PM मोदी के वाराणसी में UP कॉलेज में SC मंजीत चौहान ने जनरल कैटेगरी के मेधावी छात्र सूर्य प्रताप सिंह को क्लासरूम में 8 गोलियां मारकर ठिकाने लगा दिया! खून की नदियाँ बहाईं ।
ये अगर रिवर्स होता ~ऊंची जाति का लड़का दलित को गोलियां मारता ~तो अब तक
जय भीम वाले सड़कों पर आग लगा चुके होते!
UGC एक्ट, SC/ST एक्ट, मर्डर चार्जेस लग चुके होते, कॉलेज जल चुका होता,
योगी-मोदी का रो रो कर बुरा हाल हो चुका होता होते!
लड़के के पूरे खानदान विदेश में रहने वाले मौसा मौसी मामा मामी पे भी sc-st act लग गया होता ।
सब जेल में होते ।
लेकिन यहां? चुप्पी! क्योंकि आरोपी SC है तो ‘पर्सनल डिस्प्यूट’ बन गया।
ये है जातिवादी हिंदुस्तान और ‘राम राज्य’ का असली चेहरा!
झारखंड सरकार ने अपनी Overseas Scholarship scheme को अब SC, OBC और अल्पसंख्यक के लिये भी खोल दिया है!
मतलब ST, SC, OBC और Minorities--सबको विदेश पढ़ने के लिए स्कॉलरशिप मिलेगी,,,
सिवाय जनरल कैटेगरी के!!
इसको कहते हैं "जातिगत भेदभाव"!!!
@ParamveerS36404 No one can take credit from mahipal ji and his team but yes the gesture was not good it will hurt further collaboration and fight of GC
भीड़ का अंदाज आप लगाओ वो भी तब जब वर्किंग डे हो और कोई प्रचार प्रसार नहीं..
राजस्थान कि राजधानी के यूनियन ग्राउंड रामलीला मैदान का अद्भुत वीडियों... See mor..
We are waiting for a fair verdict from The Supreme Court on 19th March.
It's high time we GCs get fair treatment from the government, from the system, from everyone.
Enough is Enough.
#UGC_RollBack
मैं अब इस बात को ले कर आश्वस्त होता जा रहा हूँ कि पिछले कुछ सप्ताह से आने वाले कुछ सप्ताह तक @BJP4India अपने ही सरकार के विरोध में यूजीसी-समर्थन वाली रैलियाँ करवाएगी। एकाध रैली हिंसक हो सकती है, आगजनी या हत्या होगी।
इन रैलियों की भीड़ों को देख कर सवर्ण समाज को बताया जाएगा: देखो, दलित समाज क्या कर रहा है। इसको सवर्णों ने ही भड़का दिया है। स्टे तो मिल ही गया था, पर ये लोग दलितों को उकसाते रहे, आंदोलन करते रहे, अब सरकार करे तो क्या करे?
फिर आपको बताया जाएगा कि कैसे कॉन्ग्रेस ये वोट ले जाएगी। कैसे बसपा उठ रही है, वो इस बात को एक्सप्लॉइट करेगी। कैसे अखिलेश समाज को बाँटने में लगा हुआ है। कैसे मोदी जी ही तुम्हारी जान फलाँ नेत्री के स्टाइल में बचाए रखेंगे!
चाहे कल सामाजिक न्याय मंत्रालय द्वारा जारी किया गया नंबर हो जहाँ कहा गया है कि यदि कहीं दलित-शोषित का उत्पीड़न हो रहा है तो तुरंत सूचना दें, या फिर रावण, मौर्या समेत पटना आदि में चल रहे महापंचायत हों, भाजपा की योजना स्पष्ट है।
वह योजना है: सवर्णों को कहा जाए कि खून का घूँट पी लो, मोदी जी ने तुम्हें जीने दिया है। रावण को सुनो, वो तो जूते मारने वाली बात बोल रहा है। मायावती की रैली की भीड़ देखो! अरे यूजीसी क्या है? कितना केस हो जाएगा? देश की सोचो, विकसित भारत की सोचो, क्या कमजोर मोदी वो दे पाएँगे!
पार्टियाँ अलग-अलग स्तर से पतित होती हैं। सबकी अपनी राजनीति होती है। सवर्णों को समझ लेना चाहिए कि आपकी राजनीति कहीं नहीं है। भाजपा के कई नेता पुनः इफ्तार करने लगे हैं, कुछ ने बुढ़ापे में खतना भी करा लिया होगा, कि वही दिखा कर चार वोट ले लें। सवर्ण किसी को जीत नहीं दिला सकते, इसीलिए त्याज्य हैं। आप केवल हरा सकते हैं।
यदि आपके भविष्य का गला वही पार्टी घोंट रही है, वह भी प्रपंच और राजनीति के सहारे, फिर उससे मोह कैसा? उसे वोट देने की बाध्यता कैसी? जब वो आपका वोट ले कर आपको लात मार रही है, फिर आप क्यों बँधे हुए हो?
पिछले दो महीनों में @narendramodi ने कितनी बार यह संकेत भी किया कि सरकार आपके हितों की बात कर रही है, सोच रही है? वो वही उद्घाटन, रैली, भाषण में व्यस्त हैं। उनकी टीम इसमें व्यस्त है कि मोदी जी वायरल हो जाएँ।
सवर्णों को केवल डराने करने के लिए बिहार पुलिस मेरे ऊपर तो FIR कर देती है, पर राजपूत की बेटी को मुगलपुत्री कहने वाली किरन यादव को कुछ नहीं कह पाती। वो लोग जो उस मृतका को वेश्या बना रहे हैं, वो सोशल मीडिया पर हैं। और रहेंगे!
भाजपा के नेता-प्रवक्ताओं की चुप्पी, ब्राह्मणों-संतों के वीडियो क्लिप्स को आइटी सेल द्वारा टूलकिट शैली में शेयर करना बताता है कि इनका उद्देश्य इस समस्या का समाधान नहीं, बल्कि सवर्णों को यह बताना है कि मोदी ने किया है तो कुछ सोच समझ कर ही किया होगा। मोदी चुप है यानी देश का कुछ भला होना उसका कारण होगा।
मैं ऐसा नहीं मानता। भाजपा ने सवर्णों को त्याग दिया है कि ये न तो संगठित हैं, न इनकी कोई ग्राउंड प्रेजेंस है, न तो ये कॉन्ग्रेस आदि को वोट देंगे। अभी रूठे हुए हैं, कुछ समय बाद भूल जाएँगे।
हम भूल तो जाएँगे, पर यूजीसी नहीं, भाजपा को।