शिक्षक संगठनों की जयपुर बैठक में सभी संगठनों ने विभाग के हर निर्णय का साथ देने का भरोसा दिया था
संघों ने पक्ष रखा कि अवकाश कटौती नहीं किए जाने चाहिए इस पर शिक्षा सचिव, शिक्षा निदेशक द्वारा वादा किया गया था कुल अवकाश कम नहीं होंगे, अब 11 अवकाश कम कर दिए जिसका संगठन विरोध करता है।
झालावाड़ के मनोहर थाना क्षेत्र में मनपसर ग्राम पंचायत के राउप्रावि पिपलोदी में प्रार्थना सभा के दौरान विद्यालय भवन गिरने से 60 से अधिक बच्चों व 5-6 शिक्षकों के दबने की दुर्घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। ईश्वर से प्रार्थना है कि सभी सकुशल मलबे से बाहर निकलें।
जिला प्रशासन गंभीरता व त्वरित गति से राहत कार्य को अंजाम देकर सभी को सकुशल बाहर निकाले।
माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी इस लापरवाही के लिए जो भी जिम्मेदार हैं उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। इस तरह बच्चों व शिक्षकों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं हो सकता।
विद्यालयों से जर्जर भवनों की प्रतिवर्ष रिपोर्ट जाती है लेकिन फिर भी अगर इस तरह लापरवाही से हादसा होता है तो यह शर्मनाक है। पूरे गांव का क्या हाल है हम समझ सकते हैं।
📍चित्तौड़गढ़
रेसला जिलाध्यक्ष शौकीन धाकड़ द्वारा शिक्षा मंत्री श्री @madandilawar जी का चितौड़गढ़ प्रवास पर अभिनंदन किया गया। रेसला जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में व्याख्याता विकास अग्रवाल, महिपाल सिंह, कमलेश दायमा, माणिक सोनी, राजीव मीना, सुनीता रावत, मीना राठौड़ और ऋतु याग्निक ने शिक्षा मंत्री का स्वागत करते हुए इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री को 5 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
@rajeduofficial@AshishModiIAS
चित्तौड़गढ़।रेसला के द्वारा शिक्षा मंत्री श्री मदन जी दिलावर का चितौड़गढ़ प्रवास पर अभिनंदन कर पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन दिया।जिलाध्यक्ष शौकीन धाकड़ के नेतृत्व में व्याख्याता विकास अग्रवाल, महिपाल सिंह,कमलेश दायमा,माणिक सोनी,राजीव मीना,सुनीता रावत,मीना राठौड़और ऋतु याग्निक थे
*वरिष्ठ व्याख्याता पद के विरोध में रेसला ने सौंपा ज्ञापन*
निंबाहेड़ा। राजस्थान शिक्षा सेवा प्राध्यापक संघ रेसला ने जिलाध्यक्ष शौकीन धाकड़ के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी महोदय को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया
@DrAshokJat यह सिर्फ भभकी है वास्तव में इस नियम को लागू करना आसान नहीं है।
शिक्षकों के भारी विरोध का सामना करना पड़ेगा और उपरोक्त सभी कमिंर्यों को दूर करने के पश्चात ही इस नियम को लागू करने का वास्तविक और वैध आधार हो सकता है।
माननीय शिक्षा मंत्री जी का सत्रांक को लेकर कल एक संदेश सुना और सारे शिक्षा विभाग में चर्चा का विषय हो गया। हमारे शिक्षक साथियों के फोन आए और पूछ रहे हैं कि:-
1. जिन विद्यालयों में आज 19,000 से अधिक व्याख्याता, 9,000 के लगभग प्रिंसिपल, 7500 से ज्यादा उप प्राचार्य, 32,000 से अधिक वरिष्ठ अध्यापक के पद रिक्त हैं यदि उन बच्चों व विद्यालयों का परिणाम प्रभावित होता है तो कौन जिम्मेदार है??
वरिष्ठ अध्यापक से व्याख्याता की काउंसलिंग तीन बार स्थगित हो गई और विद्यार्थी व्याख्याताओं के अभाव में परीक्षा दे रहे हैं, परिणाम की जिम्मेदारी किसकी होगी??
शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों में लगाया जाता है इसकी जिम्मेदारी कौन लेंगे??
कोई भी परिवर्तन करने से पहले शिक्षक संघों से वार्ता करना तक उचित नहीं समझा जाता। शिक्षकों का दृष्टिकोण जानना क्या उचित नहीं समझा जाता?
सबसे पहले तो शिक्षा विभाग में रिक्त पड़े प्राचार्य, उप प्राचार्य, व्याख्याता , वरिष्ठ अध्यापक के पदों पर नियमित व रिव्यू डीपीसी संपन्न हो। जो काउंसलिंग रूकी हुई है वो काउंसलिंग शीघ्र करवाकर शिक्षकों को पदस्थापन दिया जावे तथा रिक्त पदों पर नयी भर्ती निकालकर सभी रिक्त पद भरें जावें।
@BhajanlalBjp@madandilawar@RajCMO@RajGovOfficial@arvindchotia@8PMnoCM@Rajsthanikaka@ashokgehlot51@GovindDotasra@TikaRamJullyINC
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी
डीपीसी के बाद
मंत्रालयिक कर्मचारी यथास्थान
व्याख्याता यथास्थान
उप प्राचार्य यथास्थान
प्राचार्य यथास्थान
जिलाशिक्षा अधिकारी यथास्थान
संयुक्त निदेशक यथास्थान
जब डीपीसी की है तो इन्हें पदस्थापन भी दो ताकि विद्यार्थियों को लाभ मिले
@madandilawar
*नीति निर्माता खुद OPS की मलाई चाट रहे हैं
और शिक्षक एवं कर्मचारियों को भिन्न-भिन्न भांति
भांति के संशोधन कर करके भ्रमित एवं प्रलोभित करने का कार्य कर रहे है।
हर शिक्षक एवं कर्मचारियों को चाहिए तो सिर्फ और सिर्फ पुरानी पेंशन
#onlyOPS#OPS_लागू_करो