अमेरिका सवा सात लाख भारतीयों को अवैध बता कर इंडिया भेज रहा है ।
मोदी जी के 'महान मित्र ' की करतूत देखिए👇
हाथ में हथकड़ी
पैरों में जंजीर
लगाकर ट्रंप सरकार भारतीयों को जबरन भारत वापस भेज रही है और मोदी सरकार चुप्पी साधे बैठी है।
शर्म इस सरकार को आती नहीं!
“For 40 hours, we were handcuffed, our feet tied with chains and we were not allowed to move an inch from our seats. It was worse than hell”: Harvinder Singh
Prime Minister, listen to this man’s pain. Indians deserve Dignity and Humanity, NOT Handcuffs.
आज राजनीति से ऊपर उठकर 140 करोड़ भारतीयों का सीना छलनी है। सपने जमीन पर, हाथ में हथकड़ी और स्वाभिमान धूमिल हो गया है।
ऐसे में मैं सरकार से 4 बातें पूछना चाहूंगा-
1. क्या मोदी सरकार जानती है कि 5 फरवरी को 104 भारतीयों को 40 घंटे की यात्रा में हाथ में हथकड़ी और पांव में जंजीरें पहनाकर अमानवीय तरीके से भारत भेजा गया। जिसमें 19 महिलाएं भी शामिल थीं। वहां इन सभी के लिए सिर्फ एक शौचालय था।
क्या सरकार जानती है कि अमेरिका में ऐसे 7.25 लाख भारतीय हैं, जिन्हें अमेरिका इसी तरह से निकालने की तैयारी कर रहा है?
क्या ये भारतीयों के साथ किसी उग्रवादी जैसा व्यवहार है या मानवीय व्यवहार है?
2. ऐसे कितने और भारतीय हैं, जिन्हें अमेरिका ने इसी अमानवीय तरीके से डिटेंशन सेंटर में बंद कर रखा है। क्या उन्हें काउंसलर एक्सेस दिया गया है?
3. क्या 100 करोड़ रुपए खर्च कर 'नमस्ते ट्रंप' करने वाली मोदी सरकार ये समझती है कि-
हर साल दो करोड़ नौकरियों का वादा करने वाली आपकी सरकार, लोगों को रोजगार और रोटी नहीं दे पाई।
सरकार इन सभी लोगों के लिए अब क्या करेगी?
4. जब कोलंबिया जैसा छोटा सा देश अमेरिका को 'लाल आंख' दिखाकर अपने नागरिकों को अपमानित होने से बचा सकता है, तो नरेंद्र मोदी ऐसा क्यों नहीं कर सकते?
: राज्य सभा में @rssurjewala जी
किसान नेता श्री जगजीत सिंह डल्लेवाल जी के स्वास्थ्य की बड़ी चिंता है क्योंकि वो पिछले 21 दिनों से किसानों के लिए #MSP_गारंटी_कानून लागू करवाने के लिए आमरण-अनशन पर बैठे हुए हैं ओर उनका वज़न लगातार कम होता जा रहा है। श्री डल्लेवाल जी आप किसान आंदोलन की अमूल्य धरोहर हो, मैं परमात्मा से प्रार्थना करता हूं कि वो आपको सलामत रखें ओर आपकी भूख हड़ताल सफल हो।
मैं आज़ आपके पास बार्डर पर आना चाहता था लेकिन मेरे पैर में बहुत तकलीफ़ है इसलिए मैं आ नहीं सका माफ़ी चाहता हूं।
ओर मेरी केंद्र सरकार से अपील है खासकर मोदी जी से कि वो अपना किया वायदा पूरा करें ताकि किसानों को उनका हक़ मिल सकें- सत्यपाल मलिक (पूर्व गवर्नर) #SatyapalMalik
#Msp_गारंटी_कानून_लागू_करो #FarmersProtest #JagjeetSinghDallewal
"क्या बुलडोजर नीति पर किसी केंद्रीय मंत्री ने कुछ बोला"
◆ सदन में बोले कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी
@DrAMSinghvi#AbhishekManuSinghvi | Abhishek Manu Singhvi
पहली बार, 26 जनवरी 2002 को कोर्ट के आदेश पर RSS को अपने headquarter पर तिरंगा मजबूरी में फहराना पड़ा !
पूरा देश जानता है कि 1949 में RSS नेताओं ने भारत के संविधान का विरोध किया था। क्योंकि ये मनुस्मृति पर आधारित संविधान नहीं था। इस बारे में RSS के मुखपत्र Organiser ने 30 नवंबर, 1949 के अंक में विरोध करते हुए संपादकीय भी लिखा था। BJP-RSS के लोगों के मन में आज भी मनुस्मृति कायम है।
जो लोग तिरंगे के ख़िलाफ़ थे, अशोक चक्र के ख़िलाफ़ थे, जो लोग संविधान के ख़िलाफ़ हैं...
…वो हमें संविधान का पाठ पढ़ा रहें हैं !
गृहमंत्री अमित शाह ने जो आज भरे सदन में बाबासाहेब का अपमान किया है, उससे ये फ़िर एक बार सिद्ध हो गया है कि —
— BJP/RSS तिरंगे के खिलाफ़ थे।
— उनके पुरखों ने अशोक चक्र का विरोध किया।
— संघ परिवार के लोग पहले दिन से भारत के संविधान के बजाय मनुस्मृति को लागू करना चाहते थे।
बाबासाहेब डॉ आंबेडकर जी ने ये नहीं होने दिया, इसलिए उनके प्रति इतनी घृणा है।
मोदी सरकार के मंत्रीगण ये कान खोलकर समझ लें कि मेरे जैसे करोड़ों लोगों के लिए बाबा साहेब डॉ आंबेडकर जी भगवान से कम नहीं।
वे दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यक व ग़रीबों के मसीहा हैं और हमेशा रहेंगे।
पहले NEET परीक्षा का पेपर लीक हुआ और अब छात्रों का आरोप है कि इसके रिजल्ट में भी स्कैम हुआ है। एक ही सेंटर के 6 छात्रों को 720 में से 720 अंक मिलने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और कई तरह की अनियमितताओं की बातें सामने आ रही हैं। दूसरी ओर, रिजल्ट आने के बाद देश भर में कई बच्चों के आत्महत्या करने की खबरें हैं। यह बहुत दुखद और झकझोरने वाला है।
सरकार लाखों छात्रों की आवाज को अनसुना क्यों कर रही है? छात्र-छात्राओं को NEET परीक्षा के परिणाम में धांधली से जुड़े वाजिब सवालों के जवाब चाहिए। क्या सरकार की जिम्मेदारी नहीं बनती कि वो जांच कराकर इन वाजिब शिकायतों का निस्तारण करे?