@SultanpurDm महोदय,आपके आवास के पीछे नव निर्मित घाट के कारण काफ़ी कूड़ा इकठ्ठा हो गया हैं जिससे बदबू और मछर का प्रकोप काफ़ी बढ़ गया हैं EO नगरपालिका महोदय को काफ़ी बार सफाई के लिए आग्रह किया गया कोई सुनवाई नहीं हुई
माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री @yadavakhilesh जी के निर्देशानुसार 5 अगस्त को आयोजित होने वाले 'छोटे लोहिया' श्रद्धेय जनेश्वर मिश्र जी की जयंती समारोह की तैयारियों के क्रम में आज सुल्तानपुर मे आयोजित बैठक मे साथियों सहित सम्मिलित हुआ.
अयोध्या के मंदिर से ‘चढ़ावा, चंदा, दान चोरी’ का समाचार समस्त विश्व में फैल चुका है। दुनिया के विभिन्न देशों में रहनेवाला सनातनी भाजपा और उनके संगी-साथियों के कृत्यों ��े हो रही बदनामी की वजह से शर्मसार हैं और इसलिए आहत भी कि उन्होंने भी मंदिर में दान-चंदा भिजवाया था या स्वयं आकर चढ़ाया था। इस प्रकरण से सम्पूर्ण विश्व में सनातन समाज आक्रोशित है क्योंकि धर्म के साथ देश को भी भाजपाई अधर्मियों के कारण अपयश का शिकार होना पड़ रहा है।
दुनिया भर के निवेशक भी अब अपना हाथ खींच रहे हैं क्योंकि उन्हें लग रहा है कि ऐसी सरकार का क्या भरोसा जिसने अपने भगवान के दानपात्र त��� को नहीं छोड़ा, वो कल को हमारे निवेश को क्या छोड़ेगी। भाजपा सरकार ने अपनी धार्मिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और आर्थिक विश्वसनीयता पूरी तरह खो दी है।
"चोर चोर सौतेले भाई, जिन्होंने चुराई राम की पाई��� देखो जा रहा वो भाजपाई जिसने खाई राम की पाई।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी, प्रयागराज
"ये लोग चंदा चोरी को तो नहीं रोक पाए, लेकिन एक हिंदू को प्रभु श्रीराम के दर्शन करने से रोक रहे हैं। यह कैसा न्याय है? यह कैसी परंपरा है? कौन-से धर्म की परंपरा है कि किसी को प्रभु श्रीराम के दर्शन करने से रोका ��ाए?" @KLSharmaINC
राहुल गांधी जी ने बार-बार चेतावनी दी, कड़े कानून की मांग की, लेकिन भ्रष्टाचार जनता पार्टी की सरकार ने माफियाओं को खुली छूट दे रखी है!
युवाओं को रोज़गार तो नहीं मिला, पर 'लीक' पेपर का तोहफा ज़रूर मिल रहा है!
#NEET2026Cancelled#NEETEXAMS#NEET
सभी कर्तव्यनिष्ठ सिविल सेवकों को 'सिविल सेवा दिवस' की हार्दिक बधाई!
राष्ट्र की प्रगति एवं उन्नति तथा जनता के कल्याण के कार्य आप इसी समर्पित भाव से करते रहें, आप अपने सभी लक्ष्यों को पूर्ण करने में सक्षम और सफल हों, बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
‘तथाकथित महिला आरक्षण बिल’ के बहाने भाजपा नारी को नारा बनाने की कोशिश कर रही है क्योंकि महिला असुरक्षा, महिलाओं के ख़िलाफ़ बेतहाशा बढ़ती हिंसा व अपराध, महंगाई, बेरोज़गारी, बेकारी, बीमारी और अशि��्षा की वजह से नारी भाजपा से किनारा कर चुकी है। नारी-स्वतंत्रता के विरुध्द भाजपाइयों और उनके संगी-साथियों की रूढ़िवादी संकीर्ण सोच और तंग नज़रिया नये जमाने की नारी शक्ति को स्वीकार्य नहीं है।
ये बिल भी रूप बदलकर नारी के अधिकार का हरण करने आया है। इस बिल को लेकर हमारे सवाल और शंका हमारा विरोध नहीं है ये तो नारी के अधिकारों को बचाने की वो सकारात्मक ‘लक्ष्मण रेखा’ है जो नारी के सशक्तीकरण के लि�� खींची जा रही है।
तथाकथित महिला आरक्षण बिल ‘पिछड़े, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक’ मतलब लगभग 95% समाज की सभी महिलाओं के ख़िलाफ़ है क्योंकि इससे महिलाओं के बीच विभाजन करने की साज़िश की जा रही है। ये महिला को अधिकार देने की नहीं बल्कि आज उनकी शक्ति को बाँटकर बेहद कमज़ोर करने व कल को उनके हक़ को छीनने की छद्म योजना है।
भाजपा के वैचारिक पूर्वजों ने आज़ादी से पहले देश को बाँटने में अपनी भूमिगत भूमिका निभाई और फिर उनके संगी-साथियों ने आज़ादी के बाद भी नफ़रत के नाम पर समाज के भाईचारे, अमन-चैन को बाँटने की ‘कुटिल करतूत’ जारी रखी और अब ये नकारात्मक लोग अपनी नारी-विरोधी सामंती सोच के कारण देश की ‘आधी आबादी’ मतलब महिलाओं की ताक़त बाँटने और हमेशा के लिए दबाये रखने का षडयंत्र कर रहे हैं, जिससे कि आज की जागरूक नारी की विरोध की क्षमता बँट जाए, घ�� जाए, मिट जाए।
ये बिल नहीं है, भाजपा की दरारवादी राजनीति का ‘काला दस्तावेज़’ है। जिन्होंने नारी को अपने संगठनों में मान-सम्मान नहीं दिया, वो राजनीति में क्या स्थान देंगे।
अगर पिछडों की आबादी कम-से-कम केवल 66% भी मान ली जाए, तो इनमें ‘आधी आबादी’ मतलब महिलाएं 33% होंगी। जिनके हक़ की बात नहीं हो रही है, इसका मतलब ये बिल 33% महिलाओं को हक़ देने के लिए नहीं बल्कि उनका हक़ मारने के लिए लाया जा रहा है। ये भा���पा और उनकी वर्चस्ववादी महिला विरोधी सांमती सोच की साज़िश है, जिसका हम विरोध करते रहेंगे… इसके लिए भी चाहे ‘साल लगे या सदी’। दरअसल ये 33% महिलाओं को आरक्षण दे नहीं रहे हैं बल्कि 33% महिलाओं से आरक्षण छीन रहे हैं।
हम बिल के विरोध में नहीं है सिर्फ़ उनके उस शोषणकारी तरीक़े के ख़िलाफ़ हैं, जिसकी मंशा ख़राब है। अगर किसी काम को करने की सही मंशा होती है, तो शंका नहीं होती है। दरअसल ये हार की हड़बड़ी में उठाया गया क़दम है, इसके पीछे कोई तैयारी नहीं है। हमारे बीच इस बिल को लेकर इसलिए रोष है, क्योंकि प्रक्रिया का दोष है। इस बिल में खोट है, क्योंकि भाजपा की नज़र में सिर्फ़ वोट है।
दरअसल महिला आरक्षण बिल का तो आधार ही निराधार है। आरक्षण का आधार अगर कुल सीटों का 1/3 (एक तिहाई) है तो इसका मतलब हुआ कि ये गणित का विषय है और गणित का आधार अंक होते हैं, संख्याएं होती हैं, कोई हवा हवाई बात नहीं। और इस तरह के मामले में संख्या का आधार जनसंख्या होती है, जिसका आधार जनगणना होती है। जब महिलाओं की जनसंख्या के लिए 2011 के पुराने आँकड़ों को आधार बना��ंगे तो महिला आरक्षण की आधारभूमि ही गलत होगी, जब भूमि में ही दोष होगा तो सच्ची फसल कैसे उगेगी।
जब गिनती ही गलत होगी तो आरक्षण कैसे सही होगा।
ये संशोधन के नाम पर जो जल्दबाज़ी दिखा रहे हैं दरअसल उसके पीछे भाजपाइयों की मंशा ये है कि जनगणना न करनी पड़े क्योंकि अगर जनगणना हुई तो जातिवार आँकड़े भी देने पड़ेंगे और जातिवार आरक्षण भी। ये भाजपा का एक बहुत बड़ा षड्यंत्र है, जिसमें जनगणना आधारित परिसीमन को नकार कर पिछड़ी, दलित, अल्पसंख्यक व आदिवासी महिलाओं का अधिकार लूटा जा रहा है।
‘तथाकथित महिला आरक्षण बिल’ महिलाओं और लोकतंत्र के ख़िलाफ़ ख़ुफ़िया लोगों की गुप्त योजना है, जो तब तक स्वीकार्य नहीं जब तक प्रक्रिया में सुधार नहीं।
देश के प��र्व राष्ट्रपति, प्रख्यात शिक्षाविद, महान दार्शनिक भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी को पुण्यतिथि पर शत शत नमन।
देश निर्माण, शिक्षा व दर्शन के प्रसार में आपका अतुलनीय योगदान एक पथप्रदर्शक के रूप में समाज को दिशा दिखा रहा है।
#सर्वपल्ली_राधाकृष्णन
जब PDA की सरकार बनेगी, बाबा साहब के संविधान के रास्ते पर वो चलेगी,
दलितों पिछड़ों अल्पसंख्यकों एवं समस्त PDA का उद्धार होगा,
जब सत्ता की कमान PDA नायक श्री @yadavakhilesh जी के हाथ में होगा।
Dear @BPCLimited I have booked a cylinder from Shivanshu Gas Service Gauriganj Amethi, I haven't received the cylinder yet & got the message that gas has been delivered Kindly do the needful. @DmAmethi