@ImjustImg #छग_बीएड_मांगे_समायोजन
पकोड़े या चाय बेचना गलत नहीं है परंतु चाय बेचने वाले का और पकोड़े बेचने वाले का आत्मसम्मान उसके उसी ठेले से जिस तरह हमारा आत्मसम्मान हमारे स्कूल में हमारे बच्चों के साथ था जो कहीं खो चुका है जिसमें हमारी कोई ग़लती नहीं हैं हम बस समायोजन चाहते हैं।
@vijaysharmacg हमने भी भाजपा को चुना है पर आज हम रोड़ पर आ गए है। भाजपा की सरकार ने हम ३००० बीएड सहायक शिक्षको को हमारी सरकारी नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। भाजपा की सरकारी से बिनती है हमें समायोजन देने की कृपा करे। हमने बहुत मेहनत है जॉब पाई थी ये न हो कि हमे लगाने लगे बीजेपी को जीता के हमने..
@AmitShah हमने भी भाजपा को चुना है पर आज हम रोड़ पर आ गए है। भाजपा की सरकार ने हम ३००० बीएड सहायक शिक्षको को हमारी सरकारी नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। भाजपा की सरकारी से बिनती है हमें समायोजन देने की कृपा करे।
@drramansingh@drramansingh महोदय हमारी मदद कीजिए आज छत्तीसगढ़ की बिटिया सड़को पे है अपने नौकरी के लिए हमारी आजीविका बच्चा लीजिए आपकी भूमिका छत्तीसगढ़ के सीएम के रूप में अतुलनीय रही है हमारी मदद कीजिए ##प्लीज save 3000b.ed सहायक शिक्षक हमारी गुहार सुन लीजिए
4. जब माननीय उच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही थी अगर @ChhattisgarhCMO@vishnudsai छत्तीसगढ़ सरकार सामने वाले D.Ed. पक्ष से समझौता कर लेते और अतिरिक्त पद सृजित कर उन्हें दे देते तो भी सबका समाधान हो सकता था। लेकिन स��कार ने इस केस को कभी गंभीरता से नहीं लिया। इसलिए आज 3000 परिवार सड़क पर है।
👉 छत्तीसगढ़ में बीजेपी संघी सरकार ने 3,000 बीएड सहायक महिला शिक्षकों को नौकरी से निकाल दिया 37 दिनों से राजधानी रायपुर की सड़कों पर आंदोलन जारी हैं!
#All_Eyes_On_CG_BEd
" हमारे सहायक शिक्षक भाई बहन "
विगत कई महीनों से लिखने की इच्छा थी पर मामला न्यायालय में होने के कारण नहीं कर पाया था । कई भाई बहन फ़ोन से संपर्क में हैं । सोशल मीडिया में लगातार आपने यह विषय उठाया है । अभी आपके संघर्ष और धरना /प्रदर्शन / हड़ताल से भी लगातार अपडेटेड हूँ ।
आपके साथ जो भी हुआ, वह दुर्भाग्यपूर्ण है । किसी भी की, कड़ी मेहनत से पायी गई नौकरी ऐसे नहीं जानी चाहिए थी । ग़लत तो हुआ है । इसमें कोई दो राय नहीं है ।
पर यह निर्णय हमारी सरकार ने नहीं लिया है । यह नौकरी ना हमने नहीं दी थी, ना ये नौकरी आपसे वापस छीनी है !
इसका निर्णय न्यायालय द्वारा दिया गया है । खैर, माननीय न्यायालय का निर्णय है, इसके गुण दोष पर मैं कोई टिप्पणी नही�� कर सकता ।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की गलती तो है ही, जिन्होंने खुलेआम आपका मखौल ��ड़ाया ।
पर आप सभी को पता है की माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा सीधी भर्ती 2023 में बी.एड. अर्हताधारी चयनित सहायक शिक्षकों के पक्ष में कई कदम उठाये गए हैं ।
सीधी भर्ती 2023 में बी. एड. अर्हता के आधार पर चयनित सहायक शिक्षकों की नियुक्ति को माननीय उच्च न्यायालय, छ.ग. द्वारा दिनांक 02.04.2024 को अमान्य घोषित किया गया तथा भर्ती परीक्षा में शामिल डी. एड. अर्हताधारियों को चयन किये जाने के आदेश जारी किय��� गये।
माननीय उच्च न्यायालय, छ.ग. के निर्णय दिनांक 02.04.2024 के विरूद्ध राज्य शासन द्वारा माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली में अपील दायर की गई। राज्य शासन ने इस मामले पैरवी के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता श्री के. एम. नटराजन की सेवायें ली ।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा राज्य शासन की अपील को दिनांक 28.08.2024 को अस्वीकार कर दिया गया।
माननीय उच्च न्यायालय, छ.ग. के निर्णय दिनांक 02.04.2024 के परिपालन को लेकर याचि���ाकर्ताओं द्वारा शासन के अधिकारियों के विरूद्ध अवमानना याचिका क्र. 970 / 2024 दायर की गई है। इसके परिपेक्ष्य में विभाग द्वारा ��्यायालय में डी. एड. अर्हताधारियों की संभावित चयन सूची प्रस्तुत किया गया है।
न्यायालयीन आदेश से बी.एड. अर्हता के आधार पर चयनित सहायक शिक्षकों की नियुक्ति आदेश निरस्त होने के उपरांत उनके समायोजन अथवा अन्य संभावनाओं पर विचार-विमर्श के लिए मुख्य सचिव महोदय की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय प्रशासनिक समिति का गठन किया गया है ।
आपका प्रदर्शन / हड़ताल / धरना वाजिब है । लोकतंत्र में विरोध होना भी चाह���ए । हमने भी किया है । सरकार का पूरा ध्यान आकर्षण भी हो रहा है ।
पर आपको थोड़ा धैर्य भी रखना होगा । हमारी सरकार संविधान, नियम कायदों के अनुसार कुछ निर्णय लेगी । भूपेश बघेल की सरकार जैसे आपकी नौकरी को दांव पर नहीं लगायेंगे । कोई भी ऐसा फ़ैसला नहीं लेंगे जिसमें कोर्ट में आपकी हार तय हो। कमिटी की रिपोर्ट आते ही कार्यवाही होगी । नियम क़ानून के तहत फैसला लिया जाएगा ।
माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय कई बार यह बयान दे चुके हैं की वो आपकी चिंता कर रहे हैं । उनपर भरोसा रखिए । जल्दबाजी में लिया गया कोई भी निर्णय टिकता नहीं है ।
भूपेश बघेल और कांग्रेस पार्टी ने आपके साथ छल किया है। भाजपा सरकार ही आपकी हितैषी है । इसका प्रमाण आपको जल्द देखने को मिलेगा ।
आप इस पोस्ट के कमेंट में कुछ भी लिखें, आपका स्वागत है । मैं बुरा नहीं मानता, जब तक वो व्यक्तिगत टिप्पणी या कोई अभद्र भाषा का प्रयोग हो, खासतौर पर जब हम आपके साथ खड़े हैं । अपना भाई समझिए ।
इसका रास्ता मिलकर ही निकालेंगे । सरकार को अपने से अलग ना समझें । जहाँ तक बात है आपके आंदोलन का दमन करने की या उसको रोकने का प्रयास करने की, वो कानून व्यवस्था का मामला है । जब हम लोग विरोध करते थे तब हमपर भी लाठियां बरसाई गई हैं । हमारे नेताओं को जेल भी भेजा गया है ।
विश्वास रखें, सब अच्छा होगा !
'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' के 10 साल पूरे होने पर सरकार का गर्व जायज़ है,
पर क्या ज़मीनी हक़ीक़त भी ऐसी है? प्रिया मौर्य की आत्महत्या, बीएड अभ्यर्थियों ���ा संघर्ष,
हाथरस की घटना जैसे मामले सवाल उठाते हैं। क्या सिर्फ़ नारों से ��ेटियों का कल्याण होगा?
#BetiBachaoBetiPadhao
यह नारी सशक्तिकरण की वास्तविक तस्वीर है। सरकार के मंत्री संसद में, अपने भाषणों में महिलाओं के प्रति अपमानजनक भाषा का उपयोग करते हैं। इनको सड़कें प्रियंका गांधी जी के गाल के जैसी चाहिए! क्या उम्मीद की जा सकती है ऐसी सरकार से?