रसूलुल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:-
"रिश्तेदारी निभाने वाला वह नहीं है जो बस वही रिश्ता निभाए जो उसके साथ निभाया जाए, बल्क�� असली सिला रहमी वह करता है जो जब रिश्ता तोड़ा जाए, तब भी उसे जोड़ता है।"
सहीह बुखारी:5991
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया :-
जिस ने मेरी सुन्नत को ज़िंदा किया उसने मुझसे मुहब्ब�� की और जिसने मुझसे मुहब्बत की वह जन्नत में मेरा साथी होगा” ....!!!
(तिर्मिज़ी 2678)
अल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:-
जो मुसलमान मर्द नमाज़ और ज़िक्र के लिये मस्जिदों में पाबन्दी से हाज़िर होता है अल्लाह तआला उससे ऐसा ख़ुश होता है जिस तरह मुसाफ़िर के घर वाले उसके घर आने पर ख़ुश होते हैं।
इब्नेमाजा:800
रसूलुल���लाह (ﷺ) ने फ़र्माया:-
“एक आदमी रास्ते से गुजर रहा था, के उसे काँटेदार दरख्त की शाख रास्ते में पड़ी मिली, तो उस ने हटा कर किनारे कर दिया और उस पर अल्लाह का शुक्रिया अदा किया, तो अल्लाह तआला ने उस की मग़फिरत फर्मा दी।”
बुखारी:६५२
#Muslim
#Islam
#Quran
अल्लाह तआला फरमाता है --
हर जानदार को मौत का मज़ा चखना है, और तुम सब को (तुम्हारे आमाल के) पूरे-पूरे बदले क़यामत ही के दिन मिलेंगे। फिर जिस किसी को दोज़ख़ से दूर हटा लिया गया और जन्नत में दाख़िल कर दिया गया, वह सही मायने में कामयाब हो गया....!!!
(सूरह आले इमर��न 185 )
रसुलुल्लाह (ﷺ) ने फर्माया:-
“जिस ने हलाल रोज़ी खाई और सुन्नत के मुताबिक अमल किया और लोग उस के जुल्म से महफूज रहे, तो वह जन्नत में दाखिल होगा।”
मुस्तदरक: 7073
@inavneetfan लगता है ये मुगल के काफी करीब थी ये मोहतरमा शायद इसलिए इतना जानकारी है इनको लगता है हम लोग जितने पढ़ाई किए है सब वो झूठ है ये सारे टीचर भी न क्या गलत ���लत पढ़ाते है लगता है इन टीचर पर FIR करना पड़ेगा मैडम जी आप क्या हमे तालिम दे सकती है
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया :-
तुम्हारी निज़ात का ज़रिया यह भी है की तुम अपनी जबान काबू में रखो और अपने गुनाहों पर रोया करो...!!!
(तिर्मिज़ी 2406)
#Islam#Quran#Muslim
रसूलुल्ल��ह (ﷺ) ने फ़रमाया :-
“तुम में से कोई अपने बाएँ हाथ से हरगिज़ न खाए और न बाएँ हाथ से पिये, क्योंकि शैतान अपने बाएँ हाथ से खाता पीता है।”
मुस्लिम:५२६७
#Muslims
#Quran
#Islam
कुछ उसके दोस्त है कुछ उसके यार बाकी है
हर एक बस्ती के अंदर 2 , 4 बाकी है ,
ये ढोल तासो की आवाजें हमसे कहती है
यजीद म��� गया कुछ उसके रिश्तेदार बाकी है ।
🔸 फरमान-ए-आख़िरी नबी ﷺ
"तुम में से पुल-ए-सीरात पर सबसे ज़्यादा वो साबित क़दम होगा जो मेरे
सहाबा और अहलेबैत से ज़्यादा मोहब्बत करने वाला होगा।"
(तारीख़-ए-दमिश्क़, जिल्द 86, हदीस 454)
#Islam#Muslim#Quran
अल्लाह ﷺ ने फ़रमाया:-
"जब अल्लाह बंदे को कोई नेअमत देता है और वो (अल्हम्दुलिल्लाह) कहता है तो बंदे ने जो शुक्र अदा किया वह मिलने वाली नेअमत से अफ़ज़ल होता है"...!!
(इब्ने माजा 5083)
रसूलुल्लाह (ﷺ) ने फ़रमाया:
औरत अपने शौहर की मौजूदगी में माहे #रमज़ान के अलावा
कोई और रोज़ा बग़ैर इसकी इजाज़त के ना रखे।
Bukhari 5192
Tirmizi 782
Dawood 2458
Ibn_Majah 1761
#Islam#Muslim#Quran
रसूल-अल्लाह ﷺ ने इर्शाद फरमाया
ऐ लोगों में तुम्हारे दरमियान दो चीजें छोड़ रहा हूँ!
जब तक इन्हे नहीं छोड़ोगे कभी भी गुमराह नहीं होगे!
◆ क़ुरान उल करीम
◆ मेरी आल (एहले बैत)
हसन और ह���सैन जन्नती जवानों के सरदार हैं..
#Islam
#Quran
#Muslim