��ाकिस्तानी पायलट का दावा — “मैं भारत के बांध के गेट खोल सकता हूं, बिजली व्यवस्था हैक कर सकता हूं” 🤡🇵🇰
ऑपरेशन सिंदूर के समय बांध खोल दिए… बिजली गुल कर दी… सैटेलाइट भी हैक कर लिया… 😂
पूरी स्क्रिप्ट एयर चीफ के निर्देशन में तैयार हुई थी क्या?
इसी से समझ आता है पाकिस्तान हैप्पीनेस इंडेक्स में हमसे आगे कैसे है! 🤡
कल कुछ लोगों की बात पढ़ी कि वैभव सूर्यवंशी को पर्सनल माइलस्टोन के चक्कर में धीमा नहीं खेलना चाहिये।
मेरा मानना है कि यदि खेल में परिस्थितियां अनुकूल हैं तो पर्सनल माइलस्टोन छोड़ना नहीं चाहिये।
शतक और अर्धशतक ही एक बल्लेबाज की महानता के पैमाने हमेशा से रहे हैं।
विशेष तौर पर शतक।
एक बल्लेबाज के कद का आंकड़ा उसके लगाये शतकों से ही नापा जाता है।
उदाहरण ऋषभ पंत का लेते हैं जिसने अपने पहले 50 ��ेस्ट में 8 शतक लगाये, 8 ही बार उसके स्कोर 89 से 99 के बीच हैं, जिनमें से 7 बार वो शतक बना सकता था।
कई बार टेस्ट में पंत ने भारत को संकट से उबारा, पिछले सात आठ सालों में भारत का सबसे बड़ा और भरोसेमंद बल्लेबाज रहा, पर आज भी लोग उसे लपोड़ा और गाबा मर्चेंट बोलते हैं।
ये वो न बोल पाते अगर पंत के यही 90 प्लस स्कोर शतक में तब्दील होते।
क्योंकि तब पंत के 15 शतक होते और शुरू के 50 टेस्ट में 15 या ज्यादा शतक सिर्फ ब्रेडमैन गावस्कर जैसे बड़े बड़े दिग्गज बल्लेबाजों के नाम ही दर्ज हैं।
अभी लोगों को उसके आठ शतक देख समझ नहीं आता कि दरअसल पंत कितना बड़ा टेस्ट बल्लेबाज है जो संगकारा और डिविलियर्स जैसे दिग्गजों को भी मात करता है।
तो पर्सनल माइल स्टोन बहुत जरूरी हैं भाई।
ये आपको कद्र दे���े हैं।
मनाली घूमकर लौटे तो ताले पर चिपका मिला clear tape...
क्या ये चोरों का सिग्नल है?
सपरिवार गर्मी से भागकर एक हफ्ते मनाली घूम आए।
घर को अच्छे से लॉक किया,
सब बंद करके गए।
वापस आए तो मुख्य दरवाजे के ताले पर पारदर्शी सेलोटेप चिपका हुआ था।
पत्नी घबरा गई, मैंने पहले तो बच्चों की शरा��त समझा।
टेप हटाया, घर खोला तो अंदर सब ठीक था।
लेकिन मन में खटका लगा। मैंने थोड़ा रिसर्च किया (पुरानी पुलिस वार्निंग्स + सोशल मीडिया स्टोरीज देखी)।
ये तरीका विदेशों और कुछ भारतीय शहरों में भी रिपोर्ट हुआ है,
चोर खाली घर चिह्नित करने के लिए transparent tape लगाते हैं।
2-3 दिन बाद चेक करते हैं,
अगर टेप जस का तस है तो समझो घर खाली है।
हालांकि ये पूरी तरह confirmed "gang code" नहीं है,
कुछ experts इसे urban legend भी मानते हैं।
��ेकिन सच या अफवाह, ये हमें alert तो कर ही देता है।
मैंने जो सीखा, वो आपसे शेयर कर रहा हूँ।
घर छोड़कर जाते वक्त ये 7 practical tips फॉलो करें:Neighbours को बताओ
उन्हें कहो कि नजर रखें, कभी-कभी लाइट जलाएं या कार खड़ी करें।
Smart lights + Timers लगाओ — शाम को ऑटोमैटिक जलें-बुझें।
CCTV या Doorbell Camera — सबसे अच्छा निवेश।
Mail/Paper रोक दो या पड़ोसी से कहो कलेक्ट करें।
Social media पर live vacation post मत करो,
वापस आने के बाद पोस्ट करो।
Smart lock या extra deadbolt लगवाओ।
अगर tape जैसा कुछ देखो तो तुरंत पुलिस को बताओ
क्या आप कभी ऐसे संकेत देख चुके हो?
या vacation जाते वक्त कौन सी सबसे अच्छी security trick यूज करते हो?
लोग अक्सर बहुत जल्दी भूल जाते हैं…
सिर्फ 10–12 साल पहले का भारत याद कीजिए।
आज की युवा पीढ़ी जिस भारत में बड़ी हुई है, उसमें UPI, स्मार्टफोन, सस्ती इंटरनेट, हाईवे, लगभग हर घर में बिजली, ये सब जैसे हमेशा से थे।
लेकिन हकीकत कुछ और थी।
क्या उन्हें पता है कि कभी देश में 18,000 से ज्यादा गांव ऐसे थे जहां बिजली ही नहीं थी??
सिर्फ लगभग 17% घरों में नल का पानी था?
खुले में शौच एक बहुत बड़ी समस्या थी?
गांवों में फ्रिज, गाड़ी, शौचालय, या स्थिर बिजली, ये सब आम बात नहीं थी।
आज तस्वीर बदल चुकी है।
गरीब से गरीब परिवार के पास मोबाइल है,
बाइक है, टीवी है,
बिजली, सड़क, बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट तक पहुंच है।
बदलाव सिर्फ आंकड़ों का नहीं है,
ये बदलाव इज्जत (dignity) का है, जो आम लोगों के जीवन में आई है।
हाँ, यह भी सच है कि भारत में अभी भी कई समस्याएं हैं, असमानताएं हैं।
लेकिन यह कहना कि “कुछ बदला ही नहीं” , यह भी पूरी सच्चाई नहीं है।
आज की पीढ़ी को शायद अंदाज़ा नहीं है कि कभी लोग
किरोसिन के दीये में पढ़त�� थे,
ट्रेन टिकट के लिए लंबी लाइन लगाते थे,
हर छोटे काम के लिए बैंक के चक्कर काटते थे,
और बिना सड़क, बिना शौचालय के जीवन जीते थे।
भारत बदला है, धीरे-धीरे, लेकिन गहराई से।
और इस बदलाव को नकारना, शायद सच्चाई से आंखें मूंदना है।
अर्ध नग्न महिलाओं को देख कर 90℅ कौन मजे लेता है.....!?
एक दिन किसी ख़ास अवसर पर महिला सभा का आयोजन किया गया, सभा स्थल पर महिलाओं की संख्या अधिक और पुरुषों की कम थी..!!
मंच पर तकरीबन पच्चीस वर्षीय खुबसूरत युवती, आधुनिक वस्त्रों से सुसज्जित, माइक थामें कोस रही थी पुरुष समाज को..!!
वही पुराना आलाप....!
कम और छोटे कपड़ों को जायज, और कुछ भी पहनने की स्वतंत्रता का बचाव करते हुए, पुरुषों की गन्दी सोच और खोटी नीयत का दोष बतला रही थी.!!
तभी अचानक सभा स्थल से एक बत्तीस–पैंतीस वर्षीय सभ्य, शालीन और आकर्षक से दिखते युवक ने खड़े होकर अपने विचार व्यक्त करने की अनुमति मांगी..!!
अनुमति स्वीकार कर माइक उसके हाथों मे सौप दिया गया, हाथों में माइक आते ही उसने बोलना शुरु किया..!!
"माताओं, बहनों और भाइयों, मैं आप सबको नही जानता और आप सभी मुझे नहीं जानते कि, आखिर मैं कैसा इंसान हूं..??
लेकिन पहनावे और शक्ल सूरत से मैं आपको कैसा लगता हूँ बदमाश या शरीफ..??
सभास्थल से कई आवाजें गूंज उठीं, पहनावे और बातचीत से तो आप शरीफ लग रहे हो...! शरीफ लग रहे हो... शरीफ लग रहे हो....!
बस यही सुनकर, अचानक ही उसने अजीबोगरीब हरकत कर डाली, सिर्फ हाफ पैंट टाइप की अपनी अंडरवियर छोड़ कर के बाक़ी सारे कपड़े मंच पर ही उतार दिये..!!
ये देख कर पूरा सभा स्थल आक्रोश से गूंज उठा, मारो-मारो गुंडा है, बदमाश है, बेशर्म है, शर्म नाम की चीज नहीं है इसमें, मां बहन का लिहाज नहीं है इसको, नीच इंसान है, ये छोड़ना मत इसको....।
ये आक्रोशित शोर सुनकर, अचानक वो माइक पर गरज उठा...!
"रुको, पहले मेरी बात सुन लो, फिर मार भी लेना, चाहे तो जिंदा जला भी देना मुझ��ो..!!
अभी अभी तो ये बहन जी कम कपड़े, तंग और बदन नुमाया छोटे-छोटे कपड़ों की पक्ष के साथ साथ स्वतंत्रता की दुहाई देकर गुहार लगाकर "नीयत और सोच में खोट" बतला रही थी...!!
तब तो आप सभी तालियां बजा-बजाकर सहमति जतला रहे थे, फिर मैंने क्या किया है..??
सिर्फ कपड़ों की स्वतंत्रता ही तो दिखलायी है..!!
"नीयत और सोच" की खोट तो नहीं ना और फिर मैने तो, आप लोगों को, मां बहन और भाई भी कहकर ही संबोधित किया था, फिर म��रे अर्द्ध नग्न होते ही आप में से किसी को भी मुझमें "भाई और बेटा" क्यों नहीं नजर आया..??
मेरी नीयत में आप लोगों को खोट कैसे नजर आ गया..??
मुझमें आपको सिर्फ "मर्द" ही क्यों नजर आया? भाई, बेटा, दोस्त क्यों नहीं नजर आया? आप में से तो किसी की "सोच और नीयत" भी खोटी नहीं थी... फिर ऐसा क्यों?? "
सच तो यही है कि झूठ बोलते हैं लोग कि
"वेशभूषा" और "पहनावे" से कोई फर्क नहीं पड़ता ।।
हकीकत तो यही है कि मानवीय स्वभाव है ���ि किसी को सरेआम बिना "आवरण" के देख लें तो कामुकता जागती है मन में।
रूप, रस, शब्द, गन्ध, स्पर्श ये बहुत प्रभावशाली कारक हैं इनके प्रभाव से “विस्वामित्र” जैसे मुनि के मस्तिष्क में विकार पैदा हो गया था, जबकि उन्होंने सिर्फ रूप कारक के दर्शन किये, तो आम मनुष्यों की विसात कहाँ..??
दुर्गा शप्तशती के देव्या कवच में श्लोक 38 में भगवती से इन्हीं कारकों से रक्षा करने की प्रार्थना की गई है।
“रसे_रुपे_च_गन्धे_च_शब्दे_स्पर्शे_च_योगिनी।
सत्त्वं_रजस्तमश्चैव_रक्षेन्नारायणी_सदा।।”
रस रूप गंध शब्द स्पर्श इन विषयों का अनुभव करते समय योगिनी देवी रक्षा करें तथा सत्वगुण, रजोगुण, तमोगुण की रक्षा नारायणी देवी करें.!!
आज के समाज की सोच ये है कि अपने घर की बेटियां अपने बदन को ढके या ना ढके लेकिन बहु मुंह छिपाकर घुंघट में रहनी चाहिए आज के समाज में बदन ढकना जर��री नहीं पर मुंह ढकना जरूरी है।
आज के समाज में घूंघट के लिए कोई जगह नहीं है, वैसे ही इन अर्ध नग्न वस्त्रों के लिए भी कोई जगह नहीं है।
😀😜😂दादी माँ विलाप कर रही थी...
क्योंकि दूसरी संतान भी पोती ही हुई थी,
पड़ोसन ने समझाया-
क्या फर्क पड़ता है कि लड़की हो या लड़का...
दादी माँ ने एक ठंडी साँस ली और बोली-
मैं भी जानती हूँ कि बेटियाँ लक्ष्मी होती हैं,
लेकिन मुझे दुख सिर्फ इतना है कि अगर मेरी बहू को बहू ��हीं मिली. . .
तो उसे सास बनने का दर्द कब महसूस होगा...???
😜😂😜😝😝😜😜😂😜😝😝😜
रिश्ता वही ��ोच नयी...
😀😜😂
हम गंवार है.....??🙄
चित्रा, स्वाती, अनुराधा, विशाखा, ज्येष्ठा, धनिष्ठा, रेवती, भरिणी, कृतिका, रोहिणी, मृगशिरा, अद्रा, पुनर्वसु, अश्लेशा, फाल्गुनी, हस्ती
27 नक���षत्र में 19 नाम स्त्री के !
लक्ष्मी सरस्वती काली गायत्री, चौसठ योगिनी षोडस (16) मातृका की पूजा !
लक्ष्मी नारायण, उमा महेश्वर, सीताराम, राधे कृष्ण, शची पूरेन्द्र, वाणी हीरण्य, में स्त्री प्रथम सम्मान
धरती माँ, गौ माँ, प्रकृति पूजन में स्त्री
गंगा यमुना सरस्वती नर्मदे कावेरी
स्त्री नामक नदियों को
हजारों वर्षों से पूजने वाले सनातनियों को
50 वर्ष पहले UNO ने महिला अधिकारों के प्रति जागरूकता के लिए
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाना सिखाया !
बौद्धिक शून्यता
नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जीवन हमें बताता है कि वीरता और शौर्य के मायने क्या होते हैं। पराक्रम दिवस हमें इसी का स्मरण कराता है।
एतदेव परं शौर्यं यत��� परप्राणरक्षणम्।
नहि प्राणहरः शूरः शूरः प्राणप्रदोऽर्थिनाम्॥
रावण महाबली और दस सिर थे,
और मृत्यु रही बनकर दासी।
उसे एक तीर से मार गया,
एक धर्म समर्पित संन्यासी॥
असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की विजय के पावन महापर्व विजयादशमी की सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ।
जय श्रीराम 🚩
विजयादशमी की सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ।
विजयादशमी का महापर्व अधर्म, असत्य और अन्याय पर धर्म, सत्य और न्याय की जीत का उत्सव है। प्रभु श्रीराम से सभी के कल्याण की प्रार्थना करता हूँ।
जय श्रीराम।
युग कोई भी हो, अहंकार रुपी रावण का भस्मित होना समय का शाश्वत नियम है। हमारे अंतस में व्याप्त अहं के अवक्षय की योजना काल-चक्र के माध्यम से बने, उपयुक्त होगा कि हम स्वेच्छा से अपनी विवेकाग्नि में अहंकार को स्वाहा करें। अन्धकार पर प्रकाश की विजय का पर्व विजयादशमी आप सब के लिए शुभ हो! 🙏❤️
#दशहरा
पिछले नौ दिनों से निर��तर जारी आपकी संकल्पित साधना पूर्णता की अभीष्ट मंज़िल प्राप्त करे। 😍🙏🏻 आज की अधिष्ठात्री मॉं सिद्धिदात्री आप सबकी समस्त सद्कामनाओं को शीघ्र सिद्धि का आशीर्वाद दें। 🙏🏻
नवरात्रि के पावन पर्व का आज महानवमी का दिन है।
यह दिन माँ सिद्धिदात्री को समर्पित है, जो भक्तों को सिद्धि, अलौकिक शक्तियाँ और मोक्ष का वरदान देती हैं।
आज के दिन कन्या पूजन और हवन का विशेष महत्व होता है।
आप सभी को दुर्गा अष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ।
माँ दुर्गा आपकी सभी मनोकामनाएँ पूर्ण करें और जीवन में सुख-समृद्धि प्रदान करें।
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“या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥”
जय माता दी 🚩
��कवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी॥
वामपादोल्लसल्लोहलताकण्टकभूषणा।
वर्धनमूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयङ्करी॥
माँ दुर्गा की सप्तम स्वरूप, माँ कालरात्रि दुष्टों की संहारक एवं भक्तों को अभयता प्रदान करने वाली हैं।
चराचर जगत का कल्याण हो, सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और आरोग्यता का वास हो, माँ भगवती से यही प्रार्थना है।
जय माँ कालरात्रि!
चन्द्रहासोज्ज्वलकरा शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभं दद्याद्देवी दानवघातिनी।।
पावन नवरात्रि की षष्ठी तिथि आदिशक्ति माँ दुर्गा के षष्ठम स्वरूप माँ का��्यायनी की उपासना एवं आराधना को समर्पित है।
माँ कात्यायनी की वंदना से भय, रोग एवं संतापों का हरण होता है और जीवन आरोग्यमय बनता है। महिषासुरमर्दिनी माँ कात्यायनी का आशीर्वाद संपूर्ण सृष्टि पर बना रहे, यही प्रार्थना है।
जय माँ कात्यायनी!