मप्र के 08 लाख 46 हजार युवाओं ने "छात्रों की गूंज" के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था! यह संख्या सबूत है कि युवा अब बदलाव चाहते हैं!
📍भोपाल | प्रेस कॉन्फ्रेंस
“मोदी सरकार को मालूम था कि एक दिन चुनाव आयोग के भीतर का खेल बाहर आएगा और जनता चुनाव आयुक्त को गिरफ्तार करने की मांग करेगी। इसीलिए दिसंबर 2023 में मोदी सरकार ने कानून बनाया कि चुनाव आयुक्तों को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। यह कानून तब बना जब दोनों सदनों के 141 सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया था। सदन में कोई विपक्ष ही नहीं था। अब समझ में आ रहा है कि वह कानून किसलिए बनाया गया था।"
मैं तीन साल से वोट चोरी का पर्दाफ़ाश करता आ रहा हूँ। अब चुनाव आयुक्त खुद इसे स्वीकार कर सच्चाई उजागर कर रहे हैं।
ज्ञानेश कुमार ने देशद्रोह किया है। वो अभी इस्तीफ़ा दें और approver बन जाएं।
वोट चोरी की साज़िश में नरेंद्र मोदी और अमित शाह की पूरी जांच होगी।
मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी,
इंदौर में ‘छात्रों की गूँज’ कार्यक्रम में OBC वर्ग के छात्रों ने बताया कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद 27% OBC आरक्षण के तहत 13% पदों पर नियुक्तियां वर्षों से रुकी हुई हैं।
सभी छात्र बहुत पीड़ा में हैं - चार साल से अधिक समय से इंतज़ार कर रहे इन युवाओं का कीमती वक्त अब और ज़ाया नहीं होना चाहिए।
उनकी बात सुनिए, सभी दलों की सर्वसम्मति से पारित 27% OBC आरक्षण लागू कीजिए और सभी चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति दीजिए।
आज Indian Express की स्टोरी ने साबित कर दिया है कि मोदी जी और अमित शाह वोटों की बहुत बड़ी चोरी करके चुनाव जीत रहे हैं। इस चोरी के सरगना ज्ञानेश कुमार हैं।
हम मांग करते हैं कि ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करके तुरंत उन पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा चलाया जाए और पिछले कुछ सालों में जितने चुनाव हुए हैं, वे सब रद्द करके दोबारा करवाए जाएं।
भयावह। जागो जनता जागो। लुट गया लोकतंत्र का कारवां । मत करो ऐसा। मत होने दो ऐसा। इस देश को आज़ादी लाखों के संघर्ष और त्याग से मिली है। इसलिए नहीं कि वोट का अधिकार उनसे बीच राह में छीन लिया जाएगा। वोट का अधिकार आज़ादी का अधिकार है।
मोदी के चहेते ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग में अपनी मनमर्जी चला रहे हैं।
👉 इस बारे में खुद दो चुनाव आयुक्तों ने 10 महीने में 14 बार शिकायत की है।
▪️ शिकायत में साफ कहा गया कि दोनों चुनाव आयुक्त - सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी को महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी नहीं दी जाती। उनसे सलाह नहीं ली जाती। उनसे बिना पूछे या बताए हुए फैसले लिए जा रहे हैं।
▪️ ये 14 शिकायतें मुख्य तौर से - SIR, फॉर्म 6 में बदलाव, नए वोटर का रजिस्ट्रेशन, वोटर लिस्ट से नाम हटाना और जोड़ना, नाम बहाल करने के आदेशों के खिलाफ अपील, वोटर लिस्ट की सुरक्षा और चुनाव आयोग के कामकाज को लेकर है।
इन शिकायतों से साफ होता है कि तीन सदस्यों वाले चुनाव आयोग में सिर्फ ज्ञानेश कुमार की चल रही है।
ज्ञानेश अपने बॉस मोदी की तरह तानाशाही कर रहे हैं और मोदी को खुश करने के लिए 'वोट चोरी' का काम कर रहे हैं।
हम पहले भी कहते आए हैं - मोदी ने चुनाव आयोग पर कब्जा कर रखा है। ज्ञानेश कुमार मोदी के हाथ की कठपुतली है। इंडियन एक्सप्रेस की इस रिपोर्ट से ये बात साबित होती है।
मोदी और ज्ञानेश ने मिलकर देश के लोकतंत्र को बहुत नुकसान पहुंचाया है।
लेकिन ये बात याद रखना - वक्त आने पर सबका हिसाब होगा, जवाबदेही तय होगी। इस अपराध की सजा जरूर मिलेगी।
राहुल गांधी एक बार फिर सही साबित हुए,
ज्ञानेश कुमार को अब इस्तीफा दे देना चाहिए
वोट चोरी मामले में एक और नया खुलासा हो गया है
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट अपने पढ़ ही ली होगी
नोटबंदी से लेकर वोट चोरी तक राहुल गांधी कभी गलत नहीं निकले
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Vote chori is a crime against the Indian people and a direct attack on our constitution.
The BJP, RSS and EC who organised it have committed an act of treason.
Justice will be served.