गीता अध्याय 4 श्लोक 34 में गीता ज्ञानदाता ने कहा है कि तत्वज्ञान की प्राप्ति के लिए तत्वदर्शी संत की शरण में जाओ। यानि बिना गुरु के ज्ञान और भक्ति अधूरी है।
#पूर्णगुरु_संतरामपालजीमहाराज ही ऐसे संत है जो शास्त्रों से प्रमाणित सतभक्ति प्रदान कर रहे हैं।
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गीता अध्याय 4 श्लोक 34 में गीता ज्ञानदाता ने कहा है कि तत्वज्ञान की प्राप्ति के लिए तत्वदर्शी संत की शरण में जाओ। यानि बिना गुरु के ज्ञान और भक्ति अधूरी है।
आज पूरे विश्व में एकमात्र #पूर्णगुरु_संतरामपालजीमहाराज ही ऐसे संत है जो शास्त्रों से प्रमाणित सतभक्ति प्रदान कर रहे हैं।
@TimesAlgebraIND जो व्यक्ति जात पात में उलझा हुआ है वो आध्यात्मिक बिल्कुल भी नहीं हो सकता।
जाति से बात शुरू करना हमने ही शुरू किया है।
परमात्मा जी ने जात पात नहीं बनाई अन्यथा जन्म से ही कोई पहचान जरूर देते।
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BIG NEWS 🚨 In a HISTORIC decision, Madhya Pradesh Govt will no longer pay income tax of Ministers.
Mohan Yadav administration ends 52 years old rule of 1972.
Following CM Mohan Yadav's decision, the ministers will now be responsible for paying their own income tax rather than having the state government cover this expense.
जुलाई से फोन कॉल करने वाले का नंबर के साथ दिखाई पड़ेगा कॉलर का नाम। सिम खरीदते समय KYC/ फॉर्म पर भरी गई जानकारी के आधार पर डिसप्ले होगा नाम।
विदित हो कि, पिछले कुछ दिनों में देश में तेजी साइबर अपराध की घटनाएँ बढ़ी हैं। उपरोक्त साइबर क्राइम के बढ़ते अपराध पर अंकुश लगाने हेतु भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) एक अच्छी पहल की शुरुआत करने जा रहा हैं।
Big win! Lay's India to reduce palm oil usage!
Last month, I made a video showcasing how Lay's India uses palm oil but Lay's USA does not use Palm oil!
After a lot of public pressure, Lays India has set a public statement that they have begun the process to replace palm oil in their Lays!
After Lays stops palm oil, it will also put pressure on all other brands like Bingo, Haldiram to potentially replace palm oil!
This is a major victory for the health of all Indians!
Let us all unite and keep fighting to make India healthy!
#LabelPadhegaIndia
#UttarPradesh: समस्या बता कर छुट्टी मांगना के बाद भी सीनियर अधिकारी का छुट्टी ना देना अपना रौब दिखाने का एक तरीका है! ये सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि SHO की छुट्टी न देने की जिद दो मौतों की वजह बन गई!
जालौन के थाना रामपुरा में तैनात 2018 बैच के सिपाही विकास निर्मल दिवाकर जिला मैनपुरी के रहने वाले हैं. करीब एक सप्ताह से सिपाही रामपुरा थाना इंचार्ज अर्जुन सिंह से गर्भवती पत्नी का प्रसव कराने का हवाला देते हुए कई बार छुट्टी देने की मिन्नतें की. मगर, एसएचओ ने सिपाही को छुट्टी नहीं दी. इसके चलते सिपाही की पत्नी को समय पर उचित उपचार न मिला और महिला और नवजात की मौत हो गई.
अपर पुलिस अधीक्षक असीम चौधरी ने बताया कि विभागीय जांच में थाना अध्यक्ष दोषी पाए गए हैं. थाना अध्यक्ष अर्जुन सिंह ने गलती की है, उन्हें सिपाही को छुट्टी देनी चाहिए थी. उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
@Uppolice@CMOfficeUP@myogiadityanath@myogioffice | #UP #Jalaun #Rampura
@RailMinIndia Sleeper कोच कम हो गए AC कोच बढ़ गए,
उसमे भी टिकट नहीं मिल रही।
एक डेढ़ महीने पहले से ही वेटिंग लिस्ट आने लगी है।
कोई सीट Available भी है तो Dynamic Pricing नामक लूट खसोट का एक और हथियार लगा रखा है आपने,
अब समझ नहीं आता कि हम जैसे lower middle class का इंसान सफर कैसे करें।
क्या आप जानते हैं कि,
हमारे देश में चुनावी बिगुल बज चुका हैं। इसलिए आज हम इस पोस्ट के माध्यम से जानने का प्रयास करेंगे कि हमारे द्वारा चुने गये नेताजी (सांसद) की वैध्य रूप से वार्षिक कमाई कितनी हैं? उन्हें प्रतिमाह देश विकास के पुनीत कार्यों को करने हेतु कितना वेतन मिलता हैं? इस आर्टिकल को पूरा पढ़ने से पहले एनसीआईबी मुख्यालय का आप सबसे अनुरोध हैं कि लोकतंत्र के इस महापर्व में अपनी सहभागिता निभाते हुए राष्टहित में मतदान अवश्य करें।
आज इस चुनावी मौसम में यह बात जान लेना हम सबके लिए जरुरी हैं कि आपके द्वारा देश के विकास हेतु चुने गये सांसद जी को हर माह 1 लाख 40 हजार रुपए मासिक वेतन मिलता है। जिसमें फिक्स सैलरी 50, 000+ कंस्टीट्यूटेन्सी अलाउंस 45, 000 + ऑफिस अलाउंस 45,000 शामिल है।
इसके अलावा नेता जी को डायरेक्ट एरियर (सालाना) : 3 लाख 80 हजार रु, हवाई सफर भत्ता (सालाना) : 4 लाख 8 हजार रु, रेल सफर भत्ता (सालाना) : 5 हजार रु, पानी भत्ता (सालाना) : 4 हजार रुपए रु, बिजली भत्ता (सालाना) : 4 लाख रु जैसे कई भत्ते शामिल हैं।
इस हिसाब से एक सांसद को सैलरी के अलावा करीब 1 लाख 51 हजार 833 रुपए प्रतिमाह यानी 18 लाख 22 हजार रुपए सालाना भत्ता दिया जाता है। अगर फिक्स्ड सैलरी और भत्ते को जोड़ें तो एक सांसद एक महीने में 2,91,833 रुपए वेतन पाता है। यानी देश को एक सांसद सालाना 35 लाख रुपए का पड़ता है।
इसमें भी सबसे खास बात ये है कि इनकी सैलरी पर कोई टैक्स नहीं लगता। वहीं इन्हें मिलने वाले भत्ते कई तरह के होते हैं, जिनमें कई सुविधाएं इनके परिवार के लोगों के लिए भी होती हैं। इसमें वाइफ या पार्टनर के लिए 34 फ्री हवाई सफर, अनलिमिटेड ट्रेन का सफर और संसद सत्र के दौरान घर से दिल्ली तक सालाना 8 हवाई सफर भी शामिल हैं।
अगर हम बात करें भत्ते में जुड़ी चीजों की तो एक सांसद को 50 हजार यूनिट फ्री बिजली, 1 लाख 70 हजार फ्री कॉल्स, 40 लाख लीटर पानी, रहने के लिए सरकारी बंगला (जिसमें सारे फर्नीचर और एयरकंडीशन, और इनका मेंटेनेंस भी फ्री) शामिल है। इस सबके अलावा इनके सुरक्षा हेतु सिक्युरिटी गार्ड्स, जिंदगीभर की पेंशन, जीवन बीमा और सरकारी गाड़ी, जो सरकार की तरफ से सांसद को मुफ्त दिया जाता है।
और अंत में सबसे महत्वपूर्ण बात कि अपने दुकान/ मकान/ कार्यालय या कम्पनी में कार्यरत 10 से 15 हजार प्रतिमाह वेतन लेने वाले कर्मचारी से हर कोई पूरे महीने के कार्य का हिसाब माँग लेता हैं। परंतु, लाखों रूपये प्रतिमाह वेतन एवं तरह तरह की सुविधाओं को पाने वाले नेताजी से कोई हिसाब नहीं माँगता। जिस दिन जनता सार्वजनिक मंच से अपने नेताजी से हिसाब माँगना चालू कर देगी, उस दिन से हमारे देश में स्वर्ण युग का आरंभ हो जाएगा।
𝗙𝗮𝗹𝘀𝗲 𝗰𝗹𝗮𝗶𝗺 : नहीं दिया वोट तो बैंक अकाउंट से कटेंगे 350 रुपएः आयोग
𝗥𝗲𝗮𝗹𝗶𝘁𝘆 : यह दावा फर्जी है, चुनाव आयोग द्वारा ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
#FakeNews#ECI#VerifyBeforeYouAmplify