कानपुर की DCP (South) रवीना त्यागी उस बच्ची और परिवार से मिलने पहुंचीं, जिस बच्ची के सामने उसके पिता को बजरंगदल के हिंसाजीवियो ने धार्मिक नारे लगाते हुए पीटा था। रवीना त्यागी की कोशिश जख्म पर मरहम जरूर है, लेकिन याद रहे दोषियों को कड़ी सजा दिलाए बिना इस मरहम के कोई मायने नही हैं।
मुरादाबाद नरसंहार के 41 साल,
13 अगस्त 1980 की ईद का वो दिन जब हजारों मुसलमान ईद की नमाज अदा करने ईदगाह में इकठ्ठा हुए थे और पीएसी के जवानों ने जलियांवाला बाग दोहराया था जिसमें देखते ही देखते सैकड़ों मुसलमान शहीद हो गए थे। तब केंद्र और राज्य दोनों मे सेक्युलर कांग्रेस की सरकार थी।
भाई बहन दोस्तों
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