नेपाल में युवाओं की बढ़ती नाराजगी फिर से सड़कों पर दिखाई देने लगी है। पिछले तीन दिनों में तीन युवाओं ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया। इनमें से दो की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से झुलसा हुआ अस्पताल में भर्ती है।
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ‘बालेन’ के इस्तीफे की मांग तेज हो गई है। राजधानी काठमांडू में युवा प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस ने सरकार पर युवाओं में उम्मीद और भरोसा जगाने में विफल रहने का आरोप लगाया है।
जेन-जी नेपाल संगठन ने प्रधानमंत्री बालेन शाह पर जनविरोधी और निरंकुश तरीके से शासन चलाने का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि बजट व नीतियों में युवाओं के रोजगार और आय बढ़ाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
25-30 साल पहले, जब मैं किसी सरकार का हिस्सा नहीं था और सार्वजनिक जीवन में मुझे कोई नहीं जानता था, तब मुझे न्यूज़ीलैंड आने का मौका मिला था।
उस समय, किसी ने मुझे तीन चीज़ें तोहफ़े में दी थीं...मैं आज इस कार्यक्रम में उनमें से एक चीज़ साथ लाया हूँ।
आप जो मफ़लर देख रहे हैं, वह मुझे 25-30 साल पहले न्यूज़ीलैंड के एक व्यक्ति ने तोहफ़े में दिया था।
मैं आज भी इसका वैसे ही ध्यान रखता हूँ, जैसे मैं मेरे लिए आपके प्यार का ध्यान रखता हूँ।
रावतपुर गांव की यह सड़क सिर्फ मेरे घर के पास की नहीं, बल्कि पूरे कानपुर की बदहाली की तस्वीर है। निकाय से लेकर केंद्र तक बीजेपी की है, फिर भी कानपुर की सड़कों की हालत ऐसी? आखिर सरकार कब जागेगी?
#Kanpur#Rawatpur#UttarPradesh#RoadSafety#Infrastructure#BJP
UP के मुज़फ्फरनगर में बारिश से बचने को एक सांड छत पर चढ़ गया। लोगो ने उतारने की कोशिश की। इस बीच छत से उतारने के प्रयास में टीन शेड टूटा तो सांड नीचे आ गिरा।
यूपी : रायबरेली में शरद कुमार सिंह मासूम बेटी शिवानी को टॉन्सिल ऑपरेशन के लिए प्राइवेट हॉस्पिटल में ले गए। यहां हालत बिगड़ गई और बच्ची कोमा जैसी स्थिति में पहुंच गई। बच्ची को फैमिली वाले लखनऊ के हॉस्पिटल में ले गए। वहां मौत हो गई। पुलिस ने दोनों हॉस्पिटलों के डॉक्टर निशांत सिंह, डॉक्टर अमित सिंह और तीन स्टाफ के खिलाफ FIR दर्ज की।
यूपी : रायबरेली में शरद कुमार सिंह मासूम बेटी शिवानी को टॉन्सिल ऑपरेशन के लिए प्राइवेट हॉस्पिटल में ले गए। यहां हालत बिगड़ गई और बच्ची कोमा जैसी स्थिति में पहुंच गई। बच्ची को फैमिली वाले लखनऊ के हॉस्पिटल में ले गए। वहां मौत हो गई। पुलिस ने दोनों हॉस्पिटलों के डॉक्टर निशांत सिंह, डॉक्टर अमित सिंह और तीन स्टाफ के खिलाफ FIR दर्ज की।
फिरोजाबाद में डेढ़ साल के बच्चे के हत्यारे जितेंद्र पाठक को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। ये सजा घटना के महज 40 दिन में सुनाई है।
जितेंद्र ने बच्चे को जमीन पर 8 बार पटक-पटक कर मार डाला था। वह एकतरफा प्यार में बच्चे की मां से शादी की जिद कर रहा था। बच्चे की मां के मना करने के बाद से युवक गुस्से में था।
बच्चे की हत्या का सीसीटीवी भी सामने आया था। जिसने भी देखा था, उसके रोंगटे खड़े हो गए थे। उस वक्त पुलिस ने दोनों पैर में गोली मारकर उसे गिरफ्तार किया था।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव प्रियदर्शी ने बताया कि पुलिस और अभियोजन पक्ष ने तेजी से पैरवी की। मात्र छह दिनों में 13 गवाहों की गवाही पूरी कराई गई।
राम मंदिर परिसर में चंपत राय की हुकूमत अब भी बरकरार है। दैनिक भास्कर की छानबीन में सामने आया है कि ट्रस्ट से बाहर होने के बाद भी वीआईपी पास बांटने में चंपत राय का ही सिक्का चल रहा है। मंदिर के 1800 करोड़ का फंड जिन बैंक अकाउंट में है, उन्हें भी उनके खास लोग संभाल रहे हैं।
ऐसा तब है, जब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट में चढ़ावा चोरी के आरोपों के बाद चंपत राय 26 जून को महासचिव पद से इस्तीफा दे चुके हैं। 6 जुलाई को उनका इस्तीफा स्वीकार भी हो चुका है।
मामले की जांच कर रही एसआईटी की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। माना जा रहा है कि एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में चंपत राय को 'सेफ एग्जिट' दे दिया है।
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एक बात याद रखिए
जब कभी भी केंद्र में कांग्रेस आयेगी उसके ठीक 15 दिन के अंदर पूरे देश में कम से कम 20 राज्यों में कांग्रेस की सरकार होगी
और राज्य सभा में 2/3 बहुमत भी 6 महीने के भीतर ही हो जाएगा
क्योंकि है तो सब इनके ही आदमी,तुरंत आयेंगे सब
भाजपा कैडर बेस पार्टी हुआ करती थी अब नी
राजनीति का यह अनोखा रूप भी देख लीजिए। आज TMC के तीन पूर्व राज्य सभा सांसद सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बराइक बीजेपी में शामिल हुए।
इनाम के तौर पर बीजेपी ने तीनों को ही राज्यसभा का उम्मीदवार बना दिया।
ऐसा लगता है कि बंगाल में बीजेपी के पास अपने नेता नहीं हैं। TMC वालों को ही लेकर आगे बढ़ रहे।
अंक गणित और जोड़-घटाव के पीछे की असली कहानी
इंडोनेशिया यात्रा पर पीएम मोदी ने क्यों बताया था नंबर आठ का दिलचस्प गणित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जकार्ता में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए '2+6' और '1+7' का जिक्र किया था।
इनका जोड़ आठ होता है।
दरअसल, उनसे पहले अपने संबोधन में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने अपने भाषण में अंक '8' को अपना लकी नंबर बताया था।
उन्होंने कहा था कि वे सातवें राष्ट्रपति बनना चाहते थे लेकिन नहीं बन सके।
पर क़िस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था, इसलिए वे 8वें राष्ट्रपति बन गए।
पीएम मोदी ने इसी बात को भारत-इंडोनेशिया के रिश्तों से जोड़ते हुए हल्के-फुल्के अंदाज में गणितीय संदर्भ दिए।
पिछले साल गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति सुबियांतो मुख्य अतिथि थे।
पीएम मोदी ने इसे उनके लकी नंबर आठ से जोड़ा।
उन्होंने कहा- 2+6 = 8: राष्ट्रपति सुबियांतो 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) को भारत के मुख्य अतिथि थे, इसलिए 2+6 = 8 हुआ।
1+7 = 8: राष्ट्रपति सुबियांतो का जन्मदिन 17 अक्टूबर को आता है, इसलिए 1+7 = 8 हुआ।
मोदी ने इस नंबर गेम के जरिए दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और कूटनीतिक तालमेल दिखाने की कोशिश की थी।
यह उनकी त्वरित प्रतिक्रिया थी जो वहां मौजूद लोगों को बहुत पसंद आई।
हालाँकि भारत में कुछ लोगों को बुरा लगा है।
पूरा वीडियो नीचे है ⬇️
अरे यार जब दुलत जी की वजह से वो पाकिस्तानी ISI चीफ भारत के लिए काम कर रहा था तो क्या चाहते हो तुम, की भारत के चीफ पाकिस्तान के लिए काम करते??? आखिर चाहते क्या हो तुम
दो व्यक्ति थे
एक मेजर जनरल असद दुर्रानी जो पाकिस्तान सेना का अधिकारी था और पाकिस्तान की गुप्तचर एजेंसी आईएसआई का चीफ था
और दूसरा एक भारतीय ब्यूरोक्रेट था अमरजीत सिंह दुलत यानी AS दुलत जो भारतीय गुप्तचर एजेंसी रॉ का चीफ था
रिटायरमेंट के बाद दोनों कुछ महीने तक काठमांडू के होटल में साथ रहे और वहां उन्होंने एक साथ एक किताब लिखी स्पाई क्रॉनिकल्स रॉ आईएसआई
इसमें दोनों ने अपने-अपने देश के कुछ फेल्ड मिशन के बारे में विस्तार से लिखा
इस किताब के बाद भारत में AS दुलत की विपक्ष खासकर कांग्रेस ने खूब तारीफ की राहुल गांधी इस अपनी भारत तोड़ो यात्रा में साथ लेकर चलते थे क्योंकि यह लगातार मोदी पर मोदी सरकार पर जहर उगल रहा था
वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान में मेजर जनरल असद दुर्रानी को गिरफ्तार कर लिया गया 3 महीने जेल में रहे पाकिस्तान के सभी टीवी चैनलों पर उनकी खूब निंदा की गई उसे देश का गद्दार कहा गया उसे यह कहा गया कि वह खाने को तो आईएसआई का चीफ था लेकिन वह रॉ के लिए काम कर रहा था
उसकी सारी पेंशन और जितनी भी सुविधा उसे रिटायरमेंट के बाद मिल रही थी सब बंद कर दी गई उसके पूरे परिवार को पाकिस्तान छोड़कर रातों-रात फरार होना पड़ा और आज वही मेजर जनरल असद दुर्रानी कहीं गुमनामी की जिंदगी जी रहा है
अगर आप भारत में गद्दारी करेंगे तब आप कांग्रेस और राहुल गांधी की नजरों में हीरो बन जाएंगे