🇮🇳 बीड़ी से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को समझना बेहद ज़रूरी है।
AIIMS गोरखपुर के नेतृत्व में प्रकाशित यह अध्ययन इस विषय पर अहम वैज्ञानिक जानकारी देता है।
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@JPNadda@narendramodi@MoHFW_INDIA#TobaccoFreeIndia
एक और कंपनी है।
ख़ुद का कोई ऑफ़िस नहीं।अरबों की संपत्ति पर कब्जा।
कोई रजिस्ट्रेशन नहीं, कोई कर्मचारी नहीं। हर सरकार इनके लिए काम कर रही है।
दुनिया भर में माल बेच रही है। करोड़ों प्रतिशत का मुनाफा। एक पैसे का टैक्स नहीं।
रेलवे की जमीन पर बन रहा कोटा में भाजपा का कार्यालय,
रेलवे ने लिखा पत्र भाजपा अतिक्रमी, अब यह भाजपा का कार्यालय तो नहीं हटेगा लेकिन यह अधिकारी जरूर हटेंगे ..!
@8PMnoCM
राजस्थान में इंजीनियर्स ने 2 साल में 43.86 करोड़ के टेंडर चहेते ठेकेदारों को दिए: उदयपुर SE की गड़बड़ी की जांच में सामने आया मामला, गड़बड़ी सामने आई, लेकिन कार्रवाई लंबित; एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में पढ़ें कैसे जिम्मेदारों को बचाने की कवायद चल रही है
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"जब अन्ना हजारे ने अनशन किया था, तो मीडिया में हमने उसे चौबीसों घंटे कवर किया था। सोनम वांगचुक के 15 दिन के अनशन का ज़िक्र तक नहीं। इससे पता चलता है कि 2011 के बाद से हालात कितने बदल गए हैं।"
- राजदीप सरदेसाई, वरिष्ठ पत्रकार | @sardesairajdeep
गाड़ी 15 साल में 10 हजार किलो मीटर चली है, 15 साल हो गए सरेंडर कर दो.... क्यों, दूसरी दिलवा दे सरकार फ्री में.... कर देंगे स्क्रैप। मजाक बना रखा है जनता का !
ये हैं पन्ना जिले कि अजयगढ़ तहसील के तहसीलदार सुरेन्द्र अहिरवार साहब पिछले 5 वर्षों से इनका ट्रान्सफर नहीं हुआ या यह कहें कि ट्रांसफर के आदेश तो 3 बार हुए लेकिन साहब कि पहुंच इतनी है कि इस क्षेत्र में विभिन्न परियोजनाओं के चलते इनको रोक दिया जाता है या रूकवा दिया जाता है!
जिन परियोजनाओं के नाम इनको रोका जाता है उन परियोजनाओं के विस्थापितों द्वारा मूवावजे और विस्थापन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाते हैं!
सवाल यह है कि कि इन पर ऐसी कौन सी कृपा है और रूँझ डेम,मझगांव डेम परियोजना में सरकार द्वारा दिए गए सैकड़ों करोड़ों रुपयों का क्या उपयोग हुआ और किन चीजों में भ्रष्टाचार हुआ है विस्थापितों को कितना लाभ दिया गया इसकी जांच हो सारा खेल समझ आ जाएगा और बड़े अधिकारियों की जांच होनी चाहिए!
@CMMadhyaPradesh@narendramodi
महाराष्ट्र में बिना एक भी छात्र के बंद पड़े 6 हॉस्टल ने चार साल में ₹1.62 करोड़ सरकारी फंड लिया : CAG रिपोर्ट
महाराष्ट्र में CAG रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, जालना, बुलढाणा और लातूर जिलों में 6 घोस्ट हॉस्टल बिना एक भी छात्र के बंद पड़े रहे। इन हॉस्टलों ने पिछले चार वर्षों में ₹1.62 करोड़ सरकारी फंड लिया, जबकि वहाँ न छात्र थे, न स्टाफ और न ही कोई गतिविधि।
CAG की टीम ने जालना के मोदीखान हॉस्टल को सबसे खराब पाया, जहाँ 38 छात्र और सुपरिंटेंडेंट दिखाए गए थे, लेकिन इमारत पूरी तरह जर्जर और बंद थी।
रिपोर्ट में 10 जुलाई को विधानसभा में पेश की गई CAG कंप्लायंस ऑडिट रिपोर्ट-2024 में छात्रावासों में बुनियादी सुविधाओं, सुरक्षा और वित्तीय अनियमितताओं की भी पोल खुल गई।
#GhostHostel #CAGReport #MaharashtraNews #CAG #TCNLive
राजस्थान में 2 महीने में 18 प्रेग्नेंट महिलाओं की मौत हो गई.
पत्रकारों ने सवाल पूछा तो स्वास्थ्य मंत्री कहते हैं- जवाब ब्रेक के बाद!!
फिर दांत निपोर के हंसने लगे. ये सब देख शर्म भी खुद धिक्कारने लग जाए.
सोचिए मंत्री अबतक पता नहीं लगा पाए कि मौतें क्यों हुईं? हद है!
"समर शेष है, नहीं पाप का भागी केवल व्याध,
जो तटस्थ हैं, समय लिखेगा उनके भी अपराध"
17 दिन से आमरण अनशन पर बैठे @Wangchuk66 के लिए "ना मोदी बोलेगा - ना गोदी बोलेगा" आप अपनी अंतरात्मा से पूछिए आप कब तक खामोश रहेंगे ?
क्या आप किसी अनहोनी का इंतजार कर रहे है ?
तहसीन पूनावाला देश का सबसे जरुरी मुद्दा पूरी मजबूती से उठा रहे हैं !
ऐसे केवल 50 लोग आगे आ जाएँ तो सरकार को ये निर्णय वापस लेना ही पड़ेगा,
एथेनॉल मुद्दे को राष्ट्रीय मुद्दा बनाना पड़ेगा, हम सबकी जिम्मेदारी है हर दिन इसके खिलाफ ट्वीट करना पड़ेगा !
@tehseenp
गुजरात की 6 कंपनियों का पंप & डंप का खेल, सिर्फ एक साल में 130 से 1300% तक रिटर्न, 8 से 10 रुपए का शेयर कुछ ही महीनों में 100 रुपए के पार पहुंच गया
दैनिक भास्कर की टीम ने शेयर बाजार में लिस्टेड और भरपूर मुनाफा देने वाली गुजरात की ऐसी 6 कंपनियों की पहचान की और उनके रजिस्टर्ड पते पर पहुंची, पढ़िए पूरा इन्वेस्टिगेशन
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बद्रीनाथ धाम में दान के पैसों की चोरी के मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, निलंबित BKTC कर्मचारी गिरफ्तार. चढ़ावे की गिनती के दौरान कैश निकालने और धांधली का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. उत्तराखंड सरकार की सख्ती के बाद कैसे खुली इस पूरे घोटाले की पोल? पूरी जानकारी के लिए देखें वीडियो
हैदराबाद की महिला ने खुद का केस रिप्रेजेंट करना चाहा, उसने कहा मिलार्ड 15 साल हो गए है, सब कुछ बर्बाद हो गया है, मेरी भी सुन लीजिए
CJI सूर्यकांत शर्मा - आपको अगले mnglवार की तारीख दी जाती है, आपको आने की आवश्यकता नहीं है, ऑनलाइन अपीरियंस भी चलेगी,
महिला ने अपना मंगलसूत्र भी उतार कर कहा सर सुन लीजिए प्लीज़, मेरा परिवार बर्बाद हो चुका है, बच्चों को खाना भी नहीं खिला पा रही हूं, बच्चे पढ़ नहीं पा रहे हैं,
लेकिन मिलार्ड नहीं पिघले, इसी रवैया के चलते लोग सम्मान करते हैं, गाली गलौच पर उतर जाते हैं 🔥🔥
द्रोणाचार्यों की खैर नहीं! 🚨😡
केरल के कन्नूर डेंटल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. कोडंडा राम ने नितिन राज को भरी क्लास में जातिगत रूप से जलील किया। वह आए दिन दलित छात्रों को जलील करता रहता था।
नितिन राज इस अपमान को बर्दाश्त नहीं कर सका, और कॉलेज की छत से कूदकर अपनी जान दे दी। यह इसी साल अप्रैल की घटना थी। जिला कोर्ट ने उस प्रोफेसर को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। फिर वह हाई कोर्ट गया, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए 19 जून को हाई कोर्ट ने भी उसे राहत देने से मना कर दिया।
हालांकि जातिवादी प्रोफेसर कोडंडा को भला कैसे बर्दाश्त होगा कि किसी दलित की आत्महत्या के मामले में वह जेल जाए। दलित तो कीड़े मकोड़े होते हैं। उनकी जान की क्या ही कीमत है? अतः वह अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, लेकिन उसके तमाम कुतर्कों को खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने भी उसे कोई राहत देने से मना कर दिया है। अब उसे कानूनी कार्रवाई तो झेलनी ही होगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस संस्थागत उत्पीड़न को अत्यंत संवेदनशील माना और कहा:
"उस प्रोफेसर को अपने कृत्यों के नतीजों का एहसास होना चाहिए। अगर क्लासरूम में किसी स्टूडेंट की इस तरह बेइज्जती अथवा अपमान किया जाता है, तो इसका उस स्टूडेंट पर क्या असर होगा? वह टीचर इस तरह का बर्ताव करके बच नहीं सकता। समाज में एक कड़ा संदेश जाना चाहिए।"
सरकार, न्यायपालिका एवं अन्य सभी संस्थाओं को जाति के मुद्दे को लेकर अत्यंत संवेदनशील होना चाहिए। दलितों के प्रति जातीय कुंठा के भाव से घिरे हुए प्रोफेसर इस धरती पर एक कलंक हैं, जो आज भी किसी अर्जुन को महान बनाने के लिए एवं जातीय दुर्भावना के चलते किसी एकलव्य का अंगूठा काटने को तैयार हैं। सच कहें तो आज की स्थिति उससे भी अधिक भयावह है। आज के मनुवादी प्रोफेसर दलितों का सिर्फ अंगूठा नहीं काटते, बल्कि उनका गला ही काट रहे हैं। उन्हें इतना प्रताड़ित किया जा रहा है कि वे आत्महत्या करने को मजबूर हैं। न जाने कितने दलित छात्र आज भी रोहित वेमुला की तरह प्रताड़ना के तले घुट-घुटकर जी रहे हैं।
आप बात करते हो करप्शन के खिलाफ और फिर अजीत पवार को वित्त मंत्री बना देते हो, सुबेंदु अधिकारी को मुख्यमंत्री बना देते हो, हिमांता विश्व शर्मा को मुख्यमंत्री बना देते हो और फिर ज्ञान देते हो..!
विजय त्रिवेदी जैसे पत्रकारों को नमन करता हूं जो नेताओं की आंख में आंख डाल कर उनसे तीखे सवाल करने का साहस रखते हैं।
CAG रिपोर्ट में बड़ा खुलासा!
महाराष्ट्र के 6 'घोस्ट हॉस्टल' बिना एक भी छात्र के 4 साल तक सरकारी फंड लेते रहे. इन हॉस्टलों को ₹1.62 करोड़ जारी किए गए, जबकि कई इमारतें बंद या जर्जर स्थिति में मिलीं. रिपोर्ट में सरकारी धन के दुरुपयोग पर सवाल उठाए गए.
दलित युवक पर जानलेवा हमला!
यूपी के बरेली में संदीप शुक्ला, अजय सिंह एवं कई अन्य गुंडों ने मिलकर धोबी समाज के एक दलित युवक पर चाकूओं से जानलेवा हमला किया। युवक के हाथ और नाक कट गए हैं।
यह बेहद भयावह है। घटना में शामिल सभी जातीय आतंकियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।