It was such a peaceful movement, feel so sad that it had to take a violent turn. My heart goes out to the students and their families who were hurt. Paper leak is a very serious issue, and I am glad to know n see that the kids of our country have come together for a better educational system, and their parents supported them.
I truly appreciate the stand they have taken, showing dedication, sincerity, and keenness to study hard n make their future and a greater, educated India. This andolan, this protest, is the right way to go abt it, n the students have done this peacefully. So courageous and brave. Driven and motivated towards education, this generation will make India proud.
This issue is between the students and the educational system, it should not be hijacked politically, the credit should only go to the students of our country, and I am sure the government will also give them all the support n make it a stronger educational system. It’s a win-win situation. Hoping n praying for a positive decision. God bless all of you who wanna be educated.
Education should be the next trend and fashion, and should get trendier n more fashionable yr by yr, itna k bahar se log come to India to study and India becomes an educational hub.
"यदि राम केवल नारों में रहेंगे और मर्यादा व्यवहार से गायब रहेगी, तो मंदिरों में ताले बढ़ते चले जाएंगे" 💯🔥💯🔥
राम मंदिर में चोरी के मुद्दे पर शेखर सुमन के ये 3 मिनट एकदम लाजवाब है। 🫡🫡
और अंत में जय श्री राम तो बहुत ही गजब। 🚩💯🔥🔥
कम से कम नोएडा के एक चैनल ने तो करोड़ों राम भक्तों की ओर से सीना ठोक कर चंदा चोरों से सवाल पूछने की हिम्मत की।
पत्रकार विपिन चौबे ने बहादुरी का परिचय दिया 👍 @TV9Bharatvarsh
नरेंद्र मोदी बहुत नाराज हैं 😡
सरकार ने सिर्फ 11 दिन में पेट्रोल-डीजल के दाम पूरे 8 रुपए बढ़ा दिए.
मोदी ने इसे शासन चलाने की नाकामयाबी का सबूत बताया है.
मोदी ने प्रधानमंत्री से पेट्रोल-डीजल के जो दाम बढ़े हैं, उसे वापस लेने की मांग रखी है.
क्या मोदी की बात सुनी जाएगी 🤔
NEET की परीक्षा में पेपर लीक होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है।
छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए यह खबर निश्चित रूप से निराश करने वाली है। फिर भी थोड़ी राहत की बात यह ��ै कि सरकार ने परीक्षा रद्द करते हुए तुरंत ही दोबारा परीक्षा कराने की घोषणा की है।
ऐसी कठिन परिस्थिति में छात्रों और उनके माता-पिता को धैर्य बनाए रखने की आवश्यकता है। निराशा से बाहर निकलते हुए एक बार फिर नए जोश, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी में जुट जाना चाहिए। मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती।
घबराने के बजाय विद्यार्थियों को यह विश्वास रखना चाहिए कि उनका परिश्रम अवश्य रंग लाएगा। हर चुनौती के बाद एक नया अवसर भी आता है, और यही समय है खुद को मानसिक रूप से मजबूत रखने का।
साथ ही सरकार को भी इस मामले में दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और छात्रों का भरोसा शिक्षा व्यवस्था पर हमेशा ब���ा रहे।
#NEET #Super30 #AnandKumar
गैस सिलेंडर के दाम बढ़े तो पाली (राजस्थान) में अर्थी ही निकाल दी। यह गुस्सा है व्यापारियों का। बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद महंगाई का जबर��स्त वार होने वाला है।
विपक्ष के नेता भी इस मुद्दे पर सोशल मिडिया पोस्ट कर अपनी प्रतिक्रिया दे सकते हैं ।
आज जयपुर के SMS स्टेडियम में IPL के रोमांच के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई जो सबको प्रभावित कर गई….
राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच मैच चल रहा था, स्टैंड्स में तालियां गूंज रही थीं, रोशनी चमक रही थी। लेकिन उस भीड़ में दो चेहरे ऐसे थे जो सबसे अलग दिख ���हे थे वो थे सीनियर IAS जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक और नगर निगम कमिश्नर ओम कसेरा।
ये दोनों सीनियर IAS अधिकारी स्टेडियम के उस सेक्शन में बैठे थे जहां समाज कल्याण विभाग के विभिन्न छात्रावासों के ऐसे बच्चे जिनका इस दुनिया में अपना कोई ना हो और हर परिस्थिति में जयपुर शहर को खूबसूरत और साफ�� सुथरा रखने वाले नगर निगम के सफाई कर्मचारी मौजूद थे। कोई VIP लाउंज नहीं, कोई अलग कुर्सी नहीं। बस साधारण प्लास्टिक की कुर्सियां, वही खाना जो बच्चों और कर्मचारियों को परोसा गया वही दोनों ने भी खाया। पूरा मैच उनके साथ बैठकर देखा, उनके साथ हंसे, उनके साथ तालियां बजाईं।
ये पहल मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की थी। उन्होंने कहा था कि इस मैच का फायदा उन बच्चों और कर्मचारियों को भी मिलना चाहिए जो रोज जयपुर की सड़कों को साफ रखते हैं या जिनके पास सपनों को देखने का मौका ही कम है। लेकिन संदेश नायक और ओम कसेरा ने सिर्फ निमंत्रण नहीं दिया, खुद उस निमंत्रण को जिया।
मैच के दौरान जब बच्चे चिल्ला-चिल्लाकर “रॉयल्स! रॉयल्स!” कर रहे थे, तब दोनों अफसर भी उनके साथ खड़े होकर चीयर कर रहे थे।वो सभी बच्चे जो शायद पहली बार स्टेडियम में आए थे, उनकी आंखों में जो चमक थी, वो शायद आजीवन नहीं भूलेंगे ��� सफाई कर्मचारी, जिनके हाथ रोज कचरा उठाते हैं, आज उनके चेहरे पर वो गर्व था जो शायद नौकरी के कई सालों में कभी नहीं आया।
दोनों अधिकारियों ने सिर्फ मैच नहीं देखा, एक संदेश दिया कि पद चाहे जितना बड़ा हो, इंसानियत उससे भी बड़ी होती है। आज के समय में जब अफसरों को अक्सर दूरी बनाए रखने वाला, प्रोटोकॉल का पुतला समझा जाता है, तब ये दोनों IAS ने दिखा दिया कि सत्ता का सबसे सुंदर रूप सादगी में है।
बच्चों ने मैच ���े बाद जब उनसे हाथ मिलाया तो उनकी मुस्कान कह रही थी “सर, आपने हमें सिर्फ मैच नहीं, सम्मान दिया।” सफाई कर्मचारियों की आंखों में भी वही खुशी थी जो शायद उनके बच्चों के चेहरे पर भी उतर गई होगी।
ये तस्वीर छोटी लग सकती है, लेकिन इसका असर बहुत गहरा है। जयपुर के इन दो अधिकारियों ने बिना किसी शो सा के साबित कर दिया कि असली लीडरशिप वो होती है जो नीचे तक उतरकर लोगों के साथ खड़ी हो। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्म�� की इस पहल को दोनों ने सिर्फ अमल नहीं किया, ��से जीया।
आज जब IPL का रोमांच थमा होगा और स्टेडियम खाली हो गया होगा, लेकिन उन बच्चों और सफाई कर्मचारियों के दिलों में एक नई उम्मीद जगी है । उम्मीद ये कि उनके शहर के बड़े अफसर उन्हें सिर्फ “जनता” नहीं, अपने जैसा इंसान समझते हैं।
ये सादगी की वो मिसाल है जो याद रहेगी।
@BhajanlalBjp @RajCMO @DcDmJaipur @Swachh_Jaipur
यह किक फुटबॉल की “मोना लिसा” जैसी मानी जा रही है,इतनी परफेक्ट, खूबसूरत और यादगार कि इसे देखना ही अ��ने आप में एक कला जैसा लगता है। ⚽🎨 https://t.co/gNoXS4QCBY
Mr. Ramesh Damani shares a fascinating story about George Fernandes and why many call him the Father of the Indian Stock Market 🇮🇳📈
Credit: @soicfinance , Original Clip from @cnbcawaaz YouTube channel
"मेरे घर आकर, मेरे पैर में पड़ा रहता था..." TMC सांसद कीर्ति आजाद ने गिरिराज सिंह को लेकर क्या दावा किया?
Full Interview: https://t.co/TcZy6oR1rL
@pankajjha_@KirtiAzaad
[Kirti Jha Azad, Giriraj Singh, Jamghat]
द नेम इज बांड!!
जेम्स बॉन्ड..
शाम से यू टयूब पर जेम्स बॉन्ड देख रहा हूँ। तमाम चेज सीन, किल्स, रोमांस, एंडवन लाइनर्स। और दिखा फिर वो आइकॉनिक सीन।
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हीरोइन, (हैल बेरी) समुंदर में नहा रही है। उधर किनारे पे बैठे अपने जेम्स भैया, उर्फ पियर्स ब्रॉसनॉन दूरबीन लेकर उसे ताड़ रहे हैं।
हीरोइन पानी से निकलती है।
पास से गुजरने पर, जेम्स भैया उससे फ्लर्ट ��रते हैं। ड्रिंक ऑफर करते है- मोहितो। और इंट्रोडक्शन पर अपना नाम बताते है-जेम्स बांड।
जो चिड़ियों की स्टडी के लिए उस आइलैंड पर आया है। दूरबीन की ओर इशारा करके, कहते है-
ओरनिथोलॉजिस्ट (पक्षी विज्ञानी)
और विश्वास कीजिये- जेम्स भैया 100% सच बोल रहे हैं।
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जेम्स बांड 1900 के आसपास पैदा हुए थे।
ऑक्सफोर्ड में प��़ने के बाद एक अमेरिकन बैंकिंग फर्म में काम करने लगे। ऑक्सफोर्ड के दौरान वे नेचुरल हिस्ट्री क्लब के मेम्बर थे। पर्यावरण, पशु पक्षियों से बड़ा प्रेम था, तो ज्यादा दिन बैंक में काम न कर सके।
एक फैलोशिप जुगाड़ की, और निकल गए चिरिया देंखने। दुनिया भर के पक्षियों का अध्ययन किया। 1936 के आसपास उनकी मशहूर किताब छपी-
द बर्ड्स ऑफ कैरेबियन
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किताब बड़ी मशहूर हुई।
और इयान फ्लेमिंग ने भी पढ़ी। तब वे नेवी में थे। और नेवी के लिए कुछ जासूसी मिशन भी किये थे। लेकिन बर्ड वाचिंग उनकी भी हॉबी थी।
सो उनके घर "गोल्डन आई" की शेल्फ में जेम्स बांड की किताब रहती थी। एक दशक बाद, उनके दिमाग मे एक जासूसी नॉवेल लिखने का ख्याल उभरा।
मेन कैरेक्टर खुद उनपर बेस्ड था। वे खुद ब्रिटिश नेवी में कमांडर रह चुके थे, तो उनके ��ैरेक्टर को भी नेवी का कमांडर होना था। जो वहाँ से एमआई 6 में डेपुट होकर, जासूसी कारनामे करता है।
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जब इस पात्र का नाम रखना था- ऐसा नाम, जो किसी उबाऊ, एकेडमिक, सामान्य आदमी का लगे। जिससे उसके जासूस होने का किसी को शक न हो।
निगाह शेल्फ में रखी किताब पर गयी। जेम्स बांड उन्हें परफेक्ट लगा। और इयान फ्लेमिंग ने बिना पूछे ताछे यह नाम रख दिया।
कैसिनो रॉयल आयी। बेस्ट सेलर हुई। फिर और किताबे आयी। "डॉक्��र नो" पर पहली फ़िल्म बनी। जेम्स बॉन्ड घर घर मशहूर हो गया।
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इसके बाद एक बार इयान की मुलाकात जेम्स बॉन्ड से हुई। पक्षी विज्ञानी से, बिना पूछे उनका नाम चुराने की माफी मांगी। जेम्स हंसे, और कहा- तुम्हे मेरे नाम के इस्तेमाल के अन लिमिटेड छूट दी।
लेकिन भविष्य में मुझे कोई ख़तरनाक बर्ड मिली, तो उसका नाम जरूर इयान फ्लेमिंग रखूंगा।
और इस तरह वह बोरिंग नाम, एक मिथिकल, मैचों मैन बन गया। बांड की 25 फिल्में आ चुकी है। आधे दर्जन लोग उसका किरदार निभा चुके है।
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बांड अभी कोपिराईटेड है।
यह कॉपीराइट पीरियड 2026 में समाप्त हो जाएगा। तब बॉन्ड एक सार्वजनिक संपत्ति होगा। कोई भी ऐरा गैरा, बांड फ़िल्म बना सकेगा।
या स्वयं बॉन्ड बन सकेगा।
तो मैं भी बनाऊंगा। चुकी पिछली पिक्चर में वो मर गया था। तो मेरी फिल्म का नाम एकदम तय है- बॉन्ड रिबोर्न!!
विलेन कौन रहेगा..
एनी गेस ??
😋
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तस्वीर- असल ओरनिथोलॉजिस्ट जेम्स बॉन्ड
@zomato मैंने शाम में 6:03 बजे अपने बच्चे के लिए आर्डर किया था, दो घंटे हो गए लेकिन अभी तक आर्डर आया नहीं। लगातार दिखा रहा है कि 16 मिनट में डिलीवरी होगी।
@sachin_rt Sir ji you are great ! @IamSanjuSamson credited you for his performance ! Thank you 🙏🏻 even during Arjun’s wedding you took such care 🙏🏻🇮🇳🏆🧿