@Profdilipmandal खाना खाना हि होता है किन्तु
भगवान ने तुम्हे इंसान बना कर नाइंसाफी कर दी अगले जन्म मोहे भेड़िआ , कुत्ता , गिद्ध , हि कीजो 😜
फिर अच्छे से मास खाना ।
गलत मत समझना मे तुम्हरे भले के लिए हि कह रहा हु ।। इंसान के रूप मे ज़्यदा नी खा पाते होंगे इसलिए ।।।
मुझे फ़िकर ह आपकी बोहोत
@news24tvchannel आज उप बिहार वालों को दयानिधि पे गुस्सा करने की बजाए खुद से कुछ सवाल करे की आखिर क्यू कहना पड़ गया इतनी बड़ी बात , क्या कमी रह गयी क्यू राजस्थान, हरायणा वालों को ऐसा नही बोला गया ,उन्हे हि क्यू आखिर क्यू
करिये सवाल अपनी सरकार से अगर नी सुन रही तो वोट की ताकत दिखाए ना की जाति की
@NehaAgarwal_97 गलती बेचने वाले की नहीं है क्युकी दुकान वालों को उस जगह का किराया , टैक्स के रूप मे मोटी रकम चुकानी पड़ती है इसलिए उसको 10 rs का समोसा भी 200 मे बेचना पड़ रहा है ओर अमीर लोगो को खाना पड़ रहा है
गलती है सिस्टम की,privatization की
यही हाल रेलवे स्टेशन पे होने वाला है इंतज़ार करो
बेटा हम फूटबाल मे पीछे है क्युकी इंडियन इंट्रेस्ट नही लेते इसलिए इनकम नही आती स्टेडिम से ओर फुटबाल बोर्ड कुछ नी कर पाती,पर अब समय बदला है लोग स्टेडिम जा रहे ह दीवानगी बढ़ रही है एक् दिन फुटबॉल पे राज होगा भारत का जैसे आज क्रिकेट पे है
भारतीय दर्शकों से हि आज bcci अमीर बोर्ड है
@KraantiKumar सेक्स के हिंदी नाम क्यू होंगे महाराज
जरूरत हि नी थी क्यूकि जिसी क्रिया को तुम सेक्स कहते हो उसका भारतीय समाज मे खुद का ग्रंथ है ओर वो कभी इस विषय पे बात करने से नहीं डरे उदाहरण खुजराहो
सेक्स को हिंदी मे कुछ नही कहेंगे बल्कि सम्भोग को तेरे जैसे सहजादो ने सेक्स माना है
नरक मे तो आपने भी अप्लीकेशन डाल दी गई।
वो कह रहे है की बिहार की हालत 1992 मे भी ऐसी हि थी आज भी ऐसी है उसमे सुधार कीजिये अब शिकायत करने जगन्नाथ मिश्रा के पास तो जाएंगे नही सरकार जिसकी है उसी से कहा जायेगा जैसे मोदी जी को बोला जाता है तब आप कूद के आ जाते हो
कैसे दिन आ गये है इनके ।।इनको तुलना भी करनी पड़ रही ह तो हमारे हि खिलाडी के बिच मे खुद के तो कोई है नही ।।
कोई इन चुतियों को बताओ की सचिन ओर विराट दोनो हमारे ही प्लेयर है
ओर हमे दोनो पे गर्व है
#INDvsNZ#CWC2023
@Profdilipmandal यहा पे मास ना खाने वाले को इलिजिबल करना चाहिए था चाहे वो किसी भी जाति का हो , ना की ब्राह्मण को क्युकि अधिकतर् ब्राह्मण भी बोहोत मास खाते है इसलिए ये मंदिर का अपमान है
यहा पे फिर से जातिवाद फैला दिआ है अब कोई शुक्ला , मिश्रा ,त्रिपाठी हो तो सफाई दे की कोंन् जातिवाद फैला रहा है
@abhinav_blogger छुआछूत, मन्दिर् ना घुसने देना , दूल्हे को घोड़ी ना चढ़ने देना ,स्कूल कॉलेज या कही भी जाति के आधार पे भेदभाव करना क्या ये अमेरिका मे है महाराज ?
इन सब बीमारी का इलाज है आरक्षण
ओर तुम कहते हो की इलाज को हटा देना चाहिए ओर बीमारी ऐसे ही पड़ी रही समाज मे
वाह धरती के देवो धन्य है
@ShubhamShuklaMP यही सवाल दलित कई सालो से पूछ रहे है क्या दलित होना अपराध है?
क्यू दलित को घोड़ी पे,मंदिर मे चढ़ने नही दिआ जाता ?
क्यू किसी को अगर नौकरी लग जाये तो उसे आधार दिखाना पड़ता एक कमरा किराये पे लेने के लिए ?
रही बात रोहित की तो सब प्यार करते है उससे तुम जैसे जातिवादियों को छोड़ दे तो
दिक्कत ये है की तुम लोग खिलाडी का विरोध होते देख उसमे जाति घुसेड़ देते हो की हमरे शर्मा थे तो लोगो ने विरोध किआ
अब इसमे दिक्कत विरोधियो मे नही दिकत् तुममें है की जाति देखी बाकी जो अच्छा नी खेला उसका विरोध होता आया ह होता रहेगा क्युकी क्रिकेट से लोगो की भावना जुड़ी ह समझे जातिवादी
@ShubhamShuklaMP इस सब की जड़ जातिवाद है।
यहा लेख लिखने ओर दुसरो को ज्ञान देने से अच्छा है खुद के हि बिरादरी के लोगो को समझाया जाये की अब छुआछूत , दुसरो को घरो मे पानी ना पीना , किसी को घोड़ी पे ना बैठने देना ये सब बंद कर दे लोग फिर से देवता की तरह पुजा करेंगे ब्राह्मण देव की ।
जय श्री कृष्णा। 🙏
पहली बात तो ये की ये तस्वीर काल्पनिक है तो फिर काल्पनिक तस्वीर को देख के कैसे कह सकते हो की बाकी सब काल्पनिक है ?
दूसरी बात ग्रंथो मे स्पष्ट लिखा है (अगर पढ़ा हो ) वो सब देखने के लिए दिव्य दृष्टि होनी आवश्यक है या फिर भगवान की कृपा होनी चाहिए तभी दर्शन होंगे
तुम ठहरे पापी इंसान
@JaikyYadav16@surya_14kumar पहली बात तो ये अपना कैसे हुआ , ओर अगर हो गया ( जाति की वजह से) तो फिर सभी भारतीय प्लेयर शेर ही हुए बाकी के लोगो की फोटो क्यू नी डाली
जाति वादी का कीड़ा इस कदर छाया हुआ है की अब हर कही हग लेते हो.
खेर कोई बुराई नही ह
पर फिर कोई ओर जातिवाद करे तो पिछवाड़े मे दर्द नी होना चाहिए
@ShyamMeeraSingh "भारत के आयुर्वेद ,गुरुकुल मे इतना खजाना है जिसको नापना असंभव किन्तु भारत मे इसको ना मानने वाले मूर्खो की संख्या जब तक बढ़ती रहेगी तब तक भारत पर राज किआ जा सकेगा ओर उसकी प्रतिभा को लुटा जा सकता है"-
एक अंग्रेज अधिकार का पत्र।
शायद वो अंग्रेज तुम जैसे मुर्खो की ही बात कर रहा था