“सरकार से अनुरोध है कि ST श्रेणी के भीतर सामाजिक-आर्थिक स्थिति का अध्ययन कर उप-वर्गीकरण पर विचार करे, ताकि आरक्षण का उद्देश्य प्रभावी ढंग से पूरा हो सके। #ReservationPolicy#removemeenafrom_ST
देश में शेड्यूल ट्राइब के 744 समूह हैं, लेकिन ST के लिए आरक्षित सीटों पर सिर्फ एक जाति का वर्चस्व क्यों है?
2017 से 2023 तक का UPSC रिजल्ट देखें और उनमें आरक्षित सीटों का रिजल्ट देखें तो औसतन 35 से 42 % सीटें एक समूह को ही क्यों जा रही ?
2024 में टोटल सीट्स 877 , ST सीट्स का रिजर्वेशन 87 सीट्स , मीणा जाति के बच्चों की सीट्स 23
@roat_mla Have you planned anything concrete for skill development and employment generation?
So far, I do not feel that Waghad has received any real benefit.
Like Modi, your popularity seems to be driven more by political image than by actual ground-level work.
@roat_mla People are struggling to get basic necessities like water.
The youth are trapped in drug addiction.
Even after earning degrees, many young people are forced to work as laborers due to lack of opportunities.
TATA ने सेमीकंडक्टर मंजूरी के 4 हफ्ते बाद ही BJP को दिए 758 करोड़।
➣ मोदी कैबिनेट ने 29 फरवरी 2024 को टाटा ग्रुप की दो सेमीकंडक्टर इकाइयों को मंजूरी दी।
➣ 4 हफ्ते बाद, अप्रैल 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले, इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिए भाजपा को 758 करोड़ रुपये चंदा दिया।
➣ ये 2023-24 में किसी भी पार्टी को मिले सबसे बड़े एकमुश्त चंदे में सबसे ज्यादा था।
#Tata #BJP #TataGroup #Politics #CorporatePolitics #IndiaNews #Transparency #FactCheck #TataBJP #TechIndia #IndianIndustry
Hidma की चर्चा सब जगह
लेकिन जो तुम्हारे सांस रोक देगा आगे जाकर उस पर देशभक्त कुछ बोले
विकास करना है लेकिन किस आधार पर
फौजी भेज रहे हैं वो भी अडानी के लिए
सामान्य नागरिक मर रहे वो भी इन अडानी के लिए
इस सवाल सरकार से क्यों न हो?
नरेश मीणा और राजेंद्र गुढ़ा का संघर्ष इस बार जीत का पक्का था...
तभी एक जातिवादी पनौती की एंट्री हुई... मूल ओबीसी , ब्राह्मण और कुछ राजपूत व मीणा वोट नरेश मीणा के हाथ से खिसक गए...
भ्र्ष्टाचार जीत गया!
ईमानदारी ने बेईमानी से लड़ने की हिम्मत तो दिखाई,
परन्तु भूखे पेट कृशकाय ईमानदारी,
रिश्वत के सप्लीमेंट लेकर पहलवान बनी बेईमानी से नहीं जीत पाई!
नंगे पांव चलने वाली ईमानदारी
जूतों में कीले लगाकर गरीब असहाय लोगों को कुचलने वाली बेईमानी से
एक बार फिर हार गई!
रक्तदान से सम्मानित होने वाले,
रक्तचूसने वालों से हार गए।
यह सदियों से होता आया है।
फिर दोहरा दिया गया।
सत्य हकीकत में कड़वा होता ही है।
कड़वाहट को कौन चुनेगा ?
मीठा बनना होगा।
मीठी छुरी भी चलेगी।
यह धर्मराज की सभा नहीं है।
चुनाव है!
यहाँ साम दाम दंड भेद जायज है!
ईमानदारी की कोशिश नाजायज है!
यही प्रमाणित हुआ है!
सादर।
🙏🏻🙏🏻
पक्ष विपक्ष के वफादार जनता इसपर चर्चा क्यों नहीं करते??
ना इस पर पक्ष बोलेगा ना विपक्ष क्योंकि सब के जलसे है एक बार तुम्हारे तकलीफो से नेता बनने के बाद ये सिर्फ दिखावा ही करते हैं
आज “राष्ट्र निर्माण में आदिवासी” परिचर्चा और विमोचन कार्यक्रम में आपका हार्दिक स्वागत है।
स्थान : इंडिया इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली
समय : 2-5 बजे तक, 21 अगस्त 2025
फ्री एंट्री, नो रजिस्ट्रेशन
नजदीकी मेट्रो स्टेशन- JLN स्टेडियम और ख़ान मार्केट
लोकेशन:- https://t.co/RZ83vIVgpx