साउथ में एक मूवी आई थी.जिसमे चुनाव जीतने के लिए प्रत्याशी दो दिन पहले अपने बाप को मार देता है और सहानुभूति वोट पाकर मंत्री बन जाता है.बिहार में भी ऐसा हो सकता है.
शादी की बात चल रही है, सुहागरात किसके साथ मनायी जाएगी ये कैसे पता चलेगा- लालू पुत्री रोहिणी
ये स्तर है इनकी राजनैतिक भाषा का- क्या किसी बात को काउंटर करने में इससे बेहतर शब्दों का प्रयोग नहीं किया जा सकता था?
खैर से सब शिक्षा और संस्कारों से आता है।