अब काली मिर्च में भी मिलावट सामने आई है। UP के गाजियाबाद में फूड सेफ्टी विभाग ने गोदाम पर छापा मारा। यहां छोटे साइज वाली काली मिर्च के दाने को मैदा और गोंद मिलाकर मोटा किया जा रहा था। इसके बाद रिफाइंड तेल की पॉलिश से उसे चमकदार बनाया जाता था। ऐसा इसलिए, ताकि काली मिर्च टॉप क्वालिटी की लगे और महंगे दाम पर बिके। कारोबारी लोकेश गुप्ता है। गोदाम से 3000 किलो मैदा, 900 किलो गोंद, 1200 किलो काली मिर्च, 225 किलो रिफाइंड मिला है।
उत्तर प्रदेश : सहारनपुर पुलिस ने ₹20 के नकली सिक्के (कॉइन) बनाने वाला गैंग पकड़ा। 5 आरोपी गिरफ्तार हैं। पुलिस का दावा है कि यह गैंग अब तक 70 करोड़ से ज्यादा कीमत के नकली सिक्के मार्केट में खपा चुका है।
>उपकार लूथरा
>हिमांशु उर्फ गुल्लू
>कुलदीप
>संतोष चौरसिया
>अनुराग पाल
@AmitGup96968797
उत्तर प्रदेश: प्रयागराज में गोकशी। 3 आरोपी सागर शुक्ला, मां रचना शुक्ला, बहन अनिता शुक्ला गिरफ्तार। 2 आरोपी रज्जन शुक्ला और अंकित शुक्ला फरार हैं। यह दोनों भी सागर के भाई हैं। 3 सितंबर को खूंटे से बंधी नागेश त्रिपाठी की गाय लापता हो गई थी। उसके अवशेष एक कुएं के पास मिले थे। पुलिस ने इनसे गाय की खाल और काटने के औजार बरामद किए हैं।
छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ उसके पिता द्वारा 2023 से लगातार यौन शोषण किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इस दौरान लड़की दो बार गर्भवती हुई।
पहली बार गर्भवती होने पर लड़की की बुआ पर उसे जबरन गर्भपात की दवाइयां खिलाने का आरोप है। वहीं, दूसरी बार गर्भ ठहरने के बाद लड़की को बालिग और शादीशुदा दिखाने के लिए कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड बनवाया गया।
लड़की ने डंगनिया के वासुदेव अस्पताल में एक बेटे को जन्म दिया। इसके बाद नवजात को कथित तौर पर पैसे लेकर बेचने का मामला सामने आया।
पुलिस ने इस मामले में लड़की के पिता शिवशंकर, उसकी बुआ और एक डॉक्टर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
उत्तर प्रदेश की जेलों का खाना इससे बेहतर होता है !!
Video यूपी में सीतापुर जिले के सरकारी स्कूल का है। बच्चों को मिड डे मील में इतनी पौष्टिक सब्जी दी जाती है, खुद देखिए...
गोरखपुर निवासी मोहम्मद नईम को 33 साल लंबे इंतज़ार के बाद इंसाफ़ मिला है। NIA की विशेष अदालत ने 1993 के एक देशद्रोह मामले में उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। फैसला सुनाते हुए अदालत ने जांच में पुलिस की खामियों पर भी कड़ी टिप्पणी की।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। कोर्ट के अनुसार, सरकारी वकील पर्याप्त और ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सके, इसलिए मोहम्मद नईम को सभी आरोपों से बरी किया जाता है।
BJP MLA from Delhi @RaviNegi_mla,
is again targetting Muslim community by sharing a provocative video of a Man name Ganesh Jha pretending to be a Muslim. This was debunked in March by me.
Hello @PIBFactCheck, show some spine, Do your job of calling out people from the BJP.
Hello @narendramodi, Party workers pe bhi ek video banado, Shayad thoda Zaher kam hoga social media pe. Shayad.
इबादत
सादिक
अब्दुल्ला
साहेब
फैजल
आजम
शब्बीर
इमरान
मुश्ताक और राजिक .
इनका नाम ही इनकी पहचान है और इनकी पहचान ही आज के दौर में इनकी सबसे बड़ी मुसीबत है . इस सबको एमपी पुलिस ने दंगा , आगजनी , मारपीट , घर में जबरन घुसने और विस्फोटक रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था , मध्यप्रदेश पुलिस के मुताबिक ये सारे दंगाई थे लेकिन मध्यप्रदेश की ही अदालत ने इन्हें हिंसा और दंगा के आरोपों से बरी कर दिया है . अदालत ने अपने फैसले में ये भी पूछा है कि पुलिस ने आखिर इन 11 लोगों को किस आधार पर दंगे का आरोपी बनाया ? आज इंडियन एक्सप्रेस ने विस्तार से पूरी रिपोर्ट छापी है .
कोर्ट का ये फैसला एमपी सरकार के मुंह पर तो तमाचा है ही इस बात का भी सबूत है कि कैसे इस देश में मुसलमानों को दंगाई घोषित करके सलाखों के पीछे डाल दिया जाता है .
पूरा वीडियो मेरे यूट्यूब चैनल पर