It's an Honour n Pride for me to be promoted through @INCIndia (AICC) as #State_Co_Cordinator
I look forward to being able to share my knowledge n experience in the best of my ability to support my party & it's ideologies.
Also extnding my gratitude 2 all d seniors who trained me
AICC has approved the proposal to appoint the following party functionaries as state Chairperson & State Coordinators in social media departments in the following Pradesh Congress Committees
अब ये स्वीकारा गया है कि ऑपरेशन सिंदूर में 6 भारतीय सैनिक शहीद हुए
पर सुनिए
संसद में 28 जुलाई 2025 को जब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष को ललकारते हुए कहा था
“आपको प्रश्न पूछना है तो यह पूछिए की क्या इस ऑपरेशन में हमारे जवान सैनिकों को कोई क्षति हुई? तो उसका उत्तर है नहीं”
और इस पर सत्ता पक्ष ने जमकर ताली बजायी थी… मेज़ थपथपाई थी
Not expected such a lazy approach from team @policybazaar.
I registered the claim for my vehicle and I was assigned a surveyor, he was expected to call me within 4 hrs. of the claim registered. I’m trying to reach him through call since yesterday.
NO RESPONSE FROM HIS END.
मामला भारतीय राजनयिक देवयानी के साथ अमेरिका में हुई बदसलूकी का था।
एक अमेरिका प्रतिनिधिमंडल भारत आया था। यूपीए की सरकार थी। विदेश मंत्री सलमान ख़ुर्शीद मिले क्योंकि नाराज़गी जतानी थी। बदसलूकी के विरोध स्वरूप लोकसभा स्पीकर, गृह मंत्री समेत तमाम नेताओं ने मिलने से मना कर दिया। खुद गुजरात के सीएम नरेंद्र मोदी, जो कि तब तक बीजेपी की तरफ़ से पीएम कैंडिडेट घोषित हो चुके थे, उन्होंने भी अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल मिलने से मना कर दिया।
ये ख़बर देख कर सोचता हूँ कि तीन भारतीयों के मारे जाने के बाद भी क्या आज के समय में मोदी सरकार में कोई किसी अमेरिकी से मिलने से मना कर सकता है?!
Not expected such a lazy approach from team @policybazaar.
I registered the claim for my vehicle and I was assigned a surveyor, he was expected to call me within 4 hrs. of the claim registered. I’m trying to reach him through call since yesterday.
NO RESPONSE FROM HIS END.
ट्रम्प गुस्से में! एंकर भी समझा रही है!
लेकिन इसमें मजबूत डेमोक्रेसी की भी झलक दिखती है! ट्रम्प सवालों से असहज है फिर भी एक घंटे इंटरव्यू देते हैं! अंत में प्रेस पर गुस्सा दिखाकर उठ जाते हैं! लेकिन एंकर के रवैया भी स्टैंड लेने वाला है!
यकीं माने, भविष्य में आप ट्रम्प को फिर इसी एंकर के सामने फिर इंटरव्यू देखते दिखेंगे!
वाराणसी में सरेराह दुस्साहस!
स्कूल से लौटती छात्रा को सरेआम स्कूटी पर खींचने की कोशिश हुई।
इस सरकार में लगभग हर रोज़ हर जिले से ऐसी खबरें आना अब रूटीन बन चुका है, लेकिन सत्ता के सिंहासन पर बैठे साहबों की चमड़ी इतनी मोटी हो चुकी है कि उन्हें फर्क पड़ना बंद हो गया है।
सच ही तो है, जब तक खुद की कुर्सी सुरक्षित है, तब तक बेटियों की सुरक्षा तो बस एक चुनावी नारा है।
आखिर कब तक बेटियों को यूंही सरेआम शर्मसार होना पड़ेगा और योगी सरकार अपनी नाकामी पर पर्दा डालती रहेगी?
शर्म करे भाजपा सरकार!
काशी तो काशी - आज प्रयागराज प्रवास के दौरान यहाँ भी बिजली संकट के बारे में पता चला। मोहल्ले के लोगों से बात करने पर पता चला कि इधर आए दिन रात्री में ये हालात होते हैं।
@UPPCLLKO@PVVNLHQ
यहां कि जनता का कहना है की @NandiGuptaBJP जी को जानकारी नहीं है, सो अवगत करा देता हूं।
सरकार का खेल भी ग़ज़ब है।कोकरोच पार्टी को जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति मिल जाती है लेकिन जब यूथ कांग्रेस पेपर लीक के मुद्दे पर अनुमति माँगती तो हरियाणा पुलिस मना कर देती है।पुलिस निशाना लगा कर पानी की बौछार कर रही है।
(मैं अपने ‘राइट टू रिप्लाई’ के तहत ये X पोस्ट कर रहा हूं क्योंकि मेरे पास @DDNewsHindi जैसा प्लेटफ़ॉर्म नहीं है जिसका बेजा इस्तेमाल करते हुए @sudhirchaudhary ने मुझे टारगेट किया है)
सुनो सुधीर चौधरी,
तुम एक घटिया पत्रकार ही नहीं घटिया इंसान भी हो। जानता तो पहले से था, आज ये कहने को इसलिए मजबूर हुआ हूं क्योंकि तुमने मेरे साथ फिर एक घटियापन किया है। दूरदर्शन के प्रोग्राम में ‘समोसे जलेबी’ वाली स्टोरी का ज़िक्र कर तुमने मुझ पर निशाना साधा है। और ये तुमने पहली बार नहीं किया है। पहली बार तो तुमने तब किया था जब तुम ज़ी न्यूज़ में थे और तुमने प्रधानमंत्री मोदी का एक लल्लो चप्पो वाला इंटरव्यू किया था। 2019 चुनाव से पहले। और फिर जब तुम्हारी जगहंसाई शुरु हुई तो फिर तुमने अपना चेहरा बचाने के लिए एक DNA कार्यक्रम पूरी तरह मुझे और राजदीप सरदेसाई को समर्पित कर बनाया था। तब मेरी रिपोर्ट की क्लिपिंग्स भी लगायी थी। ख़ैर। तुम्हारा चेहरा तब भी नहीं बचा था। अब तो तुम्हारे पास कोई चेहरा है ही नहीं। तुमने हमेशा सरकारों की गोद में बैठ कर ही पत्रकारिता की है। कांग्रेस कार्यकाल में भी तुम जैसे पत्रकार ही बहुत बड़े चापलूस थे। यहां पर एक प्रदेश की कांग्रेस सरकार का ज़िक्र करना बेमानी होगा जिसके बूते तुम तब पत्रकारिता में पले बढ़े।
क़रीब सवा मिनट के क्लिप से तुम्हारा चेहरा बचता है तो बचा लो, जनता के टैक्स के पैसे से 15 करोड़ का सरकारी पैकेज जस्टिफ़ाई कर रहे हो कर लो। और ऐसा करने के लिए ही तुमने इस क्लिप के नीचे लिखे ‘राजनीति के हल्के फुल्के पल’ को नज़रअंदाज़ किया। क्योंकि तुम संपादक नहीं चंपादक हो। अरे वो एक मोमेंट था फील्ड रिपोर्टिंग का जब राहुल गांधी यूपीए सरकार के दौरान कथित घोटाले से जुड़े सवालों का जवाब नहीं दे रहे थे। फिर मैंने यही पूछना शुरु किया। इसकी डिटेलिंग फिर कभी। यहां तुमको सफ़ाई के तौर पर नहीं दूंगा।
मैं जानता हूं कि तुम मुझसे सिर्फ़ इस बात का बदला ले रहे हो कि मैंने 2003 में एनडीटीवी में मेरी नौकरी लगने में तुम्हारी मदद नहीं कर पाया। 2002-03 में सहारा में तुम्हारे साथ मैंने चंद महीने काम किया था। तब तुम शेखी बघारा करते थे कि मैं तो एनडीटीवी जाने वाला हूं मेरी बात हो गई है। लेकिन तुम शेखी बघारते ही रहे लेकिन जा नहीं पाए। जब तुम्हें पता चला कि मेरी नौकरी वहां लग गई है तो पहले तो सहसा तुम्हें भरोसा नहीं हुआ... फिर तुमने कहा कि जब जा ही रहे हो तो मेरे लिए भी बात करना कि मामला कहां अटका है। मैंने कोशिश भी की और राजदीप सरदेसाई से अनुरोध भी किया था तुम्हारे लिए। लेकिन क्योंकि संस्थान में मैं ख़ुद नया था इसलिए तुम्हारे लिए ज़ोर नहीं डाल पाया था। तुम्हारी नौकरी वहां लगा नहीं पाया। आई एम सॉरी फॉर दैट। पर तुम अब कभी डीडी से निकाले जाओ तो एनडीटीवी जा सकते हो। अब माहौल तुम्हारे अनुरुप है वहां।
अंत में एक बात। ये तुम ही हो जिसका 100 करोड़ वाला वीडियो क्लिप आज भी इंटरनेट तैर रहा है। जिस भी तरह तुमने समझौता कर लिया हो लेकिन वो एक ऐसा बदनुमा दाग़ है जो कभी तुम्हारा पीछा नहीं छोड़ेगा। डीडी पर कभी उस क्लिप की बात भी करो। और हां। लाइव इंडिया में रहते हुए कैसे तुमने स्कूल टीचर को लेकर फर्ज़ी ख़बर चलायी वो भी पत्रकारिता जगत नहीं भूला है आज तक। जिनको नहीं पता वे गूगल का ग्रोक कर सकते हैं। दो बार जेल भी गए तुम। कोई तिहाड़ी शब्द का ज़िक्र करता है तो सभी समझ जाते हैं कि तुम्हारे बारे में कुछ कहा जाता है। और तुम हो कि समोसे जलेबी वाली स्टोरी का ज़िक्र कर महान बनने की कोशिश करते हो! बनो। और क्योंकि तुमने मेरी स्टोरी का ज़िक्र किया है, अगर क़ूवत है तो किसी दिन मुझे इसी डीडी के प्लेटफ़ॉर्म पर बहस के लिए आमंत्रित करो। तुम्हारी और मेरी पत्रकारिता का अंतर तुम्हारे प्रोग्राम के ज़रिए ही पता चल जाएगा। उन दर्शकों को जिनको तुम एक तरफ़ा तरीक़े से गुमराह कर रहे हो। ये मेरा हक़ भी बनता है क्योंकि तुमने मेरी स्टोरी का ज़िक्र किया।
तुम्हारे जवाब का इंतज़ार रहेगा
उमाशंकर सिंह
(पुनश्च: प्रिय पाठकों, सुधीर चौधरी को संबोधित करते हुए मैंने ‘आप’ लिखने की बहुत कोशिश की, लेकिन सहज मानवीय मूल्यों और व्यवहार कुशलता का अनुपालक होते हुए भी ऐसा नहीं कर पाया हूं। इसके लिए मैं पाठकों से बहुत माफ़ी चाहता हूं)
When the British left a fractured jigsaw puzzle of princely states, it took the monumental patience and moral resolve of Pandit Jawaharlal Nehru to stitch them into one sovereign reality. He understood that a nation’s progress depended on its integrity, famously warning that "evil unchecked grows, and evil tolerated poisons the whole system."
Today, our commitment to routing out such evil remains the foundational task of leadership.
India dominates the global tech landscape because of Nehru’s scientific vision. The IITs and institutions he founded were not just buildings; they were incubators for the intellect that drives the world today. He knew that purging the "evils" of ignorance and stagnation was the only way to build a modern powerhouse capable of standing tall on the global stage.
Yet, for all his stature, Nehru’s heart remained with the farmers. His final wish—to have his ashes scattered from the skies onto the fields—blended his mortality forever with the soul of our soil. On his 62nd Death Anniversary, we remember the man who lives on in every grain of this nation.
Remembering Jawahar. Jai Hind!
#Nehruji
This is happening regularly, children are suffering due to this, in the afternoon and at night... No one to answer... Powercut since past 3 hrs. @UPPCLLKO@PVVNLHQ@myogiadityanath@CMOfficeUP
आज शाम ALERT मैसेज आया, की HEAT STROKE से बचाव हेतू, अपने अपने घरों में रहें।
मगर घर रहने पर @PVVNLHQ@UPPCLLKO अपनी कृपा बरसाए हुए है,दोपहर से अबतक लुकाछुपी का खेल जारी है।
बिजली सप्लाई सुचारु रूप से पाने की उम्मीद लगाए बैठा वाराणसी के चौकाघाट स्थित पावरग्रिड से जुड़ा एक नागरिक।
आज शाम ALERT मैसेज आया, की HEAT STROKE से बचाव हेतू, अपने अपने घरों में रहें।
मगर घर रहने पर @PVVNLHQ@UPPCLLKO अपनी कृपा बरसाए हुए है,दोपहर से अबतक लुकाछुपी का खेल जारी है।
बिजली सप्लाई सुचारु रूप से पाने की उम्मीद लगाए बैठा वाराणसी के चौकाघाट स्थित पावरग्रिड से जुड़ा एक नागरिक।
കേരളത്തിന്റെ ആഭ്യന്തര മന്ത്രിയായി ചുമതലയേറ്റു. ജനകീയ കരുത്തിൽ, നീതിയും സുരക്ഷയും മുൻനിർത്തി, ഒരു നവകേരളത്തിനായി നമുക്ക് ഒന്നിച്ച് മുന്നേറാം.
#HomeMinister#KeralaGovernment #NewKerala#udfkerala
आज शाम ALERT मैसेज आया, की HEAT STROKE से बचाव हेतू, अपने अपने घरों में रहें।
मगर घर रहने पर @PVVNLHQ@UPPCLLKO अपनी कृपा बरसाए हुए है,दोपहर से अबतक लुकाछुपी का खेल जारी है।
बिजली सप्लाई सुचारु रूप से पाने की उम्मीद लगाए बैठा वाराणसी के चौकाघाट स्थित पावरग्रिड से जुड़ा एक नागरिक।