पूरे देश में नशे की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। पहले आमतौर पर कॉलेज में जाने पर बच्चों का नशे के प्रति रुझान दिख सकता था परन्तु अब स्कूली बच्चों से बात करने पर पता चलता है कि अब स्कूल भी इस समस्या से अछूते नहीं हैं। 10वीं, 12वीं के बच्चे भी शराब और ड्रग्स की ओर बढ़ रहे हैं। बच्चों द्वारा हर छोटे-बड़े सेलिब्रेशन में शराब का सेवन किया जा रहा है जो पूरे समाज के लिए गंभीर चिन्ता का विषय है।
नशे के बढ़ते खेल के पीछे वजह प्रशासन और सरकार का इस ओर बेहद गंभीर न होना, पुलिस की इस व्यापार में शामिल लोगों के साथ संलिप्तता तथा पैरेंट्स के पास बच्चों के लिए पर्याप्त समय न होना है। राजस्थान की ही बात करें तो 5 साल में 50 से अधिक पुलिसकर्मी नशे के कारोबार में शामिल पाए गए हैं।
ड्रग्स पर प्रतिबंध के कानून हैं एवं सजा का भी प्रावधान है परन्तु ट्रायल का लम्बा समय, सबूतों का अभाव जैसी वजहों से आरोपी छूट जाते हैं। MDMA टैबलेट जैसे ड्रग्स बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं जिससे युवा इसके चंगुल में फंसते जा रहे हैं और हमारी नई पीढ़ी बर्बाद हो रही है।
दो साल पहले मैंने देशभर में बढ़ रहे क्लब और पब कल्चर के बारे में बयान दिया और इन पर सख्ती की तो मेरा काफी विरोध हुआ परन्तु मेरा इरादा युवाओं की बेहतरी का रहा। नशे की लत ऐसी ही होती है जिसमें नशा करने वाले व्यक्ति को मना करने या सही राह दिखाने पर वो विरोध करता है।
हम सभी को सरकार एवं समाज दोनों के तौर पर ये सोचना होगा कि क्या पैसा कमाना, स्वयं के लिए सुख-सुविधाएं जुटाते रहना या अन्य प्राथमिकताएं हमारे बच्चों के भविष्य से अधिक जरूरी हैं? क्या इसको लेकर कोई प्रभावी कार्रवाई हम नहीं कर सकते?
वैसे तो ये समस्या पूरे प्रदेश में ही फैलती जा रही है परन्तु गंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, जोधपुर में तस्कर गैंग सक्रिय रूप से नशे का कारोबार चला रहे हैं। हमारे समय लगातार इन पर कार्रवाई की गईं थी। अब राजस्थान सरकार को विशेष तौर पर इन इलाकों पर फोकस कर कार्रवाई करनी चाहिए जिससे युवाओं के भविष्य को बर्बाद होने से बचाया जा सके।
मध्य प्रदेश में ED के अधिकारियों की प्रताड़ना से परेशान होकर एक व्यापारी दंपत्ति द्वारा सुसाइड बेहद चिंतित करने वाली है। सुसाइड नोट में व्यापारी ने लिखा कि श्री @RahulGandhi की भारत जोड़ो यात्रा में इनके बच्चों द्वारा शामिल होने एवं अपनी गुल्लक उन्हें देने के बाद से ही उन्हें प्रताड़ित किया गया।
यह विडंबना है कि केन्द्र सरकार संसद में संविधान पर चर्चा करते हुए बड़ी-बड़ी बात कर रही है और दूसरी तरफ आम लोगों को जांच एजेसिंयों द्वारा विपक्षी पार्टी का समर्थन करने पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने जैसी बातें सामने आ रही हैं। ED क्या अब सीधे ही भाजपा के लिए काम करने लग गई है?
इस घटना से लगता है कि सरकार केन्द्रीय एजेंसियों के माध्यम से आम नागरिकों में डर का माहौल पैदा करना चाहती है। ऐसी घटनाएं इतिहास में हुईं तानाशाही की घटनाओं की याद दिलाती हैं जहां आम जनता का सरकार का विरोध करने पर ही सेना, पुलिस, इंटेलिजेंस और तमाम सरकारी एजेसिंयों द्वारा दमन किया गया था।
देश की जनता को सोचना चाहिए कि ऐसी घटनाओं के बाद देश में लोकतंत्र का क्या भविष्य रहेगा?
@PMOIndia@HMOIndia@dir_ed
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में छात्रा के साथ हुए गैंगरेप के आरोपियों के नाम योगी जी ने सदन में क्यों नहीं बताए? उनके घर बुलडोजर क्यों नहीं गया? उनके पैर में पुलिस ने गोली क्यों नहीं मारी?
@TV9Bharatvarsh प्रधानमंत्री जी को जन्मदिन बहुत बहुत मुबारक़ हो ❤️
अगले साल 75साल के हो जायेंगे आशा करता हुँ की प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे कर रिटायर हो जायेंगे 🙏
कमाल ही है!
आजतक / IndiaToday ग्रूप के एक कैमरापर्सन के साथ BJP प्रवक्ता ने हाथापाई की, बदतमीज़ी की, अपने घर से निकाल दिया
लेकिन ग्रूप के एकाध लोगों को छोड़ कर, तमाम दिग्गजों को साँप सूंघ गया
अपने साथी के साथ खड़े होने में भी डर?
हमने स्पीकर से समय मांगा लेकिन उन्होंने नहीं दिया। अगर हमें दलित उत्पीड़न पर बोलने की इजाजत नहीं है तो हम संसद में क्या करेंगे?
कुर्सी पर बैठे हो तो करो न्याय, अगर नही दे सकते तो छोड़ दो कुर्सी -सांसद चंद्रशेखर
काशी के ADM के पास कोई शिकायत लेकर मत जाना, ये बैल बुद्धि के व्यक्ति है, शिकायत करनें वालों को बिना सिंग के टक्कर मारते है।
क्या इस तरह की हरकत किसी अधिकारी को करनी चाहिए....?
“अरे महिला हो, कुछ जानती नहीं हो”
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह बात RJD विधायक रेखा देवी से कही
इस वाक्य का क्या मतलब है भाई? स्पीकर भी असहज हो गये
लेकिन इन्हें इतनी घटिया बात और महिलाओं के प्रति इतनी छोटी सोच पर शर्म नहीं आती?
BJP & महिला आयोग को तो साँप सूँघ गया होगा
@ShahnawazBJP@BJP4India@BJP4Bihar ज़ब बीजेपी के लोग मुसलमानो को आतंकवादी कहतेहै उस वक्त कँहा रहते हो बेवकूफ इंसान शर्म करो थोड़ा सच बात राहुल गाँधी ने बोला सिर्फ बीजेपी के नेताओं को तो सड़कों पर आ गए?
स्पीकर ओम बिरला जनता द्वारा चुने हुए सांसद है।उनको इस बात का ख़्याल रखना चाहिए कि लाखों लोगों द्वारा चुनकर भेजे गए सांसद के साथ कैसा व्यवहार रखना चाहिए।दीपेन्द्र हुड्डा 5 बार के सांसद है।स्पीकर का बात करने का तरीक़ा स्कूल के मास्टर जैसे नहीं होना चाहिए।क्या पता कल आप सांसद की कुर्सी पर बैठे हो और स्पीकर कोई दूसरा बन जाए…
“ महँगाई हमारे हाथ में नहीं है, रुपया अंतरराष्ट्रीय कारण से गिर रहा है, बेरोज़गारी की समस्या नेहरू छोड़ गए; फिर भी और कोई समस्या हो तो पाकिस्तान चले जाओ