दिल्ली ही क्या अगर किसी भी बड़े शहर को सुरक्षित बनाना है तो अस्सी प्रतिशत अवैध और असुरक्षित निर्माणों को तोड़ना पड़ेगा, दिल्ली में कई कॉलोनी ऐसी हैं जहाँ फायर ब्रिगेड क्या दुपहिया वाहन नहीं घुस सकते, अभी जो हुआ वह कुछ नहीं है, हम सभी एक बड़ी आपदा के इंतज़ार ��ें बैठे हैं🙄😐😑
मुझे मोक्ष प्राप्ति की इच्छा नहीं, मैं अपने सुकर्मों को बढ़ाते हुए बार बार जन्म लूँगा, अपनी आत्मा को ऋण मुक्त करूँगा, तब तक जब योगेश्वर इस पृथ्वी में पुनः अवतरित नहीं होते, तब कल्प के अंत में नारायण के साथ ब्रह्म में विलीन हो जाऊँगा, यही हरि भक्ति का एकमात्र सार है🙄😐😑
इससे बेहतर इस मुद्दे पर लिखा नहीं जा सकता।
@ajeetbharti जी और उनकी बहन को भद्दी गाली दी गई। उन्होंने पलट कर गाली देने वाले के मुँह पर वही मारा है जो उनके सामने लाया गया। तो केस किस बात का भाई? सारे ट्रोलर्स बुद्धि से कुंद हैं क्या? उनको पता नहीं कि आज dataset सब याद रखता है!
ना ऐसी गलीच टिप्पणी सहनी चाहिए और ना ही graceful language की आड़ में शठ की शठता को शह देनी चाहिए!
एक limit cross होने तक दुर्गा ने भी महिषासुर का प्रलाप बर्दाश्त किया और उसके बाद जब मारने के पहले उसको संबोधित किया तो उन श्लोक��ं में फूल नहीं बरस रहे थे।
ये भाषायी शुचिता वाले भाषा की पवित्रता का निर्बाध ढोंग करें। as if इन दोहरे चरित्र वालों ने जीवन में कभी गाली दी ही नहीं है!
गाली का जवाब एक peer reviewed article नहीं होगा! जिसकी जैसी काबिलियत और औक़ात है उसी हिसाब से उसको समझाना चाहिए और समझाया जाएगा।
कुछ महानुभाव तो ऐसे behave कर रहे हैं जैसे किसी तीन साल के बच्चे के अगर पूछ लिया कि potty कैसे बनता है तो उसको भोजन के chyme बनने की प्रक्रिया तक समझा डालें!!
सब के सब कुंद हैं क्या यहाँ?
मेरे ऊपर SC/ST एक्ट में FIR पर कुछ बातें सवर्ण समाज से
कोई मेरी माँ या बहन पर सीधे बलात्कारी मानसिकता के साथ यह कहे कि उसका विवाह मैं चंद्रशेखर के साथ करा दूँ, और मैं चुप रह जाऊँ तो आप बताइए कि मैं कैसा पुत्र या भाई हूँ?
इतने पर भी चंद्रशेखर को ले कर मैंने कोई जातिसूचक शब्द नहीं बोला, जो उक्त वीडियो में है। जब स्टेज से ब्राह्मणों की बेटियों को खींचने की बातें होती हैं और किसी SC नेता का चेला सोच-समझ कर उकसाने के लिए ऐसी बात करेगा, तो मैं चुप कैसे रहूँगा?
आज व्यक्ति अपने मौलिक अधिकारों को समझे या न समझे, वह यह अवश्य जानता है कि SC/ST एक्ट क्या है। तो मैं जब बोलता हूँ तो मुझे अपनी सीमाएँ (चाहे वह कितनी ही अनुचित क्यों न हों) पता हैं कि क्य�� बोलना है, क्या नहीं।
मैं जानता हूँ कि दिल्ली पुलिस के नॉर्थ अवेन्यू स्टेशन में आजाद समाज पार्टी वालों ने कितना दवाब दे कर रात के बारह बजे यह FIR लिखवाया है जो कोर्ट में दो मिनट नहीं टिकेगा। एक भी धारा ऐसी नहीं है जो होल्ड करेगी।
मैं सैनिक स्कूल का छात्र हूँ और इतनी रैगिंग झेल चुका हूँ कि मेरा मनोबल तोड़ने के लिए दिल्ली पुलिस को कस्टडी में मेरी हत्या करनी पड़ेगी, दो-चार डंडों से मेरा मनोबल नही��� टूटने वाला। और यदि मैं जीवित बच गया तो इसी स्थिति में जंतर मंतर जाऊँगा और अपने समाज से कहूँगा कि बताओ, तुम्हारी बहन और माँ को ले कर कोई ऐसी टिप्पणी करे तो क्या करोगे?
यदि ऐसा कमेंट फिर मेरे वीडियो पर आया तो मैं पुनः उसी तरीके से उत्तर दूँगा जो मैंने दिया। कानून जब तक है, संशोधन नहीं होता, मैं उसका सम्मान करूँगा और दिल्ली पुलिस के साथ पूर्ण सहयोग करूँगा। 92% ऐसे केस केवल प्रताड़ित करने के लिए होत��� हैं।
अंत में, सवर्ण समाज से यह पूछना चाहता हूँ कि क्या इस तरह की टिप्पणी पर मुझे सह लेनी चाहिए थी क्योंकि किसी पार्टी के लोग नाराज हो जाएँगे? क्या ब्राह्मणों की माँ और बहनें इन रेप मैंटिलिटी से संचालित गुंडों के शाब्दिक बलात्कार के लिए जन्म लेती हैं?
चीनी के लिए गजब हाय तौबा मचा हुआ है।
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