#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
दयानंद सरस्वती ने संतों का किया अपमान
कबीर साहेब, गुरुनानक देव आदि जिन संतों को पूरी दुनिया पूजती है। दयानंद सरस्वती ने अपनी पुस्तक सत्यार्थ प्रकाश में उन्हीं महान संतों पर अपमान जनक टिप्पणियाँ कर उनका अपमान किया।
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
दयानन्द की सत्यार्थ प्रकाश जलाने लायक है क्योंकि इसके समुल्लास 4 में 11 पुरुषों से समाज नाशक नियोग (दुष्कर्म) करने को कहा गया है। जिससे समाज का केवल नाश हो सकता है।
#संतरामपालजी_Vs_महर्षिदयानंद
दयानंद सरस्वती की अपनी आत्मकथा तथा जीवन चरित्र में उनके भांग, तंबाकू, हुक्का पीने का उल्लेख है। नशेड़ी व्यक्ति समाज सुधारक कैसे हो सकता है।
#वाहरे_समाज_नाशक_महर्षिदयानंद
दयानंद सरस्वती ने पहला वार देवाधिदेव महादेव और हिन्दू देवी-देवताओं पर किया है
महर्षि दयानंद सरस्वती का जीवन चरित्र, पृष्ठ संख्या 125 पर लिखा है—‘तुम जिस लिंग की पूजा करते हो, यदि वह पृथक होकर यहाँ आ गया, तो कैलाश पर बैठा शिव हिजड़ा रह गया!’
#वाहरे_समाज_नाशक_महर्षिदयानंद
सत्यार्थ प्रकाश, समुल्लास 11, पृष्ठ 292-293 पर दयानंद सरस्वती ने
वैष्णवों को ‘धूड़’ अर्थात तुच्छ कहा और भगवान नारायण (विष्णु) सहित वैष्णवों को ‘चोरमंडली’ की संज्ञा दे दी!
#वाहरे_समाज_नाशक_महर्षिदयानंद
दयानंद सरस्वती आत्मकथा, पेज 17; महर्षि दयानंद समग्र क्रांति के अग्रदूत, पेज 21 एवं महर्षि दयानंद सरस्वती का जीवन चरित्र, पेज 50 में उल्लेख है कि दयानंद जी चावल त्यागकर इतना अधिक भांग पी लिया करते थे कि बेसुध हो जाते थे।
#जीवन_रक्षक_पूर्ण_परमात्मा
चौरासी लाख योनियों का सबसे बड़ा बंधन
संसार के सभी भौतिक बंधनों से बड़ा बंधन जन्म और मृत्यु का चक्र है। इस बंधन को केवल पूर्ण परमात्मा कबीर जी की काट सकते हैं क्योंकि कर्म बंधनों को काटने वाले वे बंदीछोड़ हैं। जैसा कि यजुर्वेद अध्याय 5 मंत्र 32 में
#जीवन_रक्षक_पूर्ण_परमात्मा
सच्चा रक्षक कौन?
राखी बांधने से जीवन की हर विपत्ति और अकाल मृत्यु से रक्षा संभव नहीं है। वास्तव में सबका एकमात्र और सच्चा रक्षक पूर्ण परमात्मा (कविर्देव/कबीर साहेब) है, जो तीनों लोकों का भरण-पोषण करता है।
#TrueWorship_EndsSuffering
संत रामपाल जी महाराज जी से नाम लेकर मर्यादा में रहकर सतभक्ति करने से शुभ संस्कारों में वृद्धि होने से दुःख का वक्त सुख में बदलने लग जाता है।
#TrueWorship_EndsSuffering
सतभक्ति से जन्म-मृत्यु रूपी रोग से छुटकारा मिलता है। फिर ये जीव कभी चौरासी में नहीं भटकता। सतभक्ति करने से ही काल की कैद से कविर्देव (कबीर साहेब जी) छुड़वाकर सतलोक ले जाते हैं जो अमर अविनाशी लोक है।
#TrueWorship_EndsSuffering
सतभक्ति से मोक्ष प्राप्त होता है। सांसारिक सुख, जैसे धन-संपत्ति और सेहत तो सतभक्ति के उप-उत्पाद हैं।
सतभक्ति करने से यहां भी सुख मिलता है और परलोक में भी सुख मिलता है।
शिव, सदाशिव और शिवलिंग को लेकर ब्रह्माकुमारी पंथ की मान्यता क्या है? जानने के लिए देखिए वीडियो 'Brahma Kumaris Panth Exposed', सिर्फ Factful Debates यूट्यूब चैनल पर।
शिव, सदाशिव और शिवलिंग को लेकर ब्रह्माकुमारी पंथ की मान्यता क्या है? जानने के लिए देखिए वीडियो 'Brahma Kumaris Panth Exposed', सिर्फ Factful Debates यूट्यूब चैनल पर।
#शिवजी_की_सत_साधना_करो
संक्षिप्त श्रीमद्देवीभागवत के स्कन्ध 3 के अध्याय 4-5, पृष्ठ 138 पर विष्णु जी स्वयं कहते हैं कि मैं (विष्णु), ब्रह्मा और शंकर जन्म-मृत्यु में हैं अर्थात हम नाशवान हैं। तो अविनाशी परमात्मा कौन है Sant Rampal Ji Maharaj YouTube Channel
#शिवजी_की_सत_साधना_करो
शिव जी हैं जन्म-मृत्यु में; जिसका प्रमाण श्रीमद्देवीभागवत, स्कंध 3, अध्याय 4-5 में है। जबकि गीता अध्याय 15 श्लोक 17 के अनुसार उत्तम पुरुष, अर्थात अविनाशी पूर्ण परमात्मा तो अन्य है जो सर्व का धारण पोषण करने वाला है।
#शिवजी_की_सत_साधना_करो
शिव जी को हम समाधि लगाए हुए देखते हैं यानी शिव जी से अधिक शक्ति युक्त भगवान कोई और है जिनकी शिव जी को भी तलाश है। वह वास्तव में पूर्णब्रह्म है। जिनकी वास्तविक जानकारी जानने के लिए देखिए Sant Rampal Ji Maharaj YouTube Channel