देखिए इस वीडियो कैसे फ्रॉड होता है ऑनलाइन पेमेंट में ...👇
ये लड़का दाहवां बांसी का रहने वाला लड़का है जो 10000 रूपये डालता है QR स्कैन कर के
पेमेंट हो भी जाती है, मगर वो जिसके अकाउंट में डालता है उसके अकाउंट में पैसा नहीं जाता है।
गांव के लोगों ने इसको पकड़ लिया है, फर्जी पेमेंट करता था ये।
सोचने की बात ये है इतना छोटा सा लड़का है ये अगर ये फ्रॉड नहीं है तो इसके खाते में इतना पैसा कहा से आया।
कोई बताएगा ये कैसे हो सकता है..?
क्या ये भी एक नया फ्रोड शुरू हो गया है.?
कृपा इसकी कोई पुष्टि करे क्या ये सच में है या फर्जी है..?
इनका भी लगे हाथ इस्तीफ़ा ले लेंना चाहिए
ये शिक्षा का वो हाल करके जाएँगे की आने वाला युग याद करेगा ।।
इस्तीफ़ा दे दो मदन दिलावर जी आपसे कोई काम नहीं हो रहा है शिक्षा व्यवस्था पर रहम कर दो आप 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
दिव्यांग प्रमाण पत्र के नए नियम सिर्फ RPSC पर ही लागू नहीं हैं, ये राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड और राज्य के बाकी सभी विभाग और संस्थाओं की भर्तियों पर एक साथ ही लागू किए गए हैं।
Take action against
क्रम संख्या 4 पर मौजूद व्यक्ति एक भर्ती में फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट के सहारे नौकरी लेने का प्रयास किया लेकिन वहां से निकाल दिया गया और दूसरी जगह पर अंतिम रूप से चाहन कर दिया कैसे संभव है
@alokrajRSSB@Sog_Rajasthan@RPF_Rajasthan
मेरे पसंदीदा नेता श्री @GovindDotasra जी के अरबपति रिश्तेदार को बेशकीमती ज़मीन का 1/- (एक रूपये) में सरकारी पट्टा…
शिक्षा विभाग में बहुत बड़े अफ़सर रहे श्री रमेश पूनिया जो डोटासरा जी के सुपुत्र श्री अविनाश जी के ससुर हैं, जिनके तीनों बच्चे RAS हैं और साक्षात्कार में 80-80-80 नम्बर लाए थे क्योंकि उन पर अफ़सर और नेता सदा ही मेहरबान रहे हैं…
इस पट्टे की ग़ायब हो चुकी पूरी फाइल निकलवाकर जाँच की जाए तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं लेकिन CM श्री @BhajanlalBjp सहित @BJP4Rajasthan के किसी नेता की औक़ात नहीं है…
मेरी पंक्तियाँ पढ़कर किसी BJP नेता को जोश आ भी गया तो डोटासरा जी के नाम से इनकी धूजनी छूट जाएगी…
डोटासरा जी की जय हो…👍
मगरमच्छों को पकड़ने की बात करने वाले BJP नेता, मगरमच्छों का बाल भी नहीं पकड़ सकते…
सेवा में,
अध्यक्ष महोदय,
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड,
जयपुर, राजस्थान।
विषय: अध्यापक भर्ती परीक्षा 2025 (लेवल-1) में 11 प्रश्नों को डिलीट करने की घोर लापरवाही एवं प्रशासनिक विफलता के संबंध में औपचारिक शिकायत।
महोदय,
हम आपका ध्यान अध्यापक भर्ती परीक्षा (लेवल-1) के प्रश्न-पत्र में हुई शर्मनाक त्रुटियों की ओर आकर्षित करना चाहते है। एक ही परीक्षा में 11 प्रश्नों का डिलीट होना किसी तकनीकी चूक का परिणाम नहीं, बल्कि बोर्ड की अक्षमता, घोर लापरवाही और परीक्षा निर्माण समिति की संवेदनहीनता का सीधा प्रमाण है।
इस संदर्भ में मैं निम्नलिखित बिंदुओं पर बोर्ड की स्पष्टीकरण और कार्यवाही की मांग करते हैं:
प्रश्न-पत्र की गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न: 11 प्रश्नों का त्रुटिपूर्ण होना यह सिद्ध करता है कि प्रश्न-पत्र को अंतिम रूप देने से पहले किसी भी प्रकार के विश्वसनीय 'क्वालिटी चेक' या 'प्रूफ-रीडिंग' का पालन नहीं किया गया।
परीक्षार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़: अध्यक्ष महोदय का सोशल मीडिया पर केवल "दुःख" व्यक्त करना या "सुधार के प्रयास" की बात करना उन हजारों अभ्यर्थियों के लिए एक क्रूर मजाक है, जिनका करियर इस प्रशासनिक विफलता की भेंट चढ़ गया है।
जवाबदेही का अभाव: बोर्ड द्वारा सेटर्स को केवल 'ब्लैकलिस्ट' करने का दावा करना अपर्याप्त है। जब तक संबंधित अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों पर भारी आर्थिक दंड और अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है।
पारदर्शिता की मांग: हम मांग करते हैं कि प्रश्न निर्माण समिति में शामिल उन विशेषज्ञों के नाम और उनकी साख सार्वजनिक की जाए, जिनकी अयोग्यता के कारण लाखों युवाओं का समय, धन और ऊर्जा बर्बाद हुई है।
बोर्ड का यह उत्तरदायित्व है कि वह न केवल इस विफलता को स्वीकार करे, बल्कि प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए उचित मुआवजे या आगामी परीक्षा में शुल्क मुक्ति जैसे ठोस कदम उठाए।
यदि बोर्ड अपनी इस कार्यप्रणाली में सुधार हेतु तत्काल कदम नहीं उठाता, तो प्रभावित अभ्यर्थी अपने अधिकारों के संरक्षण हेतु उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होंगे।
अपेक्षित कार्यवाही:
प्रश्न निर्माण समिति के सदस्यों पर ठोस प्रशासनिक व आर्थिक दंड का विवरण सार्वजनिक करें।
प्रभावित अभ्यर्थियों की हुई क्षति की भरपाई हेतु स्पष्ट नीति घोषित करें।
धन्यवाद।
भवदीय,
समस्त पीड़ित अभ्यर्थी]
लेवल 1
@alokrajRSSB@rajcmo