राहुल गांधी का मुंह स्पीकर की तरफ है तो #FlyingKiss यानी उड़तउवा चुम्मा भी स्पीकर सर की तरफ गया।
कुछ पत्रकारों का कहना है कि राहुल गांधी ने स्पीकर से इशारा करक��� कहा कि आपका धन्यवाद जिसे सिली सोल्स ने अपने लिए उड़ाया गया फ्लाइंग समझ लिया, जबकि राहुल गांधी का मुंह स्पीकर की तरफ था।
राम जाने "सिली सोल्स" के मन में ऐसे पापी ख्याल क्यों आ रहे हैं?
अटेंशन सीकर "सिली सोल्स" को फुटेज चाहिए और मणिपुर से ध्यान भी हटाना है।
चाय बेचने वाले, अमर नाथ जी का बाबा भोले नाथ ने संबंध के बारे में, कल शाम मुझे प्रख्यात ध्रुपद गायक, जलतरंग वादक काशी के शान पद्मश्री प्रो राजेश्वर आचार्य जी विस्तार से बता रहे थे, तो मैंने इस धरोहर संवाद को रिकॉर्ड करना ही ठीक समझा।
आप सुनिए, और समझिये की आख़िर वात्सल्य भाव ��ें भक्त अपने ईश्वर से कैसे संवाद करता है! अपने भगवान से ये संबंध कहाँ किस शहर में दिखेगा।
1956 में नेहरू जी ने अमेरिका का दौरा किया
Washington Press Club में नेहरू जी से ‘45’ मिनिट में ‘257’ सवाल पूछे गए
नेहरू जी ने 1-1 सवाल का जवाब दिया
मोदी जी भी अमेरिका गए
प्रेस वार्ता और सवाल जवाब के मामले में मिला ‘निल बटा सन्नाटा’ 🥴
ये करेंगे नेहरू जी की बराबरी 😂
यह तस्वीर तो याद होगा आप सबको इसे नाम दिया गया था "The vulture and the little girl" इस तस्वीर में एक गिद्ध भूख से मर रही एक छोटी लड़की के मरने का इंतज़ार कर रहा था इसे एक साउथ अफ्रीकन फोटो जर्नलिस्ट केविन कार्टर ने 1993 में सूडान के अकाल के समय खींचा था और इसके लिए उन्हें पुलित्जर पुरस्कार से सम्मानित ��िया गया था लेकिन कार्टर इस सम्मान का आनंद कुछ ही दिन उठा पाए क्योंकि कुछ महीनों बाद 33 वर्ष की आयु में उन्होंने अवसाद से आत्महत्या कर लिया था। क्या हुआ? दरअसल जब वे इस सम्मान का जश्न मना रहे थे तो सारी दुनिया में प्रमुख चैनल और नेटवर्क पर इसकी चर्चा हो रही थी उनका अवसाद तब शुरू हुआ जब एक 'फोन इंटरव्यू' के दौरान किसी ने पूछा कि उस लड़की का क्या हुआ? कार्टर ने कहा कि वह देखने के लिए रुके नहीं क्यों कि उन्हें फ्लाइट पकड़नी थी इस पर उस व्यक्ति ने कहा, "मैं आपको बता रहा हूँ कि उस दिन वहां दो गिद्ध थे जिसमें एक के हाथ में कैमरा था"
इस कथन के भाव ने कार्टर को इतना विचलित कर दिया कि वे अवसाद में चले गये और अंत में आत्महत्या कर ली। कार्टर आज जीवित होते अगर वे उस बच्ची को उठा कर यूनाईटेड नेशन्स के कुपोषण सेन्टर तक पहुँचा देते जहाँ पहुँचने पर उसे जीवन दान मिल जा���ा। अतः किसी भी प्रोफेशन में आप कुछ भी पोज़िशन प्राप्त कर लें लेकिन आप मे मानवता नही तो सब कुछ व्यर्थ है आप में मानव है तो मानव होने का परिचय दें।🙏
मेरी सलाह मानिए। अगला जन्म किसी और देश में लीजिएग। वहां शर्तिया आपको यहाँ से ज्यादा इज़्ज़त मिलेगी। यहां तो आपकी मौत के लगभग 55 साल बाद भी हर गलती का ��िम्मेदार आपको ही माना जाता है। और आम हिंदुस्तानी आपके बारे में उड़ी अनगिनत अफवाहों को ही इतिहास मानता है।
आपका देशवासी
किसान-आंदोलन के समय बालकनी में कैक्टस उगाने वाले फ़ेसबुक-क्रांतिकारी जब किसानों को गालियाँ दे रहे थे तब भी कहा था आज फिर कह रहा हूँ-
“आप किसी भी आंदोलन के मुद्दे से सहमत-असहमत हो सकते हैं किंतु दोनों पक्षों को कम से कम संवैधानिक मर्यादा व संवेदनशीलता तो रखनी ही होगी।ओछी-भाषा, अहंकार व हठधर्मिता आपको सुकून व वाँछित कृपा तो दे सकते है किंतु भारत नामक समावेशी-विचार के विपरीत जाते है। ��श्वर सद्-बुद्धि दें और समय रहते न्याय करे।” 🇮🇳🙏
राजीव गांधी की सरलता, विनम्रता और शालीनता ने उन्हें उस ज़माने के दूसरे नेताओं से अलग पहचान दी थी. वो रात आज भी याद है, सोच कर भी सिहरन होती है, जब राजीव गांधी की निर्मम हत्या की खबर देने वाला फ़ोन आया था. पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि. #RAJIVGANDHIDEATHANNIVERSARY
प्रधानमंत्री ज��� अपनी बात करना बंद करो कर्नाटक की जनता की बात करो, आपने जो कर्नाटक की जनता से वादा किया था उन वादों का क्या हुआ?
: श्री @RahulGandhi जी