प्रोफेसर सूर्यनारायणा दुल्ला के समर्थन में आया IIT मद्रास
◆ आईआईटी मद्रास फैकल्टी एसोसिएशन ने जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से जिम्मेदार ठहराने या मीडिया ट्रायल से बचने की अपील ��ी
◆ कहा-"उचित प्रक्रिया के तहत की जाए निष्पक्ष जांच"
#IITMadras
मुस्लिम देशों में बाल विवाह आज भी कानूनी है। इस्लाम इसे हलाल कहता है।
पैगंबर ने 6 साल की आयशा से निकाह किया था।
धर्म के नाम पर पीडोफिलिया को जायज ठहराना कोई छोटी बात नहीं। 🧕☪️
ये है साहिल के पिता का बयान👇
"पिछले 3 महीनों से डायरेक्टर शिरीष केदारे के कहने पर सूर्यनारायण दुल्ला साहिल को जातिसूचक गालियां देते थे और उसको कहते थे कि वो नीची जाति का है इसलिए इसको किसी भी झूठे केस में फंसा सकते थे"
मतलब कोई सेंस है इस बयान का?
साफ़तौर पर झूठ बोला जा रहा है!
🔁 रिपो���्ट करें 🖐️
नाम: विनीत जाटव गांव: खैर
थाना: खैर जनपद: अलीगढ़
⚠️ आरोप: ⚠️ आरोप: वीडियो के कमेंट में श्री राम जी के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करना
🚨 @Uppolice @aligarhpolice
कृपया जांच कर आवश्यक कार्रवाई करें। 🙏
IIT मुंबई, सुसाइड छात्र साहिल के दोस्त का बयान
इश्यू गंभीर है, लेकिन पॉज़िटिव बात ये है कि डायरेक्टर और मैनेजमेंट स्टूडेंट्स की हर बात सुन रहे हैं और खुलकर जवाब दे रहे हैं
कॉलेज में कभी कोई जातिवाद नहीं होता है
एक बात साफ है न चीटिंग होनी चाहिए, न क्राइसिस
जमुई में एक ना��ालिग बेटी के साथ जो कुछ हुआ, उस पर तमाम विपक्षी पार्टियों के नेता बोल रहे हैं, बोलना भी चाहिए क्योंकि मामला बेहद निंदनीय है। लेकिन JNU में एक प्रोफेसर के द्वारा 11 छात्राओं के यौन उत्पीड़न के आरोपों पर ये तमाम नेता मौन हैं.
क्योंकि आरोपी प्रोफेसर कांग्रेस पार्टी का सांसद है.
गजब का दोगलापन है.
@BJP4India @JNU_official_50 @ABVPcentral @INCIndia
#JNU #SexualHarassment #DoubleStandards
@dromsudhaa सिर्फ वोट बैंक के लिए आंबेडकर को संविधान निर्माता बताया गया राजनैतिक पार्टियों द्वारा । वरना संविधान में उनका उतना ही य��गदान था जितना एक किताब के एडिटर का
उस छात्र की जान जाना बेहद संवेदनशील मसला है। उसके परिवार को हुई क्षति की पूर्ति नहीं हो सकती है, लेकिन उसके बाद जो हो रहा है, पूरे समाज में हो रही उस क्षति की पूर्ति भी मुश्किल होती जा रही है। सुनिए और प्रतिक्रिया दीजिए।
राजनीतिक दलों ने IIT बॉम्बे पर होने वाली बहस के लिए अपना प्रवक्ता भेजने से इनकार कर दिया।
कोई भी SC/ST एक्ट पर चर्चा करना या इस विषय को छूना नहीं चाहता।
अर्नब की बात सुनिए।