हमलोग 2047 में विकसित बनने जा रहे हैं ? ? ?
ऐसा क्यों कभी-कभी लगता है कि हम लोग अविकसित और असभ्य भारत की ओर बढ़ रहे हैं !
भारत को अगर developed बनना है तो उसका पहला step है- problems को खुलकर स्वीकार करना
समस्या को deny करेंगे, कभी solve नहीं कर पाएंगे
और जब ये बताया जाता है- हम आगे बढ़ रहे हैं... तो ये जरूरी है चेक करना कि क्या हम सही रास्ते पर हैं?
अगर मैं दिल्ली से चंडीगढ़ के रास्ते पर हूं... अगले एक घंटे के बाद, सोनीपत और उसके एक घंटे में करनाल नहीं पहुंच रहा हूं तो इसका मतलब, मैं चंडीगढ़ कभी नहीं पहुंचूंगा...
क्योंकि असलियत में, मैं उस रास्ते पर ही नहीं हूं.... सिर्फ आंख मूंदकर कल्पना करने से कि हम चंडीगढ़ जा रहे हैं, वहां नहीं पहुंच पाएंगे.... हमें सही रास्ते पर कार को ले जाना ही होगा...
और हां, जब मैं देश की समस्या बता रहा हूं, इसका मतलब ये नहीं है कि मुझे देश से प्यार नहीं है...
मुझे इस देश से बहुत प्यार है, मैं अपने बेटे-बेटियों के लिए आज से ज्यादा सुंदर, ज्यादा विकसित भारत बनाना चाहता हूं...
लेकिन इसके लिए हमें और आपको, साथ आना होगा... आज जरूरत है कि हम सब ऑनलाइन आकर बताएं, देश में क्या-क्या गलत हो रहा है और उसका solutions कैसे निकाल सकते हैं...
तभी हम आजादी के 100 साल पूरे होने पर... 2047 में विकसित भारत के हकदार बन सकते हैं!
Our family had the opportunity to meet Shri @RahulGandhi ji and invite him to Arjun-Saaniya’s wedding.
Thank you for the warmth and hospitality you extended to us.
लगातार परीक्षाएँ रद्द हो रही हैं। अगर परीक्षा केंद्र और प्रशासन परीक्षा आयोजित करने में सक्षम ही नहीं,
@SSC_GoI तो फिर ऐसे केंद्र दिए क्यों जाते हैं?
हज़ारों छात्र अपनी मेहनत, समय और फीस दांव पर लगाते हैं, और बदले में मिलता है सिर्फ़ cancelled exam का नोटिस।
जब हम विकसित भारत के सपने दिखा रहे हैं, तो क्या एक परीक्षा भी तकनीकी और प्रशासनिक त्रुटियों के बिना आयोजित नहीं की जा सकती?
छात्रों के भविष्य के साथ यह लापरवाही हर बार कब तक?
भारत का संविधान सिर्फ एक किताब नहीं, यह देश के हर नागरिक से किया गया एक पवित्र वादा है।
वादा कि चाहे कोई किसी भी धर्म या जाति का हो, किसी भी क्षेत्र से आता हो, कोई भी भाषा बोलता हो, गरीब हो या अमीर, उसे समानता, सम्मान और न्याय मिलेगा।
संविधान गरीबों और वंचितों का सुरक्षा कवच है, उनकी शक्ति है और हर एक नागरिक की आवाज़ है।
जब तक संविधान सुरक्षित है, हर भारतीय के अधिकार सुरक्षित हैं।
आइए, हम प्रण लें कि हम संविधान पर किसी भी तरह का आक्रमण नहीं होने देंगे।
इसकी रक्षा करना मेरा कर्तव्य है और इसपर होने वाले हर प्रहार के सामने सबसे पहले खड़ा रहूंगा।
आप सभी को संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
जय हिंद, जय संविधान।
#Tonk : जिला परिषद में साधारण सभा की बैठक में हंगामा
प्रशासनिक अधिकारी के नहीं पहुंचने पर हुआ हंगामा, जिला परिषद सदस्य भारत राज चौधरी ने अधिकारियों के प्रति जताई नाराजगी, कांग्रेस जिला परिषद सदस्य ने किया साधारण सभा की बैठक का बहिष्कार
@Bssolankizee#LatestNews#RajasthanNews #RajasthanWithZee
मेरा वादा है - बिहार में दुनिया की सबसे बेहतरीन यूनिवर्सिटी बनेगी, बिहार के युवाओं का भी भविष्य यहीं से बनेगा, और दुनिया भर के लोग फिर से यहां अपना रास्ता तलाशने आएंगे।
नालंदा कभी दुनिया का सबसे महान विश्वविद्यालय था - हम सुनिश्चित करेंगे कि उसका वही पुराना गौरव फिर से वापस लौटे।
बिहार के जमुई ज़िले के धर्मपुर गांव के कुछ लोगों से आज दुनिया को रूबरू करवाया - उनके साथ जो हो रहा है, वह लोकतंत्र के लिए सबसे दुखद और शर्मनाक त्रासदी है।
फॉर्म और ज़रूरी दस्तावेज़ जमा करने के बावजूद, गांव के कई लोगों के नाम बिना किसी सूचना या कारण के मतदाता सूची से हटा दिए गए।
दिलीप यादव, एक दिव्यांग नागरिक, जिनका कहीं आना-जाना तक मुश्किल है - उनका नाम “अनुपस्थित” बताकर पूरे परिवार समेत हटा दिया गया।
सुनीता देवी, बंटी कुमार, क्यूम अंसारी, सबकी कहानी एक जैसी है - न सुनवाई, न कार्रवाई।
कई पुराने नाम जबरन मिटाए गए, कई पहली बार के युवा मतदाताओं के नाम जोड़े ही नहीं गए - सैकड़ों लोग लोकतंत्र से बाहर कर दिए गए हैं। क्योंकि वे दलित, पिछड़े या अल्पसंख्यक वर्ग से हैं। क्योंकि वे शायद BJP और उसके NDA सहयोगियों को वोट नहीं देंगे।
यही है असली वोट चोरी - लोगों की आवाज़, अधिकार और मौजूदगी मिटा देना।
और ये सिर्फ धर्मपुर नहीं, बिहार के हर गांव की कहानी बन चुकी है।
मगर, ये लड़ाई रुकेगी नहीं।
संविधान द्वारा दिए गए सबसे बड़े अधिकार, लोकतंत्र के सबसे बड़े हथियार - एक व्यक्ति, एक वोट - की रक्षा के लिए यह संघर्ष जारी रहेगा।
हैलो चुनाव आयोग
@ECISVEEP@SpokespersonECI
यहाँ तो ललन सिंह का सपना पूरा किया जा रहा है। गरीबों, पिछड़ों, अति-पिछड़ों और दलितों को वोट डालने से रोका जा रहा है। यह वीडियो दानापुर नसीरगंज का है."