योगी राज में एक पत्रकार के पीछे पड़ी मशीनरी?
नोएडा के पत्रकार पंकज पराशर की ये कहानी दंग कर देगी।
फैक्ट हाईकोर्ट के ताज़ा आर्डर से।
हाईकोर्ट इसी 9 दिसंबर 2025 के आदेश में पंकज पराशर को गैंगस्टर एक्ट में बेल दे देता है।
ये योगी राज में एक पत्रकार पर लगाया गया "दूसरा" गैंगस्टर एक्ट होता है।
इससे पहले हाईकोर्ट 23 अप्रैल 2025 के आर्डर में पत्रकार पंकज पराशर को "पहले" गैंगस्टर के मामले में बेल दे चुका होता है।
मगर इससे पहले कि पत्रकार पंकज पराशर बाहर आ सकें,
नोएडा पुलिस उनके खिलाफ दूसरा गैंगस्टर लगा देती है।
अब जबकि पंकज पराशर को दोनो ही गैंगस्टर एक्ट में बेल मिल चुकी होती है,
उनकी एक अन्य मामले में 11 महीने बाद रिमांड माँग ली जाती है!!
और ये घटना दूसरे गैंगस्टर मामले में हाईकोर्ट के बेल के आदेश के सिर्फ 3 दिन बाद घटती है,
यानि 12 दिसंबर 2025 को!!
सवाल ये है कि एक पत्रकार को आप कब तक जेल में रखेंगे?
गिरफ़्तारी के उस पर कितने मुकदमे लाद दिए गए जाएंगे और किन किन मुकदमों में नाम जोड़ दिया जाएगा ?
एक पत्रकार एकाएक ही कैसे मोस्ट वॉंटेड हो गया?
इस बीच पंकज पराशर की जेल तक बदल दी जाती है। उन्हें गौतमबुद्ध नगर से हटाकर प्रतापगढ़ की जेल में शिफ्ट कर दिया जाता है।
सरकारी मशीनरी अड़ी है कि पत्रकार ने रंगदारी मांगी।
उधर पत्रकार का कहना है कि उन्होंने चित्हेरा भूमि घोटाले का पर्दाफाश किया था, जिसमें कई रसूखदार और पुलिस के बड़े अधिकारी भी शामिल थे।
उन पर इस मामले में दबाव बनाया गया और फिर झूठे मामले में गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस तथ्यों पर एक्शन ले, कौन रोकता है?
मगर पुलिस के पास ये तथ्य उसी वक्त कैसे प्रकट होते हैं जैसे पत्रकार की रिहाई का रास्ता साफ होता है?
ये कानून की लड़ाई चल रही है या फिर कोई 'व्यक्तिगत' लड़ाई?
क्या इस प्रदेश में दो तरह के कानून चलते हैं?
कहीं किसी पत्रकार का बेटा एक निरीह को अपनी कार से राजधानी के बीचो-बीच रौंद देता है और कोई सांस भी नहीं लेता है,
और कहीं किसी पत्रकार को आरोप साबित हुए बगैर ही लगातार जेल में रखकर काला पानी की सजा दे दी जाएगी?
आप कोडीन के माफियाओं पर गैंगस्टर नहीं लगा सकते हैं!
आप राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़े छांगुर बाबा केस में गैंगस्टर नहीं लगा सकते हैं!!
मगर एक पत्रकार पर दो-दो गैंगस्टर थोप देंगे और वो भी एक ही थाने में?
यूपी के DGP साहब को चाहिए कि इस मामले में हुए पुलिसिया एक्शन का बस एक “टाइम चार्ट” मँगवा लें।
कि कौन कौन सा एक्शन कब लिया गया?
क्या पता उनकी जानकारी में एक ऐसा मॉडल आ जाए जिसे भविष्य की पुलिसिंग के पाठ्यक्रम में पढ़ाया जाए!!!
@dgpup@Uppolice@PMOIndia@HMOIndia
हिमांशु नागपाल 2019 बैच के IAS ऑफिसर हैं। वाराणसी के सीडीओ हैं। ऐसे अफसर हैं, जिनका काम ही उनकी पहचान है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उनकी टाइमलाइन पॉजिटिव न्यूज से भरी रहती है।
@HimanshuN_ias को हार्दिक शुभकामनाएं।
@DrVNMishraa
युवा मुझ से अक्सर पूछते हैं - “वेदांता की सफलता का राज़ क्या है?”
शायद वे एक लंबे उत्तर की उम्मीद करते होंगे। ऐसा, जिससे एक 50 पन्नों की थीसिस बन जाए।
पर, असल में मेरा छोटा-सा जवाब होता है - “मैं वेदांता की सफलता के लिए बस, जुटा ही रहा। दशकों तक।”
मैं भी युवा था, जब मैंने इसकी नींव रखी थी। मैंने सोचा था कि सफलता एक या दो साल में मिल जाएगी। ज़्यादा-से-ज़्यादा पांच साल लगेंगे।
मैंने वर्षों तक एक छोटे से ऑफिस से काम किया, फोन तक शेयर करता था। मैं लोकल ट्रेन से घर पहुँचता था। थका हुआ, लेकिन मन-ही-मन ख़ुश, क्योंकि मुझे भरोसा था कि मैं बड़ी लंबी पारी खेलने वाला हूँ।
आज कहना आसान है, मगर उस समय मुश्किलों से पार पाना लगभग तोड़ डालने वाला ही था … सब कुछ ही टूटता हुआ-सा लगता था।
पर, मैं नहीं टूटा।
जब मैं अपनी टीम को भुगतान नहीं कर पा रहा था ; जब मैं देख पा रहा था कि ज़्यादातर दरवाज़े बंद हो रहे हैं, तब भी, मैं रुका कहाँ।
पांच साल भूल जाइए। मैंने पहले दस बरसों में रिजल्ट्स नहीं देखे।
मगर, आख़िरकार चीज़ें आगे बढ़ने लगीं। पहले धीरे-धीरे।
फिर एक साथ।
यक़ीन मानिए, सफलता शुरुआत में अदृश्य-सी होती है।
यह समय के साथ, धीरज से बनती है।
और इसे हासिल करने तरीक़ा है - कमिटमेंट और कंसिस्टेंसी। बिना रुके, बिना थके, लगे रहना।
मैं अक्सर कहता हूँ कि मैं वेदांता का पेट्रियट हूँ।
और पेट्रियट टफ़ टाइम्स में कभी हार नहीं मानते। वे और ज़्यादा मेहनत करते हैं।
डेविड पेरेल ने अपने एक लोकप्रिय लेख में कहा है, "कंपनी खड़ी करने के लाभ केवल उन्हीं लोगों के लिए हैं जो हर दिन, हर समय उपस्थित होते हैं। ऐसे वक़्त में भी , जब उनका मन नहीं होता।”
मेरी हर यंग फाउंडर को यही सलाह है - छोटी-सी शुरुआत ही करें, पर बस, बने रहें। ग्रोथ कर्व ऊंचा और नीचा होता रहता है, इस पर मजबूती से टिके रहेंगे तो एक-न-एक दिन यह आपको उठा लेता है।
नोएडा मीडिया क्लब के अध्यक्ष पंकज पाराशर सहित 3 लोग गिरफ्तार !!
कुछ दिन पहले की पत्रकार समूह ने पुलिस कमिश्नर के खिलाफ कई अफसरों को चिट्ठी लिखी थी और फंसाने की आशंका जताई थी।
वहीं, पुलिस का दावा– ये गैंग कुख्यात बदमाश रवि काना का नाम लेकर धौंस दिखाकर उगाही करता है।
पत्रकार पंकज की पत्नी द्वारा CM को भेजी गई चिट्ठी 👇
युवकों ने कारों का काफिला निकाल खतरनाक स्टंट किया और फिर हवाई फायरिंग की। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने 70 अज्ञात युवकों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। घटना हरिद्वार के भेल क्षेत्र की बताई जा रही है।
#uttrakhand#viralvideo#haridwar
यात्रीगण ध्यान दें!!
ट्रेन 12248 Bandra Yuva express में सुविधा के नाम पर रेलवे का हाल, B8 कोच का टिकट वसूला थर्ड एसी का, बैठा दिया गरीब रथ में...
नोट- 1700 कीमत लेकर 1150 वाली सुविधा। @RailwaySeva@RailMinIndia@AshwiniVaishnaw
भारत मंडपम में BOTT Knowledge कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भारत में पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने की योजनाओं पर चर्चा की।@gssjodhpur
It is an honor to receive the Best Performer of the Month award. Your guidance and support have been pivotal. I also extend my gratitude to the team for their collaboration.
Thank you for this recognition.
@PANKAJPARASHAR_@DrPankajVishesh@VinitTomar_