मा.मुख्यमंत्री श्री @ChouhanShivraj जी,
क्या कोई 8-10 हज़ार रुपए में घर चला सकता है?
इतने कम वेतन पर भी अपना घर चलाने को मजबूर बिजली आउटसोर्स कर्मचारियों की दुर्दशा आपको क्यों नहीं दिखती? या आपके मंत्री ही आपको इस विषय से अवगत नहीं करान��� चाहते?
@JM_Scindia @BJP4MP @OfficeofSSC
बढ़ती #महंगाई से चिंतित #RBI ने रेपो रेट में 0.50% इजाफा किया! अब यह बढ़कर 4.90% हो गई है!
@narendramodi जी
यानी कि होम, ऑटो ���र पर्सनल लोन फिर महंगा होने वाला है! गरीबी/बेरोजगारी से जूझ रही #जनता को अब ज्यादा #EMI चुकानी होगी! आपका अत्याचार बंद कब होगा?
#BJP_हटाओ_देश_बचाओ
कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी खुद बोल रहे हैं कि वो किसी app के बारे में नही जानते तो फिर निचे वाले अधिकारी क्यों आउटसोर्स कर्मचारियों को MRI के लिए दबाव बना रहे हैं।
@PradhumanGwl@pravindubey121@MPEBIndore@CollecterK
माननिय@ChouhanShivraj@JM_Scindiaजी @PMOIndia जी
जबरन हमे शोषण की और ढकेल दिया जा रहा है कुछ गलती होने पर नोकरी से बाहर करने की धमकी दी जाती है सरकार ��उटसोर्स कर्मचारियों की और ध्यान नही दे रही है 8 से 10 हजार वेतन देते है इस वेतन में कुछ भी नही होता है
@narendramodi@sarita25148177 बिजली विभाग में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों के भविष्य के लिए विचार व्यक्त करें, वर्तमान ��्थिति में 8से9हजार रुपये के वेतन में परिवार का पालन पोषण करना बड़ा मुश्किल हो रहा है, वेतन बढ़ाये,नियमित करे,ऐसी आशा है, आउटसोर्स कर्मचारियों की।जिला खरगोन मध्यप्रदेश।
इसमें कोई दो राय नहीं है कि बिजली विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों की स्थिति बहुत ख़राब है.उनका काम सबसे ज्यादा जोख़िम भरा होता है.एक्सीडेंट होने पर न तो बड़ा मुआवज़ा मिलता है, न पेंशन और न ही अनुकंपा नियुक्ति. इनके लिए कुछ करिए @PradhumanGwl जी, @JM_Scindia जी, @ChouhanShivraj जी
खरगोन जिले में बिना कोई साधन दिए कर्मचारियों के निजी मोबाइल से mri करने हेतु दबाव दिया जा रहा हैअगर कोई कर्मचारी आत्महत्या करता है तो इसकी जवाबदेही सहायक यंत्री महोदय की होगी। ताजा उदाहरण आपके सामने है @PMOIndia@labour_mp@PradhumanGwl@CMMadhyaPradesh@VAKKS_MP
जिनका लाखो वेतन है फिर उन्हें 8% महंगाई भत्ता का तोफा लेकिन जो 8 से 10 हजार में काम कर रहे बिजली ऑउट सोर्स कर्मचारी उन्हें कुछ नही ऐसा सौतेला व्यवहार क्यो ?
हम भी इसी देश इसी प्रदेश में रहते हैं !
म.प्र.बाह्य स्रोत विद्युत कर्म.संगठन खरगोन
अभी वर्तमान में बंगाल में देखा जाए तो चुनाव चल रहा है। वहां पर कोई करोना का केस नहीं है। और नहीं कोई सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहा है। इसका मतलब यह है कि चुनाव आते हैं तो करोना चले जाता है। और चुनाव के बाद कोरोना वापस आ जाता है।
महोदय @PradhumanGwl मेभी बलवाड़ा सबस्टेशन का ऑपरेटर हु यहाँ पर ptr से ऑइल चोरी करने की कोशिश की गई जिसमें मेरे सहकर्मी द्वारा ptr तरफ हलचल पाई गई जिसे वो देखने गया तो ऑइल की 4-5 गेलन पाई और पीछे जंगल होने के कारण उनका पीछा नही कर पाए सबसे बड़ी कमजोरी बसबार में लाइट का न होना
रेगुलर संविदा के लिए 62 और वही काम को करने वाले आउटसोर्स के लिए 45।
ऐसा क्यों? क्या हम भारत के नागरिक नही? विभाग भ��� वही,आदमी भी वही।
आखिर कबतक होगा हमारा शोषण? कोरोना काल में भी हमने काम किया और इसका ऐसा सिला?
नही महोदय, आपके होते ये नही हो सकता।
@PradhumanGwl