सेवा निवृत्त,सर्व धर्म समभाव, धार्मिक कुरीतियों का विरोधी, बुद्ध के मूल सिद्धांतों का समर्थक।आपके कार्य समाज के सबसे निचले पायदान के उत्थान के लिए होना चाहिए।
@infra_jeet81533 एक काम कीजिए, शायद यह काम आ जाए।सीमाओं पर खंभों से नींबू मिर्च लटका दीजिए। अतिक्रमण करने वाले दश बार सोचेंगे।"यह भारत का कौन सा जादू है।"
@infra_jeet81533 उपर से लेकर नीचे तक सिर्फ अपनी नाकामी छुपाने में लगे रहते हैं, देश में नाटकबाजी के प्रदर्शन द्वारा। लद्दाख को छोड़िए, आपके पूर्व मंत्री और सचिव आरके सिंह ने भी कहा है कि अरुणाचल प्रदेश में हम अपने पेट्रोलिंग पोयंट से पीछे आए हैं। वहां अब चीन का कब्जा है
@ajitanjum शिक्षा पर बजट घटा कर आधा कर दिया गया। सरकारी स्कूल बंद किया जा रहा है।
स्कूलों, विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की बेहद कमी है।
अनपढ अशिक्षितों की फौज तैयार की जा रही है।
किस लिए ?
पांच किलो अनाज और कुछ हजार रुपए पर ख़ुश रहे, उसे हीं अपनी किस्मत समझे।
प्रश्न न पूछे।
@ajitanjum जिन लोगों ने भारत छोड़ो आंदोलन का विरोध किया।
अंग्रेजों को आंदोलन से सख्ती से निबटने को कहा।
जिन्ना से हाथ मिलाकर अंग्रेजी डोमिनियन के अधीन सत्ता पाने के लिए जोहार लगाते रहे।
सुभाष चंद्र बोस के खिलाफ भारतीयों की अंग्रेजी फौज में भर्ती करवाने में लगे थे।
दिमागी दिवालिया कौन है ?
@sauravyadav1133 बेरोजगारी बढ़ रही है, मैनुफैक्चरिंग सेक्टर stagnant है। जनता के बीच पैसे फेंककर चुनाव जीते जा रहे हैं। हमारे आंकड़ों पर दुनिया सवाल उठाने लगी है। हमारी विदेश नीति ढुलमुल दिशाहीन है। सरकार द्वारा हजारों करोड़ रुपया ईमेज चमकाने के लिए प्रचार पर खर्च किया जा रहा है।
@sauravyadav1133 पिछले 12 सालों में देश हर मोर्चे पर पिछड़ गया है। "विश्व गुरु बनने के लिए शिक्षा पर बजट आधा कर दिया गया"।आत्म निर्भरता का ढोल पीटते हैं,पर व्यापार घाटा बढ़ रहा है। चीन से 70% इंपोर्ट करते हैं,मात्र 30% एक्सपोर्ट करते हैं। कुल कर्ज चौगुना हो गया। Debt to GDP ratio 82% हो गया।
विदेश मंत्री जयशंकर जी ने कहा था कि चीन हमसे काफी बड़ी अर्थव्यवस्था है,हम उसका मुकाबला नहीं कर सकते हैं।अब आंखें लाल कीजिए या पीली, फर्क नहीं पड़ने वाला है।
@RajeshS50119232 व्यापारी बाबा जी अगर NEET और IIT नहीं होता तो न आप AIMS में अपना इलाज करवाते और न मोबाइल और टीवी द्वारा अपना गोबर ज्ञान बांटते। मूर्खो की तरह हर जगह उपदेश बंद कीजिए,योग सीखा रहे,वही कीजिए, पैसा बटोर रहे हैं,बटोरिए।
@AnilYadavmedia1 भारत जैसे अति दरिद्र देश में जहां करोड़ों बेरोजगार हैं, लाखों ठेलों और पटड़ियों पर सामान बेंचकर परिवार का पेट पालने के लिए मजबूर हैं,इतनी संवेदनहीन सरकार ? सरकारों को हर शहर में कुछ निश्चित सही जगहों पर इन्हें जगह मुहैया करानी चाहिए।
@RaniSahni2 ट्रंप सरकार ने मुकदमा वापस लिया है। वहां की कोर्ट ने इस पर आश्चर्य जताया है। ट्रंप सरकार ने किस समझौते के तहत मुकदमा वापस लिया होगा, समझा जा सकता है।
@umashankarsingh@MEAIndia हमारी विदेश नीति 2014 के बाद ढुलमुल दिशाहीन रही है। सही बात को छुपाने की रही है। चीन इस बात को समझ चुका है।हम कभी अमेरिका से गलबहियां करते हुए चिपक जाते हैं, कभी काउंटर बैलेंसिंग करके चीन से नजदीकी बढ़ाने लगते हैं। पहले हमारी नीति दोनों के साथ स्पष्ट और उसकी सीमा निश्चित थी।