श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने पं जीतेंद्र मिश्रा,
चंपत राय की जगह गोविंद देव गिरि महासचिव बनाए गये ||
“क्षत्रियों के लिए ट्रस्ट में कोई जगह नहीं है��😷
• राम मंदिर ट्रस्ट के 15 सदस्यों में 9 स्थाई और 6 पदेन सदस्य है, सभी स्थाई सदस्य “ब्राम्हण” हैं एक भी क्षत्रिय, OBC या दलित नहीं है |
आखिर क्यों....?
• राममंदिर ट्रस्ट के 9 स्थाई सदस्य :—
1. के परासरण — ब्राह्मण
2. जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वतीजी महाराज —ब्राह्मण, बद्रीनाथ स्थित ज्योतिष पीठ शंकराचार्य
3. जगतगुरु मध्वाचार्य स्वामी विश्व प्रसन्नतीर्थ जी महाराज — ब्राह्मण, कर्नाटक के उडुपी स्थित पेजावर मठ के 33वें पीठाधीश्वर हैं.
4. युगपुरुष परमानंद जी महाराज — ब्राह्मण, अखंड आश्रम हरिद्वार के प्रमुख |
5. स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज — ब्राह्मण, महाराष्ट्र के अहमद नगर में 1950 में जन्म हुआ |
6. विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्रा — ब्राह्मण, अयोध्या राजपरिवार के वंशज हैं |
7. महंत दिनेंद्र दास — ब्राह्मण, अयोध्या के निर्मोही अखाड़े के प्रमुख हैं ...
8. अनिल मिश्र — ब्राह्मण, म���लरूप से अंबेडकरनगर निवासी अनिल अयोध्या के प्रसिद्ध होम्योपैथी डॉक्टर हैं ।
9. श्री कामेश्वर चौपाल — दलित, अयोध्या आंदोलन से जुड़े रहे हैं. कारसेवक ....
9 स्थाई सदस्य में 8 ब्राम्हण व 1 दलित (कामेश्वर चौपाल) थे, जिनका 68 वर्ष कि आयु में 07/02/25 को स्वर्गवास हो गया.. अब सिर्फ 8 स्थाई सदस्य बचे हैं और सभी 100% ब्राम्हण है |
• Question — क्षत्रिय, OBC और दलित सिर्फ राममंदिर में चढ़ावा चढ़ाने के हकदार हैं, राममंदिर ट्रस��ट में सहभागिता के हकदार नहीं हैं ..?
ट्रस्ट के अधिकार क्षेत्र, स्थाई सदस्यों के अधिकार क्षेत्र कि जानकारी :—
ट्रस्ट के डीड में ही साफ कर दिया गया है कि इसके गठन के बाद सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं होगी यानी यह सरकारी दखल से पूरी तरह मुक्त होगा।
• Notes - अर्थात, राममंदिर ट्रस्ट में सरकार कि कोई भी दखल नहीं है, सर्वेसर्वा स्थायी सदस्य ही सब कुछ है |
साथ ही, ट्रस्ट को राम मंदिर निर्माण और उसके रखरखाव के लिए धन जुटाने और उसके प्रबंधन की पूरी छूट होगी। इसमें भी सरकार का कोई दखल नहीं होगा...
• पदेन सदस्य (Ex-officio member) कि जानकारी:—
पदेन दो सदस्यों का चयन ट्रस्ट करेगा, ट्रस्ट के दो सदस्यों के चयन का अधिकार ट्रस्ट के स्थाई सदस्यों को दिया गया है । जो मतदान के बाद बहुमत के आधार पर इनका चयन करेंगे।
लेकिन ध्यान योग्य बात यह है कि 🤔 इन दोनों सदस्यों के चुनाव में सरकार की ओर से मनोनीत आइएएस अधिकारी व अयोध्या के जिला मजिस्ट्रेट के रूप में पदेन सदस्य भाग नहीं ले सकेंगे। सिर्फ स्थाई सदस्य ही लेंगे ...
(स्थाई सदस्य कौन है आपको पता ही है, वह किनका चयन करेंगे यह भी आप समझ ही सकते हैं )😭
इसका 15वां सदस्य भी पदेन होगा, जो ट्रस्ट द्वारा राम मंदिर कांप्लेक्स के विकास और प्रशासनिक देखरेख के लिए बनने वाली कमेटी का अध्यक्ष होगा। इसका चयन भी ट्रस्ट के सदस्य ही करेंगे।
खैर, अब आप लोग समझ ही गये ह��ंगे कि राममंदिर ट्रस्ट कि कार्यप्रणाली किसके ��ाथों में है, और किसे श्रेय या किसे दोष देना है |
सरकार से मांग है कि राममंदिर ट्रस्ट को भंग कर नया ट्रस्ट का निर्माण करें, उस ट्रस्ट में क्षत्रिय, ब्राम्हण, अहीर, कुर्मी, जाट, दलित, कुम्हार, राजभर, लोधी व अन्य वर्ग को भी शामिल करें..
इससे सभी वर्गों में राम मंदिर ट्रस्ट के प्रति विश्वास भी बना रहेगा और ट्रस्ट के कार्यों में ईमानदारी और सहभागिता भी रहेगा।
@RajeshYadavYKT देखिये यादव जी, मैं भले यादव का बहुत सम्मान करता हूं लेकिन जो व्यक्ति हर दूसरे दिन हमारे धर्म संस्कृति और देवी देवताओं का उपहास उड़ाता हो हर दिन अपमान करता हो, उसको उसकी सही औकात दिखाना ज़रूरी है 🙏
@sauravyadav1133 ये जो Ph.D किए हुए यादव जी हैं, इनकी पोस्ट पे ध्यान दिए आप। इनकी हरकत के हिसाब से बस दूध निकालने को बोला गया बहुत सहूलियत दे दी है तिवारी जी ने। इस यादमुले को जन्मकुंडली और भजन से दिक्कत है। ऐसे लोगों को सम्मान नहीं, जूता दिया जाता है चाहे वो किसी जाति से आए।
-गरीबों की पीठों पर लठैतों की लाठियों के निशान तुम लोगों की देन है
- उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा SC/ST के मुकदमे तूम लोगों पर लगे है,
- देवी देवताओं का अपमान तुम लोग करते हो,!
-गरीब पिछड़े वर्ग का हक तुम लोग खा रहे हो
- सबसे ज्यादा जातिवादी तुम लोग हो
हमारे पड़ोस में एक भैया हैं उन्हें पिछड़ों के आरक्षण से समस्या है वो अक्सर हमसे पूछते हैं कि यादव खुद को पिछड़ा क्यों कहते हैं वो तो संपन्न हैं❓
इस सवाल का जवाब तिवारी जी दे रहे हैं
तिवारी जी जिन संतोष यादव को दूध निकालने के लिए कह रहे हैं वो संतोष यादव Ph.D किए हुए हैं, साइंटिस्ट हैं विदेश में रहते ��ैं फिर भी तिवारी जी उनसे कह रहे हैं कि जाओ दूध निकालने का टाइम हो गया है। पहली बात तो दूध निकालना मेहनतकश और सम्मानजनक काम है बजाए कि किसी को मूर्ख बनाकर अपना घर चलाने के।
इसका मतलब ये है कि यादव पिछड़े नहीं हैं पिछड़ी तो सोच है जो खुद को सवर्ण कहते हैं उनकी।
और आरक्षण गरीबी हटाने के लिए नहीं है वो सम्मान दिलवाने के लिए है और तब तक रहना चाहिए जब तक कमलेश तिवारी जैसों की सोच ना बदल जाए।
-गरीबों की पीठों पर लठैतों की लाठियों के निशान तुम लोगों की देन है
- उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा SC/ST के मुकदमे तूम लोगों पर लगे है,
- देवी देवताओं का अपमान तुम लोग करते हो,!
-गरीब पिछड़े वर्ग का हक तुम लोग खा रहे हो
- सबसे ज्यादा जातिवादी तुम लोग ���ो
-गरीबों की पीठों पर लठैतों की लाठियों के निशान तुम लोगों की देन है
- उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा SC/ST के मुकदमे तूम लोगों पर लगे है,
- देवी देवताओं का अपमान तुम लोग करते हो,!
-गरीब पिछड़��� वर्ग का हक तुम लोग खा रहे हो
- सबसे ज्यादा जातिवादी तुम लोग हो
कमलेश तिवारी को शायद मालूम नहीं है कि दूध निकालना मेहनतकश और सम्मानजनक काम है, और यह पाखंड के जरिए भोले-भाले लोगों को मूर्ख बनाकर शोषण द्वारा जीवन-यापन करने से बेहतर है।
कमलेश तिवारी को शायद मालूम नहीं है कि दूध निकालना मेहनतकश और सम्मानजनक काम है, और यह पाखंड के जरिए भोले-भाले लोगों को मूर्ख बनाकर शोषण द्वारा जीवन-यापन करने से बेहतर है।
Exclusive-
“पाँच दिन बाद योगी के दरवाज़े पर एक जान और जाएगी!!”
जयंत चौधरी से लेकर योगी तक!
यूँ फूट पड़ा शामली में मारे गए हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की पत्नी सीमा का दर्द!!
इंटरव्यू का टीज़�� यहां।
पूरा इंटरव्यू बेहद जल्द!!
भारत में जब कंप्यूटर आया, तो उससे जन्मकुंडली बनवाई जाने लगी। अब ह्यूमनॉइड रोबोट आया है, तो उससे भजन और नाच करवाया जा रहा है। शायद इससे ऊपर कुछ सोच भी नहीं सकते हैं।