नेहरू के समय PR नहीं था, लोगों का mind hijack नहीं होता था, freebies का लालच नहीं था|
freebies का स्वरूप अलग था।आज की तरह सीधे खाते में पैसे, मुफ्त बिजली या गैस जैसी योजनाएं कम थीं|
नेहरू के दौर में सोशल मीडिया, 24×7 न्यूज़ चैनल और डिजिटल प्रचार नहीं था|
नेहरू के सामने क्या था? (1947–1964)
देश अभी-अभी आज़ाद हुआ था।
साक्षरता लगभग 18% थी।
औसत आयु करीब 32 वर्ष।
उद्योग नगण्य, विदेशी मुद्रा कम।
विभाजन, शरणार्थी संकट, रियासतों का एकीकरण।
सड़क, बिजली, विश्वविद्यालय, वैज्ञानिक संस्थान लगभग शून्य से बनाने थे।
इसलिए नेहरू ने:
IIT, AIIMS, बड़े बांध, सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योग, वैज्ञानिक संस्थानों पर ज़ोर दिया।
एक औद्योगिक आधार खड़ा करने की कोशिश की।
मोदी के सामने क्या था? (2014–वर्तमान)
दुनिया की सबसे तेज़ इंटरनेट क्रांतियों में से एक।
बड़ा घरेलू बाज़ार।
मजबूत निजी क्षेत्र।
वैश्विक निवेश आकर्षित करने की क्षमता।
युवा आबादी (Demographic Dividend)।
पहले से स्थापित संस्थान और बुनियादी ढांचा।
इसलिए सवाल यह नहीं कि मोदी ने नेहरू से बेहतर किया या नहीं।
सवाल यह है कि 2025-26 में भारत को और क्या करना चाहिए था या कर सकता है?
नेहरू ने भारत की नींव रखी।
आज की सरकारों का काम उस नींव पर दुनिया की सबसे मजबूत इमारत खड़ी करना था।
2026 में बहस यह नहीं होनी चाहिए कि नेहरू बनाम मोदी कौन बेहतर था।
बहस यह होनी चाहिए कि भारत शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, न्याय और शोध में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ देशों के बराबर क्यों नहीं पहुंच पाया।
लिख रहा हूँ मैं जिसका अंजाम आज,
कल उसका आगाज आयेगा
मेरे लहू का हर एक कतरा इंक़लाब लायेगा
मैं रहूँ ना रहूँ, ये वादा है तुझसे मेरा
मेरे बाद वतन पे मिटने वालों का सैलाब आयेगा।
~भगतसिंह❤️🔥
भगत सिंह, सुखदेव जी,राजगुरु जी के शहीद दिवस पर सादर नमन। जय हिन्द! 🇮🇳
#jaihind#bhagatsingh
खान सर का तगड़ा तंज 😄🔥
“अगर 10 दिन के लिए Strait of Hormuz बंद हो गया, तो गोदी मीडिया आपको लकड़ी पर खाना बनाने के फायदे गिनाने लगेगा।”
और हां, सबसे पहले ज्ञान देने पहुंचेंगे @sudhirchaudhary दोस्तों, आज हम आपको बताएंगे कि लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने के 10 फायदे।
@niranmol@BhimKum49177321@CivilsNetwork Sudama kota wale sab me Khushi ka lahar hai 124
sab ke pass ews rahata hai kyonki eligible hone ke liye income 8 lacs se niche hona chahiye
lagbhagh 65 hajar salary wala bhi ews banakar baitha ye kaise aarthik rup se pichhe hai