अंतरराष्ट्रीय संत बौद्धिक मंच नरेंद्रमोदी विचार मंच प्रदेश उपाध्यक्ष एमपी, विचारों के मेल से बढ़कर कोई मेल नहीं राष्ट्रभक्ति से बढ़कर कोई खेल नहीं,बंदे मातरम
@DrMohanYadav51,@RSSorg,@BJP4MP,@RSSgeet,@collchhatarpur,अटैया धाम उमरी,थाना बंसिया,तहसील गोरिहार जिला छतरपुर मप्र,अटैया बाबा धाम में स्थित प्राचीन धरोहर शिव मंदिर व विशाल कुएं को नुकसान पहुंचाया गया है व नष्ट करने की मंशा पाले हुए कुछ कब्जाधारी ग्रामीण,कृपया मंदिर मुक्त कराएं।
इस प्रकारसे लोगोंके मनमें उनके (देवी-देवताओ)प्रति घृणाके बीज बोकर,उन्हें नास्तिक बनाया जाता हैं,पुरुष गुंडेको गले/हाथोंमें रुद्राक्षकी माला पहनाना,महिला गुंडको बडी बिंदीवाली देशी भारतीय महिला दिखाना,ग्रामीण महिलाओंको मूर्खतापूर्ण कार्य करते हुए दिखाकर,उन्हें अनपढ़ गवाँर बताना
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क्या वेज खाने में पर्याप्त प्रोटीन नहीं होता? | Sadhguru on Kohli, Messi & Djokovic
पौधों से मिलने वाले भोजन को लोग अक्सर ये कहकर खारिज कर देते हैं कि इसमें "पर्याप्त प्रोटीन नहीं है"। लेकिन अगर यह सच होता, तो दुनिया के कुछ महानतम एथलीट इसे अपनाकर इतने कामयाब कैसे होते? सद्गुरु इसके बारे में बता रहे हैं।
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बीते कुछ समय में भारत और इंडोनेशिया के संबंधों में एक नई ऊर्जा, एक नया विश्वास और एक नई गहराई आई है।
हम Development, Security, Technology, Culture और Education, हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहे हैं।
- आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी
#PMModiInIndonesia
हरहर मांहांदेव बसइतना समझलेव जब जैन बुद्ध बने तब वाहन ना के बराबर थे तो सभी पैदल यात्रा ही करते थे हमारे बाबा दादा पैदल चारोधाम की यात्रा पर जाते थे लौट आए तो ठीक वर्ना चारो धाम उनको मिल गए गुरु नानक जी भी पैदल ही अरब मक्का तक गए थे,आज वाहन उपलब्ध हैं तो पैदल कम जाते हैं।
क्या आपको पता है मथुरामें जो श्रीकृष्ण जन्मस्थानपर जो मस्जिद बनी है,उसका टैक्स श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास देता है
क्यो?
ऐसे कितने भुजंग भारतरुपी चंदन वृक्षको निगलने लपेटे हुए है हिन्दुओ मौन और अकार्यक्षमताके कारण नष्ट हो जाओगे
सेक्युलरिजम छोडो
कट्टर🇮🇳राष्ट्रवादी🚩सनातनी हिंदू बनो
बूंद-बूंद पानी को तरसेगा पाकिस्तान ✍️💪🙏🚩
अब खून और अपनी एक साथ नहीं बह सकता👌
सिंचाई के साथ 4,000 मेगावाट बिजली का उत्पादन! केंद्र सरकार ने महत्वाकांक्षी 'चिनाब-ब्यास लिंक टनल परियोजना' को हरी झंडी दे दी है।
पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के खेतों में लहलहाऐगी फैसले👌👌👌👍
अगर आपको लगता है कि मुसलमानों को सिर्फ हिंदुओं के मंदिर में होने वाली आरती, पूजा, या घंटी बजाने से तकलीफ होती है, तो आप गलत है ।
ये सिर्फ एक पैटर्न है, जिससे वो लोग देखते है कि सामने वाले धर्म के लोग दबाव में आकर उनकी मांग मानते है या नहीं ?
अगर उनकी मांग मान ली गयी, तो उनकी हिम्मत और बढ़ जाती है ।
इस पैटर्न को अब अमेरिका में आजमाया जा रहा है ।
अमेरिका के डियरबोर्न में मुसलमानों ने रविवार को बजने वाले चर्च के घण्टे को बंद करने की मांग की है ।
उनका तर्क है कि डियरबॉर्न में मुस्लिम बहुसंख्यक आबादी है और उनका कहना है कि चर्चों को इस्लामी परंपराओं का सम्मान करना चाहिए। उनका हवाला देते हुए वे कहते हैं कि शरिया कानून के तहत, चर्च की घंटियाँ प्रार्थना के लिए दी जाने वाली इस्लामी अज़ान से तेज़ नहीं होनी चाहिए।
मुहम्मद की अम्मी का नाम शूर्पणखा अब्बू शुक्राचार्य रेगिस्तान में रह रहे थे देवीदेवताओं के डर से,देवी देवताओं मूर्ति पूजा का विरोध करते थे और एक ही बात कहते थे कि जनसंख्या बढ़ाओ देवी देवताओं को मानने वालों को मिटाओ,हमारी लाम यानि इस लाम में आओगे तो काफिरों की मालेगनीमत तक पाओगे।
असदुद्दीन ओवैसी:
“ये अमित शाह हैं। मैं उन्हें जानता हूँ, वो कोई काम यूँ ही नहीं करते। हवा में गोली नहीं चलाते। अमित शाह कभी कच्चा काम नहीं करते।
उन्होंने एक आयोग बनाया है। मैं गलत भी हो सकता हूँ, लेकिन आखिरकार इसका नतीजा NRC हो सकता है।”