@dbabuadvocate@myogiadityanath@dgpup क्या तहरीर कॉन्स्टेबल को देना होता है या थाना प्रभारी को, श्रीमान जी क्या कॉन्स्टेबल किसी तहरीर पर मुकदमा लिख सकता है। वकील होकर आप ही ऐसा करेंगे तो पब्लिक से क्या उम्मीद की जाय कानून की। थाना प्रभारी या दिवसाधिकारी के पास क्यों नहीं जाते हो, बस कांस्टेबल पर ही रौब दिखा सकते हो
@dbabuadvocate कार्यस्थल पर किसी के परिजन नहीं आ सकते क्या महोदय , अगर मिलने आ गए तो फोटो ले लिया होगा, क्या पुलिस का परिवार नहीं होता , अगर आप की बेटी होती तब भी प्रॉब्लम होती ,बड़ी घटिया सोच रखते हो
@ramkris98_ram@myogiadityanath@PMOIndia@dgpup@CMOfficeUP@MahilaCongress इसने किसी बाजारू कॉलेज से LLB किया है इसको एक महिला का सम्मान करना नहीं आता वो भी IPS officer का, इसे कोई बताई इसके खानदान में कोई IAS IPS हुआ है या कभी हो पाएगा। इसकी भाषा इसकी खानदान का परिचय देने के लिए पर्याप्त है कुछ कहने की जरूरत नहीं है
@Mohityadav71182 बनारस में पुलिसकर्मी की पिटाई ने न्याय व्यवस्था को चुनौती दी है। जिम्मेदारों की खामोशी सवाल खड़े कर रही है। दोषियों को कड़ी सज़ा मिले, ताकि कोई दोबारा कानून को चुनौती न दे।
क्या वकीलों के लिए कानून संविधान नहीं है???????????
@Nilu_1993@yadavakhilesh@RahulGandhi@myogiadityanath@PMOIndia@dgpup@ravish_journo बनारस में पुलिसकर्मी की पिटाई ने न्याय व्यवस्था को चुनौती दी है। जिम्मेदारों की खामोशी सवाल खड़े कर रही है। दोषियों को कड़ी सज़ा मिले, ताकि कोई दोबारा कानून को चुनौती न दे।
क्या वकीलों के लिए संविधान को मानना न मानना उनकी मर्ज़ी है????????????