ओवैसी से पूरी तरह असहमत हो सकते हैं लेकिन लिंचिंग और निर्दोषों को झूठे केस में फंसाने,आज़म के जेल में होते चुप,वीर अब्दुल हमीद की पुण्यतिथि पर कोई ट्वीट नहीं और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से मुस्लिम शब्द हटा कर लिखना;यह ऐसे कारनामे हैं जो उसे कट्टरवाद में सबसे आगे करते हैं!
क्या राजनैतिक विरोध अपराध की श्रेणी में आ गया है. ग्राम प्रधान के खिलाफ क्या लिखा कि पथरा बाजार पुलिस मेरे पीछे पड़ गई
कृपया तुरंत संज्ञान लें
@siddharthnagpol@Uppolice@myogioffice@digbasti
क्या राजनैतिक विरोध अपराध की श्रेणी में आ गया है. ग्राम प्रधान के खिलाफ क्या लिखा कि पथरा बाजार पुलिस मेरे पीछे पड़ गई
कृपया तुरंत संज्ञान लें
@siddharthnagpol@Uppolice@myogioffice@digbasti
अभी तो आप उनके समर्थन को उचित ठहरा रहे हैं आगे कुछ और justify करेंगे. वसीम रिजवी और सलमान रुश्दी बनने में वर्षों लगते हैं.वैसे भी ईमानदारों को दुश्मनों से ज्यादा खतरा कठमुल्लों से है
किसी के लिए बेइंतेहा प्यार तो अच्छी बात है, लेकिन उसको पूजनीय बना कर जिस पार्टी का जय-जयकार कर रहे हैं उसे तुमसे वोट लेना भी शोभा नहीं देता.सच में हम दूसरों के लिए चटाई बिछा सकते हैं या कुर्सी साफ़ कर सकते हैं.अल्लाह रहम करे!
किसी से व्यक्तिगत रंजिश के कारण अपने युवाओं को पार्टी विशेष का गमछा लगाता देख वास्तव में आश्चर्यजनक है. व्यक्तिगत और धार्मिक दो अलग-अलग मसले हैं. मुसलमान तो जान दे सकता है,ज़मीर नहीं. वैसे निष्पक्ष रहकर आप दोनों मसले हल कर सकते थे!
''Political tyranny is nothing compared to the social tyranny and a reformer who defies society is a more courageous man than a politician who defies Government.”
#AmbedkartheRevolution