केवल एक ही जाति है, वो है मानवता की जाति
केवल एक ही धर्म है, वो है प्रेम का धर्म
केवल एक ही भाषा है, वो है हृदय भाषा
केवल एक ही ईश्वर है और वो सर्वव्यापी है।
#AishwaryaRaiBachchan
@dineshbohrabmr प्रजा के सुख में राजा का सुख है, प्रजा के हित में राजा का हित है। राजा का अपना प्रिय हित नहीं, बल्कि प्रजा का प्रिय हित ही उसका हित है।