“उस मासूम की क्या गलती थी?”
सत्य निकेतन की त्रासदी में अपने बेटे, अर्पित जाज, को खोने वाला परिवार डबडबाई आंखों से यही सवाल पूछ रहा है।
अगर अच्छे और सुरक्षित हॉस्टल होते, तो उन्हें अपने बच्चे को ऐसी खतरनाक जगह में रखने के लिए मजबूर न होना पड़ता। और अगर सुरक्षा मानकों का सच में पालन होता, तो शायद यह त्रासदी होती ही नहीं - एक ऐसी त्रासदी, जिसकी कल्पना उन बच्चों और उनके माता-पिता ने सपने में भी नहीं की होगी।
सिस्टम की गैर-जिम्मेदारी और भ्रष्टाचार ने सपनों से भरी कई जिंदगियां छीन लीं और उम्मीदों से भरे कई परिवारों को उजाड़ दिया।
अर्पित का परिवार भी पूरे देश की तरह जवाबदेही मांग रहा है। वे चाहते हैं कि छात्रों की जिंदगी की जिम्मेदारी तय हो, ताकि फिर किसी माता-पिता को अपने बच्चे को इस तरह खोने का दर्द न सहना पड़े।
सिस्टम से मेरा सीधा सवाल है: नए और सुरक्षित हॉस्टल क्यों नहीं बनाए जा रहे? छात्रों को असुरक्षित PG में रहने के लिए मजबूर क्यों होना पड़ रहा है? सत्य निकेतन हादसे की जांच कहां तक पहुंची?
देश पर एक system का कब्ज़ा है - परत दर परत।
कौन है ये सिस्टम?
RSS और "हम दो, हमारे दो" की अगुवाई में गिनती के लोगों ने मिल कर भारत की हर संस्था पर अपना नियंत्रण कर लिया है।
सरकार हो, व्यापार हो, शिक्षा हो, स्वास्थ्य हो, खेल हो, मीडिया हो, न्यायपालिका हो, चुनाव आयोग हो या bureaucracy - इस सिस्टम में हुनर नहीं, पैसा और पहुंच मायने रखता है।
इस क़ब्ज़े के खिलाफ, भ्रष्टाचार के खिलाफ, अन्याय के खिलाफ छात्रों की आवाज़ ही सिस्टम के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।
इसीलिए system को students से खतरा है - क्योंकि वो सवाल पूछते हैं, जवाबदेही मांगते हैं।
इसी डर से सिस्टम छात्र नहीं, अंधभक्त चाहता है - छात्रों को प्रताड़ित करता है, अंधभक्त को बढ़ावा देता है, ताकि कोई सवाल न उठे और मनमानी चलती रहे।
#ChhatronKiGoonj
जननायक श्री राहुल गांधी ने पूरे देश के साथ ही मध्य प्रदेश के छात्रों और युवाओं को भी उनके अधिकारों के प्रति आंदोलित कर दिया है।
कल इंदौर में छात्रों की गूंज के माध्यम से राहुल जी ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था, नौकरियों में धोखाधड़ी, नौकरी से जुड़े घोटालों, कांग्रेस सरकार द्वारा मध्य प्रदेश में दिए गए 27% आरक्षण को जानबूझकर लागू न करने जैसे विषय छात्रों के मुख से ही देश के सामने रखवा दिए।
पूरा देश देख रहा है कि भाजपा सरकार छात्र और युवा विरोधी है। भाजपा की नीतियां रोजगार विरोधी और शिक्षा विरोधी हैं।
देश की जनता अब राहुल जी को ही सच्चा नेता मानती है। विज्ञापन और प्रॉपगैंडा वाले नेताओं का समय अब बीत चुका है।
@RahulGandhi@INCIndia
8 अगस्त 1942 को महात्मा गांधी जी के आह्वान पर शुरू हुआ 'भारत छोड़ो आंदोलन', भारत की आज़ादी की लड़ाई का निर्णायक अध्याय बना।
अंग्रेज़ी हुकूमत के खिलाफ़ उठी इस जनक्रांति के सभी अमर स्वतंत्रता सेनानियों को विनम्र श्रद्धांजलि🙏🏼
प्रयागराज आ रहा हूं - देश के उस शहर में जहां सबसे ज़्यादा नौजवान तैयारी करते हैं।
एक बात साफ़ है: यहां का हर छात्र जानता है कि system बेईमान हो चुका है। आपकी मेहनत में कोई कमी नहीं - कमी उस system की नीयत में है जो आपकी मेहनत का दाम नहीं देती।
पेपर लीक, रुकी भर्तियाँ, सालों का इंतज़ार और जवाबदेही किसी की नहीं।
कोटा में छात्र बोले, देहरादून में फिर आवाज़ उठी और दिल्ली में इन्हीं बच्चों पर लाठियाँ चलीं - सिर्फ़ सवाल पूछने के लिए। आखिर में एक मंत्री को जाना पड़ा।
यह सरकार झुकती है बस आवाज़ एक साथ उठनी चाहिए।
कल प्रयागराज में यही बात करने आ रहा हूं। आप भी आइए। 8 अगस्त, शाम 5 बजे - के.पी. ग्राउंड, प्रयागराज।
#ChhatronKiGoonj
"The energy of India's women is trapped. It is not allowed to express itself. It is not allowed to imagine. For me, no country can be successful if its women are not expressing themselves.
And I think a lot of my politics, and a lot of what politics should be in this country, is about making people understand that our country is stunted and incomplete without the expression of women."
Watch this video to hear LoP Shri @RahulGandhi's addition to yesterday's message to young women.
आज सर्व स्वर्णकार समाज झाँसी एवं स्वर्णकार भारतीय सेवा संस्थान द्वारा सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान हेतु श्री मनोज सोनी जी एवं श्री जितेंद्र सोनी जी का सम्मान किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाराज अजमीढ़ जी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ।
इस अवसर पर मुझे भी सहभागिता का अवसर प्राप्त हुआ, जिसके लिए मैं स्वर्णकार समाज का हृदय से आभारी हूँ। सामाजिक समरसता एवं समाज सेवा के लिए उनके प्रयास सराहनीय हैं।
NEET। CBSE। SSC। और आज CUET।
चार परीक्षाएँ। एक करोड़ बच्चे। एक भी ईमानदारी से नहीं हो पाई।
दावे "विश्वगुरु" के, मगर देश में एक परीक्षा नहीं करवा सकते - मोदी जी ने पूरी शिक्षा व्यवस्था तबाह कर दी है।
जिस पीढ़ी का भविष्य आप बर्बाद कर रहे हैं - वही पीढ़ी आपका हिसाब करेगी।
आधुनिक भारत के निर्माता,भारत के प्रथम प्रधानमंत्री व भारत रत्न पंडित जवाहरलाल नेहरू जी की 62वीं पुण्यतिथि पर उन्हें शत् शत् नमन।
#JaiJawahar 💐
Shantivan Rajghat
“पंचायती राज, सच्चे लोकतंत्र का प्रतिनिधित्व करता है” ~ महात्मा गाँधी
सभी देशवासियों को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
पंचायती राज संस्थाएँ हमारे लोकतंत्र की मज़बूत नींव हैं। भारत की असली ताकत गाँवों में बसती है, इसलिए गाँवों का सशक्त विकास ही देश की प्रगति का मार्ग है।
महात्मा गांधी और विनोबा भावे के “ग्राम स्वराज” के विचारों से प्रेरित होकर, राजीव गांधी के प्रयासों से कांग्रेस ने 73वाँ संविधान संशोधन लागू किया, जिससे पंचायती राज को संस्थागत मजबूती मिली और लोकतंत्र जमीनी स्तर तक पहुँचा।
आज देश की पंचायतों में 33% महिला आरक्षण, केवल कांग्रेस की वजह से है। कहीं-कहीं ये 50% तक है। इसके चलते 15 लाख महिलाएँ पंचायतों का हिस्सा हैं और ज़मीनी स्तर पर अपना राजनीतिक योगदान दे रही है। दूसरे किसी भी देश में इतनी महिलाएँ ज़मीनी राजनीति से नहीं जुड़ी है। ये भारत के लिए बड़ी उपलब्धि है।
डॉ. मनमोहन सिंह ने वर्ष 2010 में इस दिन को ‘राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस’ के रूप में घोषित किया।
कांग्रेस पार्टी ग्राम स्वराज की भावना को मजबूत करने के लिए पूरी तरह समर्पित है।
कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष व राज्यसभा सदस्य आदरणीय श्रीमती सोनिया गांधी जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई।
आपका शालीनता, अपनत्व व नेतृत्व हम सभी की शक्ति है। हमारी कमाना है कि आपका अमूल्य मार्गदर्शन सदैव प्राप्त होता रहे।
ईश्वर आपको स्वस्थ, सुखी व सुदीर्घ जीवन प्रदान करें।