक बयान और India Today सहित किसी भी मीडिया में एस.जयशंकर के हर्ट अटैक की कोई सूचना प्रकाशित नहीं है।
हमने भारत के विदेश मंत्रालय के आधिकारिक X अकाउंट और Press Information Bureau की वेबसाइट को भी देखा। यहां भी ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली।
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इसके अलावा, एस. जयशंकर के आधिकारिक 'X' (ट्विटर) अकाउंट पर हाल की गतिविधियाँ दिखाई देती हैं, जिनमें पोस्ट और रीपोस्ट शामिल हैं, जो यह संकेत देती हैं कि वे सक्रिय हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैं।
निष्कर्ष:
फैक्ट चेक से साफ है कि वायरल दावा फेक है। किसी भी आधिकारिक बयान या मीडिया रिपोर्ट्स में जयशंकर के संदर्भ में ऐसी कोई सूचना प्रकाशित नहीं है।
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Viral Claim About S. Jaishankar Suffering Heart Attack Is Fake
Claim: Pakistan-based social media accounts are circulating a claim that "India’s External Affairs Minister, S. Jaishankar, suffered a heart attack and was hospitalized in New Delhi after allegedly hearing
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फैक्ट चेकः वाराणसी का 2022 का पुराना वीडियो पश्चिम बंगाल चुनाव से जोड़कर सांप्रदायिक दावा किया गया
सोशल मीडिया पर एक वायरल एक वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ लोगों द्वारा एक शख्स की पिटाई की जा रही है। यूजर्स इस वीडियो को पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद का बताते हुए दावा कर रहे हैं कि नजरूल इस्लाम नामक शख्स हिन्दुओं को धमकी दे रहा था कि बीजेपी को वोट देने पर पश्चिम बंगाल में रहने नहीं दिया जाएगा। तभी कुछ हिन्दुओं ने उसकी जमकर पिटाई कर दी।
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फैक्ट चेकः
जांच में पाया गया कि वायरल वीडियो पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद का नहीं है, बल्कि यूपी के वाराणसी का वर्ष 2022 का वीडियो है। यह वीडियो वाराणसी में अग्निवीर प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी की स्थानीय दुकानदारों द्वारा की गई पिटाई का है।
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https://t.co/jOFIvpxzw1
हमें NBT UP-Uttarakhand के यूट्यूब चैनल पर 17 जून 2022 की एक रिपोर्ट में वायरल वीडियो मिला, जिसके साथ कैप्शन में जानकारी दी गई है, ‘Agnipath Scheme Protest: Varanasi में बाजार बंद करा रहे थे ‘Agniveer’, दुकानदारों ने जमकर की धुनाई’। इस वीडियो में एक बोर्ड को भी देखा जा सकता है, जिस पर ‘टेलीफोन कॉलोनी, नगर निगम-वाराणसी’ लिखा है। वहीं, गूगल मैप पर इस स्थान को देखा जा सकता है। इस घटना के बारे में गूगल पर कुछ कीवर्ड्स सर्च करने पर हमें अमर उजाला, जी बिहार-झारखंड और नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट्स भी मिलीं। जिसमें वायरल वीडियो के साथ विस्तृत रिपोर्ट में इसे वाराणसी का बताया गया है।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर शेयर किया गया वीडियो पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद का नहीं है। यह वीडियो वाराणसी की पुरानी घटना का है, जिसे सांप्रदायिक रंग देते हुए पश्चिम बंगाल चुनाव से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। इसलिए यूजर्स का दावा भ्रामक है।
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फैक्ट चेक: क्या सऊदी रक्षा मंत्री पटाखों की आवाज से चीनी दूतावास में डरकर भागे? जानिए वायरल वीडियो का सच
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि सऊदी अरब के रक्षा मंत्री चीन के नए साल के अवसर पर चीनी दूतावास पहुंचे थे, जहां स्वागत में पटाखे चलाए गए। दावा है कि पटाखों की आवाज सुनकर वह घबरा गए और वहां से भाग खड़े हुए। (1/2)
#FACTCHECK
वायरल वीडियो को गलत और भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। यह वीडियो न तो सऊदी अरब के रक्षा मंत्री से जुड़ा है और न ही किसी चीनी दूतावास की घटना है। वास्तव में, यह 2019 में कुवैत में आयोजित एक रक्षा प्रदर्शनी के दौरान अमीरी गार्ड द्वारा किए गए सैन्य प्रदर्शन का वीडियो है। इसलिए सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है। (2/2)
Old 2022 Varanasi Video Falsely Linked to West Bengal Elections with Communal Claims
Claim: A viral video circulating on social media shows a man allegedly threatening Hindus, saying they would not be allowed to live in West Bengal if they voted for the BJP.
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It is further alleged that a group of Hindus assaulted him in response.
#factcheck: The investigation reveals that the viral video is not from Murshidabad, West Bengal. In reality, it is an old video from 2022 recorded in Varanasi, Uttar Pradesh.
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The footage shows local shopkeepers assaulting a protester during the Agniveer scheme protests in Varanasi. The same video was found in a report published on June 17, 2022, on the NBT UP-Uttarakhand YouTube channel.
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https://t.co/yM70l3P4rN
The caption states: “Agnipath scheme protest: ‘Agniveers’ were forcing shops to close in Varanasi; shopkeepers thrashed them.”
Additionally, a signboard visible in the video reads “Telephone Colony, Nagar Nigam–Varanasi,” which further confirms the location.
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Keyword searches led to multiple credible reports from Amar Ujala, Zee Bihar-Jharkhand, and Navbharat Times, all verifying that the incident occurred in Varanasi during the protests.
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