69000 शिक्षक भर्ती आरक्षण घोटाला के मुख्य मंत्री & अधिकारियो ने मिलकर OBC SC शिक्षको के 8 साल बर्बाद कर दिये।
2018 की भर्ती 2026 चल रहा है सब लोग घरों मे #होलिकोत्सव मना रहे है 69000 के पीड़ित शिक्षक लखनऊ मे शांति पूर्वक धरना
आखिर न्याय कब?
@DrLaxman_Yadav@Kanchanyadav000
मध्य प्रदेश –
रात 1 बजे पत्नी–बच्चों सहित मूवी देखकर लौट रहे बाइक सवार युवक को पुलिस ने चेकिंग के लिए रोका। बीच सड़क पर बाइक की चाभी निकाल ली। युवक ने मूवी टिकट भी दिखाया। पुलिस ने पत्नी के सामने युवक से दुर्व्यवहार किया, थप्पड़ मारा।
कॉकरोच प्रवक्ता सौरव दास की पहली मीडिया ब्रीफिंग-
अभिजीत दीपके को सोनम वांघचुक एयरपोर्ट से रिसीव करेंगे 😃
वही देश विरोधी गैंग बार बार भेष बदलकर आता है- आपको पहचानते रहना पड़ेगा।
ये सौरव दास ख़ुद उमर खालिद का चेला है, धारा 370 हटाए जाने से इसका पेट ख़राब हो गया था।
युवाओ को नेतृत्व नहीं पथभ्रष्ट करना चाहते है ये।
आकांक्षा डॉक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करना चाहती थी। आकांक्षा के पिता किसान हैं। बेटी के डॉक्टर बनने के सपने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड पर ₹3 लाख का कर्ज़ लिया। और नागपुर में खुद कुक की नौकरी कर ली, ताकि बेटी वहाँ coaching कर सके।
एक पिता ने जो कर सकता था, सब किया।
फिर NEET पेपर लीक हुआ। परीक्षा रद्द हुई। उस अनिश्चितता में आकांक्षा हमें छोड़ कर चली गई।
आकांक्षा की मौत आत्महत्या नहीं - मोदी जी की एक भ्रष्ट, टूटी हुई व्यवस्था की देन है।
और धर्मेंद्र प्रधान जी? आज भी कुर्सी पर हैं।
फिर वही कमेटी। वही ट्रांसफर। वही जाँच। न सुधार, न न्याय।
मोदी जी, कुर्सी स्थायी नहीं होती - आती-जाती रहती है। लेकिन आपने 12 वर्षों में शिक्षा व्यवस्था को जिस हद तक बर्बाद किया है, उसकी कीमत भारत की एक पूरी युवा पीढ़ी चुका रही है।
हम अक्सर परीक्षाओं के रद्द होने पर आक्रोशित होते हैं पर हमारे देश के अनगिनत युवाओं और साथ ही साथ उनके परिवारों का भविष्य भी रद्द कर देने वाले इस कोचिंग माफिया का पर्दाफाश करने के लिए आपका आभार अंजना जी। 🙏
जिसने वर्षों तक पत्रकारिता को TRP, प्रोपेगेंडा और सत्ता के पक्ष-विपक्ष की लड़ाई में बदल दिया हो, उसे शिक्षकों को 'धंधेबाज' कहने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए।
शिक्षा में गलत लोग भी हैं।
लेकिन पत्रकारिता में भी हैं।
राजनीति में भी हैं।
व्यापार में भी हैं।
तो क्या कुछ गलत लोगों के कारण पूरे शिक्षक समाज को "दो कौड़ी का" कह दिया जाएगा?
anjana शिक्षक का सम्मान कमाने में वर्षों लगते हैं।
भर्तियाँ अटक रही थीं,
लाखों युवाओं की उम्र निकल रही थी,
तब आपके स्टूडियो की आवाज़ कहाँ थी?
शिक्षकों ने पैसे लेकर शिक्षा दी है।
लेकिन पैसे लेकर किसी राजनीतिक दल का प्रवक्ता बन जाना,
व्यवस्था की हर गलती पर पर्दा डालना,
और जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाना...
यह सिर्फ पत्रकारिता का पतन नहीं,
बल्कि अपने पेशे के साथ गद्दारी है।
शिक्षक फीस लेकर ज्ञान देता है,
मेहनत करवाता है,
बच्चे का भविष्य बनाता है
शिक्षकों ने पैसे लेकर पढ़ाया है,
देश के लाखों युवाओं को रोजगार तक पहुँचाया है।
लेकिन गलत को सही और सही को गलत साबित करने की कीमत लेकर काम करना,
समाज और लोकतंत्र दोनों के साथ विश्वासघात किसने किया ?
Exampur कोचिंग सील होने के बाद Vivek Sir ने एक भावुक वीडियो जारी किया है💔
मै माननीय मुख्यमंत्री जी से निवेदन करता हूं कि Vivek Sir के इस वीडियो पर संज्ञान लीजिए क्योंकि....
इलाहाबाद की पूरी अर्थव्यवस्था कोचिंग इंडस्ट्री और प्रतियोगी छात्रों पर ही निर्भर है।
अगर Allahabad से कोचिंग इंडस्ट्री और प्रतियोगी छात्र पलायन कर गए तो पूरे इलाहाबाद की लोकल अर्थव्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी।
हम सभी लोग @kmrvivek14 सर के साथ खड़े है✊
ये युवा किसी राजनीतिक मंच पर नहीं, अपने हक़ और भविष्य के लिए सड़क पर हैं। भर्ती परीक्षाओं में धांधली, बार-बार होने वाले पेपर लीक और बढ़ती बेरोज़गारी ने इनके सब्र का बांध तोड़ दिया है।
📍प्रयागराज, उत्तर प्रदेश
ये सिर्फ़ एक परीक्षा नहीं, लाखों घरों की उम्मीदों का सवाल है। जिस उम्र में सपने सजने चाहिए थे,उस उम्र में युवा जवाब तलाश रहे
जब लाखो युवा कह रहे है पेपर में धांधली हुई है तो सरकार किसको बचा रहीं है???
#UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK
फतेहपुर की इस बेटी का खेत कौन कब्ज़ा कर रहा है?
अपना खेत बचाने के लिए इस बच्ची को इतना ख़तरनाक कदम क्यों उठाना पड़ रहा है?
@myogioffice@myogiadityanath@narendramodi
सऊदी और कतर से ज्यादा गर्म है भारत,
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार आज भारत के 49 शहरों का तापमान 44 डिग्री से ऊपर रहा,
UP के बांदा में सबसे ज्यादा 48.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया,
जबकि प्रयागराज देश में दूसरे स्थान पर रहा,
उत्तर प्रदेश में दलित-पिछड़े वर्ग के युवाओं को “कॉकरोच” बना दिया गया है।
69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण घोटाला कर हजारों दलित-पिछड़े अभ्यर्थियों का हक़ छीनकर सत्ता आखिर किसका भविष्य बना रही है?
ये युवा भीख नहीं अपना हक़ मांग रहे हैं।
किन्होंने इन्हें रेंगने पर मज़बूर किया?
69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी आज सड़कों पर घिसटने को मजबूर हैं।
5 साल से युवा अपने हक के लिए लाठियां खा रहा है, रो रहा है, गिड़गिड़ा रहा है।
मगर सत्ता के अहंकार में डूबी भाजपा सरकार युवाओं की इस पीड़ा पर 'अट्टहास' कर रही है!
वोट हमारा, राज तुम्हारा... और हक मांगने पर ये क्रूर व्यवहार?
युवाओं का यह दर्द और ये आंसू इस बहरी सरकार के पतन का कारण बनेंगे।
जिस सरकार ने दलितों, पिछड़ों और वंचितों के अधिकार छीने, आरक्षण को मज़ाक बनाया और युवाओं का भविष्य लूटा - जनता उसे कभी माफ़ नहीं करेगी।
#69000_शिक्षक_भर्ती_आरक्षण_घोटाला सिर्फ भर्ती घोटाला नहीं, सामाजिक न्याय पर हमला है। जितना अत्याचार बढ़ेगा, सत्ता उतनी दूर जाएगी।
लखनऊ में 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों को आज बेसिक शिक्षा मंत्री के आवास के सामने लेटकर, रेंगकर अपने हक की भीख मांगनी पड़ रही है।
सोचिए, जिस समाज ने इस देश को शिक्षा दी, आज वही समाज नियुक्ति के लिए सड़कों पर अपमान झेल रहा है।
पिछले तीन वर्षों से पिछड़े, दलित और वंचित समाज के अभ्यर्थी कोर्ट-कचहरी के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सत्ता के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
यह कैसी सरकार है, जो संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों को कुचलकर जातिवादी अहंकार में डूबी हुई है?
69000 शिक्षक भर्ती सिर्फ नौकरी का मुद्दा नहीं है, यह सामाजिक न्याय और बहुजन सम्मान की लड़ाई है।
सरकार ने बहुजन समाज को इतना मजबूर कर दिया कि आज युवा अपने हक के लिए सड़कों पर रेंगने को विवश हैं। लेकिन सत्ता यह ना भूले —
जिस दिन यही शोषित, वंचित और बहुजन समाज अपने अधिकारों की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ने उतर गया, उस दिन सत्ता का घमंड, अहंकार और अन्याय सब धराशाई हो जाएगा।