जब बिजली विभाग को बेचने की तैयारी हो रही थ�� तब दो रास्ते थे...
एक तरफ़ चुप रहकर प्रबंधन की गुलामी स्वीकार कर लेना और दूसरी तरफ़ हज़ारों कर्मचारियों के अधिकारों की लड़ाई लड़ना।
आदरणीय जीतेन्द्र सिंह गुर्जर साहब ने चुप रहना नहीं चुना।
उन्होंने वो चुना जिसमें मुकदमे थे, बदनामी की साज़िश थी लेकिन साथ में थे हज़ारों कर्मचारियों के भरोसे की ताकत।
सरकारी संस्थान बिकने से नहीं बचते... उन्हें बचाया जाता है। ऐसे ही नेतृत्व से हम गर्व करते हैं अभियंता संघ के महासचिव श्री जितेन्द्र सिंह गुर्जर पर।
#गुर्जर_होंना_आसान_नहीं
#गुर्जर_होंना_आसान_नहीं
#गुर्जर_होंना_आसान_नहीं
@UPRVPAS
जब बिजली विभाग को बेचने की तैयारी हो रही थी तब दो रास्ते थे...
एक तरफ़ चुप रहकर प्रबंधन की गुलामी स्वीकार कर लेना और दूसरी तरफ़ हज़ारों कर्मचारियों के अधिकार���ं की लड़ाई लड़ना।
आदरणीय जीतेन्द्र सिंह गुर्जर साहब ने चुप रहना नहीं चुना।
उन्होंने वो चुना जिसमें मुकदमे थे, बदनामी की साज़िश थी लेकिन साथ में थे हज़ारों कर्मचारियों के भरोसे की ताकत।
सरकारी संस्थान बिकने से नहीं बचते... उन्हें बचाया जाता है। ऐसे ही नेतृत्व से हम गर्व करते हैं अभियंता संघ के महासचिव श्री जितेन्द्र सिंह गुर्जर पर।
#गुर्जर_होंना_आसान_नहीं
#गुर्जर_होंना_आसान_नहीं
#गुर्जर_���ोंना_आसान_नहीं
@UPRVPAS
जब बिजली विभाग को बेचने की तैयारी हो रही थी तब दो रास्ते थे...
एक तरफ़ चुप रहकर प्रबंधन की गुलामी स्वीकार कर लेना और दूसरी तरफ़ हज़ारों कर्मचारियों के अधिकार���ं की लड़ाई लड़ना।
आदरणीय जीतेन्द्र सिंह गुर्जर साहब ने चुप रहना नहीं चुना।
उन्होंने वो चुना जिसमें मुकदमे थे, बदनामी की साज़िश थी लेकिन साथ में थे हज़ारों कर्मचारियों के भरोसे की ताकत।
सरकारी संस्थान बिकने से नहीं बचते... उन्हें बचाया जाता है। ऐसे ही नेतृत्व से हम गर्व करते हैं अभियंता संघ के महासचिव श्री जितेन्द्र सिंह गुर्जर पर।
#गुर्जर_होंना_आसान_नहीं
#गुर्जर_होंना_आसान_नहीं
#गुर्जर_���ोंना_आसान_नहीं
@UPRVPAS
उत्तर प्रदेश में 27000 प्राथमिक विद्यालय बंद करने का विरोध @rajkumarbhatisp जी द्वारा @aajtak के मंच से किया 🙏बड़ी निर्जलल्ता के साथ bjp प्रवक्ता द्वारा कहा जा रहा है कि यह झूठ है मंत्री विधायक ध्यान रखें वोट के लिए टीवी पर नहीं लोगों के बीच आना पड़ेगा
स्कूलों को मर्ज करने की समस्या बड़ी है, लेकिन लोगों का ध्यान नहीं है. प्राइवेट स्कूल सबके बस के नहीं हैं. जो शहर में हैं उनकी फीस देखकर ही आम आदमी घर लौट आता है.
सर्व शिक्षा अभियान पूर्व प्रधानमंत्री माननीय अटल बिहारी बाजपेई जी के नेतृत्व वाली सरकार ने पारित किया था सरकार की सोच थी कि 6-14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाए ।इस अभियान के अंतर्गत सरकार ने प्रत्येक गाँव व मजरे में प्राथमिक विद्यालय व प्रत्येक किमी पर उच्च प्राथमिक विद्��ालय की स्थापना हेतु भवन सहित तमाम संसाधन उपलब्ध कराए
परंतु आज कम/अपर्याप्त छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों को समाप्त करके अन्य विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराने की योजना तैयार की गई है
परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत जनसंख्या वृद्धि की दर घट रही है दूसरी तरफ़ विभाग ने तमाम अधो मानक विद्यालयों को मान्यता प्रदान कर रखी है तमाम ग़ैर मान्यता के विद्यालय ��धिकारियों की मिलीभगत से आज भी संचालित हो रहे है ऐसे में नामांकन कम होना स्वाभाविक है
सरकार ने विधान सभा में सदैव माना है कि छात्र व शिक्षक अनुपात उत्तर प्रदेश में मानक के अनुसार सही है तो फिर विद्यालयों को बंद करने की जरूरत क्या है और यदि सरकार को लगता है कि शिक्षकों की आवश्यकता है तो उसकी कमी नई भर्ती करके करनी चाहिए न कि विद्यालय बंद करके ।
इससे गाँव देहात के तमाम बच्चों से शिक्षा दूर हो जा���गी
लगभग २० हज़ार विद्यालयों का मर्जर पूर्व में करके शिक्षकों की पदोन्नति के अवसर समाप्त कर दिए गए ।वर्ष 2015 से आज तक किसी भी शिक्षक की पदोन्नति नहीं हुई ।इस आदेश से शिक्षकों के हजारों पद समाप्त हो जायेंगे
जिससे कार्यरत शिक्षकों की पदोन्नति नहीं होगी
जो डी एल एड या बीटीसी पास युवक युवतियाँ शिक्षक बनने की उम्मीद में हैं वे शिक्षक नहीं बन पाएंगे
माननीय मुख्यमंत्री जी से अनुरोध है कि इस आदेश ���ो निरस्त करने की कृपा करें।
वैसे भी किसी राज्य में शराब की दुकानों की संख्या में वृद्धि तथा विद्यालयों की संख्या में कमी की नीति आलोचना का कारण बनेगी
जब ग्रामीणों को पता चलेगा कि उनके गाँव का विद्यालय दूसरे गाँव में शिफ्ट किया जा रहा है तो जन आक्रोश लाजिमी होगा ।
हमने अपनी गांव की प्राइमरी देखी है।
बच्चें ढंग से कपड़े तक नहीं पहनकर आ पाते। ठंडियों में फटे जूते तो किसी के पास वो भी नहीं। विद्यालय में भोजन और बाकी सुविधाओं के चलते वे रोज़ आते थे,लेकिन यही विद्यालय दूर हुआ तो?
वे शिक्षा से भी दूर हो जाएंगे।🙏
#SaveVillageSchools
#SaveVillageSchool
कोई मानक,दूरी या कारण जो बड़े बड़े ऑफिस में स्प्रेडशीट परदी गई सूचनाओं के आधार पर विद्यालय विलय जैसी अवधारणाओं को जन्म देते हैं क्या प्रेरित करेंगे?
जंगल,नदी,नालों को पार कर नए विद्यालय में जाने के लिए!
संलग्न वीडियो ऐसी लाचारी
@myogiadityanath@thisissanjubjp
यूपी सरकार तक़रीबन पाँच हज़ार ��रकारी स्कूलों पर ताला लगाने की तैयारी कर रही है? नई शिक्षा नीति 2020 का यही दुष्प्रभाव दिखना था. हम पाँच साल से यही कह रहे थे. अब दिखाने लगा. नई शिक्षा नीति और नामांकन गिरावट का हवाला देकर स्कूल मर्जर की नीति चलाई जा रही है, जिससे गरीब, दलित और पिछड़े तबकों के बच्चों की शिक्षा से दूरी बढ़ेगी। बिना शिक्षक, बिना संसाधन और खराब बुनियादी ढांचे वाले स्कूलों की जिम्मेदारी सरकार पर है, लेकिन दोष छात्रों और शिक्षकों पर मढ़ा जा रहा है। ये नीति शिक्षा नहीं, भविष्य बंद करने की साज़िश है। पहचानिए-ताला स्कूल पर नहीं, आपके हक पर है।
#MTRGS260625 मथुरा ग्रामीण डिविजन EDD कोसीकला उपकेंद्र दलोता के अन्तर्गत ग्राम सैनवा म��ं विद्युत टीम द्वारा डोर टू डोर बकायेदार विद्युत उपभोक्ताओं के संयोजन विच्छेदित किये जा रहे हैं एवं बकाया ��नराशि जमा करने को कहा जा रहा है।
@dvvnlhq
@UPPCLLKO
@aksharmaBharat
@MDDVVNL
निजीकरण के मसौदे में बड़ा खुलासा ग्रांट थॉर्नटन द्वारा बनाई गई बैलेंस शीटमेंबड़े पैमाने परUPERCने पाई है गंभीर वित्तीय अनियमिता बैलेंस शीट मल्टी ईयर टैरिफ रेगुलेशन के विपरीत निजी घरानो को लाभ देने वाली जिस परअंतिम मोहर लगाने वाले कॉ��पोरेशन वसरकार के उच्चअधिकारी जांच के घेरे में।