जेन ज़ी ने दिखा दिया है कि भाजपा का विरोध इस हद तक था कि उन्हें दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्रसंघ का चुनाव भी घपले से जीतना पड़ा।
जब निर्दलियों से दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी हार गई हो, तो उसकी हालत युवाओं के बीच कितनी जर्जर है ये कहने की ज़रूरत नहीं है। दरअसल भाजपा सारे पद हारी है। भाजपा समर्थित प्रत्याशी झूठेलसर्टिफ़िकेट से जीते हैं, सच्ची मतगणना से नहीं।
भाजपा के ऊपर अपनी नैतिक जीत अर्जित करने वाले विपक्ष के सभी प्रत्याशियों को हार्दिक बधाई। इसी अन्याय और भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ हम सबको एकजुट होना होगा तभी बदलाव आएगा।
@visheshyadavD
#DUSU
#delhiuniversity
#DUElectionresult
UP में बीजेपी के लिए खतरे की घंटी बज गई है,
जब दिल्ली में समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार गर्दा उड़ा दिया है, वो भी बिना पर्चा और बिना खर्चा,
तो सोचो UP जो कि समाजवादी पार्टी का गढ़ और असली कार्यक्षेत्र है,
वहाँ जब समाजवादी पार्टी प्रदेश के सबसे बड़े नेता के नेतृत्व में मैदान में उतरेगी तो फिर बीजेपी का क्या होगा,
अमित शाह जी आज सदन में आये साथ में महामानव भी थे।
मगर ये क्या...
वंदे मातरम् गीत खत्म होते ही ओम बिड़ला जी ने सदन स्थगित कर दी। और इस तरह पुलिसिया बर्बरता और चंदा चोरी पर जवाब दिये बिना दोनों सदन से भाग निकले?
इतनी कायरता क्यों?
56 इंच का....
भले ही सोनम वांगचुक ने अनशन तोड़ दिया हो, उसके बाद भी विधायक रागिनी सोनकर लगातार जंतर-मंतर पर बनी हुई हैं।
रात 3 बजे वो बिना किसी सुरक्षा के पैदल चलकर प्रदर्शन में पहुंची थीं।
"मोदी जी मेरी रिक्वेस्ट है कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ले लीजिए, वरना बात फिर आपके इस्तीफे पर भी आ जाएगी"।
~अभिजीत दीपके
युवाओं को जल्द न्याय दीजिए।
We will not leave Jantar Mantar until Dharmendra Pradhan resigns!
जिस देश में लोग सवाल पूछना भूल गए थे, जिस देश में सरकार को criticise करना देशद्रोह माना जाता था - उस देश को अब हमने जगा दिया है।
और अब ये देश सवाल करने लगा है! अब हम डरेंगे नहीं, आँख में आँख डाल कर बात करेंगे। ✊🔥
CJP Protest में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का मुद्दा सदन में उठा. सपा प्रमुख और सांसद Akhilesh Yadav ने कहा कि छात्रों को पीटा जा रहा है और महिलाओं के साथ गाली-गलौज की जा रही है.
स्पीकर Om Birla से आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें बोलने का समय नहीं दिया जा रहा है. इसके बाद अखिलेश यादव और ओम बिरला के बीच बहस हो गई.
देखिए वीडियो...
एक चुने हुए सांसद युवाओं के हक में संसद के बाहर धरने पर बैठे है। बारिश भी हौसला तोड़ नहीं पा रही है। मगर एक विपक्षी सांसद @BhimArmyChief को संसद परिसर में मौजूद शौचालय भी इस्तेमाल नहीं करने दिया जा रहा।
महामानव हमेशा की तरह घटिया स्तर पर उतारू है!
प्रधानमंत्री मोदी भारत के इतिहास के सबसे युवा-विरोधी प्रधानमंत्री हैं - इतने युवा विरोधी कि एक नाकाम शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी नहीं ले सकते।
152 पेपर लीक। 7.5 करोड़ छात्र पीड़ित। और सज़ा एक दोषी को भी नहीं। सजा किसे मिली? मेहनती युवाओं को।
और जब इन बच्चों ने शिक्षा के जायज़ सवाल उठाए - तो जवाब में मिली लाठी और हिरासत। लीक करने वाले अपराधी आज़ाद - और वाजिब मुद्दे उठाने वाले छात्र घसीटे जाते हैं, पीटे जाते हैं।
यह सरकार सिर्फ़ युवाओं को नाकाम नहीं कर रही - उनपर टूट पड़ी है।
We stand in solidarity with the youth of our country.
Their voices deserve to be heard — loud, clear, and without fear. They are the heartbeat of our democracy and the true architects of our nation’s future.
Let us listen, support, and empower them. The energy, courage, and dreams of our young people will shape the India we aspire to build.
Jai Hind.
Genelia & Riteish Deshmukh
#YouthOfIndia #VoiceOfTheYouth #FutureOfOurNation
यह जंतर-मंतर का वीडियो है। आज दिल्ली की उमस भरी गर्मी जान ले रही है। उस हाल में वहाँ लोग ठसा-ठस भरे हैं। हाथ का पंखा लेकर नौजवान एक दूसरे को हवा का मरहम लगा रहे हैं। घर में पंखे के नीचे राहत नहीं है, वहाँ तो क्या ही हालत होगी। इस गर्मी में वहां मौजूद लोगों की हालत भी ख़राब हो रही होगी। सोनम वांगचुक को जबरन हटाने के बाद भी धरना कमज़ोर नही हुआ है। लोगों ने आगे आकर इस धरने को थाम लिया है। कौन नेता है, कैसा नेता है, यह सब सवाल पीछे चला गया है। आज पूरे दिन जंतर-मंतर पर भारी भीड़ रही। धरना स्थल तक जाने के लिए लोग कतार में बिना शिकायत खड़े हैं। वहाँ से लौटने वाले लोगों की लाइन राजीव चौक मेट्रो में भी बढ़ती जा रही है। सोमवार को सरकार का इम्तहान है। कल वह मार्च में बाधा डालेगी या मार्च होने देगी।
आप नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, ग़ाज़ियाबाद इन महानगरों, महाज़िलों में रहने वाले जेन ज़ी, जेन बी जेन एक्स, जेन जो भी, किसी से पूछ लीजिए। क्या यहाँ एक भी सरकारी शैक्षणिक संस्थान है, जिसकी दुनिया छोड़िए, भारत में पहचान हो। जिसकी गुणवत्ता की तारीफ होती हो। जिसमें पढ़ने का सपना देखा जाता हो। एक भी नहीं है। सोचिए लाखों करोड़ों की आबादी के बीच एक ढंग का कॉलेज नहीं है। जहाँ भारत का एस्पिरेशनल क्लास रहता है। वह 12 साल से व्हाट्स एप यूनिवर्सिटी में डूबा रह गया। बच्चों के लिए अमेरिका का वीज़ा बनवाता रहा लेकिन मुड़ कर नहीं देखा कि उसके शहर में एक भी कॉलेज काम का क्यों नहीं है। इसके कारण मिडिल क्लास के साथ साथ नियो मिडिल क्लास के बच्चे भी घिस रहे हैं, पिस रहे हैं, मिट रहे हैं। जो मेहनत मज़दूरी करने वाला तबका है, जिसे लग रहा है कि पढ़ाई से उसके परिवार का भविष्य बदल सकता है, वह कड़ी मेहनत कर अपने बच्चों को किसी तरह स्कूल और कालेज भेज रहा है। उसे पता ही नहीं है कि वह अपने बच्चों को जिन सपनों के लिए तैयार कर रहा है, वह कब का रौंदा जा चुका है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग़ाज़ियाबाद और गुरुग्राम के घरों में काम करने वाली महिलाओं से पूछ लीजिए। हाड़ तोड़ मेहनत कर रही हैं और अपने बेटी की पढ़ाई के लिए फीस भर रही हैं। उनके बच्चे भी ख़ूब मेहनत करते हैं लेकिन सामाजिक पूंजी नहीं होने के कारण उन्हें गाइड नहीं मिल पाता। हर दिन लाखों सपनों की हत्या हो रही है। समाज के इस तबके को अभी शिक्षा से जुड़े मुद्दे की समझ नहीं है, कभी तो उन्हें भी पता चलेगा कि सारा सिस्टम इसी तरह डिज़ाइन किया गया है कि उनके बाद उनकी बेटियाँ भी घरों में काम करती रहेंगी । शिक्षा को बर्बाद किया गया ताकि लाखों लोगों का भविष्य बर्बाद हो सके और वे कम से कम पैसे में काम करने के लिए हमेशा मजबूर रहें।
भारत के भविष्य के साथ लंबे समय तक यह धोखा हुआ है। हो सकता है भारत का युवा धर्म की राजनीति में फिर से सनक जाएगा, वह गौरव और पहचान राजनीति में धर्म से पाने लगेगा, यह सब हो सकता है, हो ही रहा है, लेकिन अगले तीस साल में भी वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए बड़े स्तर के शैक्षणिक संस्थानों को नहीं पा सकता है। यह लड़ाई आज की नहीं है, अगले पचास साल की है।
वो चिल्ला कर झूठ को सच बताएँगे,आप शांति से सच पहुँचा देना।
हिंसा का वीडियो सबसे पहले हमने दिखाया,हमारा ही वीडियो सब लगा रहे हैं,मगर वो सिर्फ हिंसा दिखा रहे हैं,शांतिपूर्ण प्रदर्शन को तो वो सुबह से नहीं दिखा रहे।
हमारी क्षमता कम हो सकती है,मगर आपकी नहीं। पहुंचा दीजिए इस सच को घर-घर तक
बाकी मिलता हूँ थोड़ी देर में विस्तृत रिपोर्ट के साथ YouTube पर
आज डिंपल यादव जी ने जिस संवेदनशीलता के साथ संघर्षरत युवाओं और बेटियों के दर्द को महसूस किया, वह केवल राजनीति नहीं, बल्कि मानवीयता का परिचय है।
@dimpleyadav
जंतर-मंतर पर देश का सारा युवा लाखों की संख्या में जमा हो गया है। सरकार उनकी बात सुनने की बजाय उनपे लाठी चार्ज करवा रही है। ये ठीक नहीं है।
मैं सरकार से appeal करता हूँ कि ये हमारे ही देश के बच्चे हैं जो न्याय मांगने सड़कों पर उतरे हैं। अहंकार छोड़िये और इनकी बात सुनिए।
अभी जंतर-मंतर पर हूँ।
आँखों के सामने जो मंजर है, उसे देखकर रूह कांप रही है और मन पूरी तरह विचलित है।
पुलिस बच्चों को दौड़ा-दौड़ा कर लाठियों से ऐसे पीट रही है, आंसू गैस के गोले छोड़ रही है, जैसे ये देश के दुश्मन हों! आखिर ये बच्चे कर क्या रहे हैं? सिर्फ अपना हक़ ही तो मांग रहे हैं।
ये कैसी बर्बरता है? ये कैसी तानाशाही है? सरकार को सोचना चाहिए कि जिन युवाओं ने वोट देकर आपको चुनकर सत्ता के शिखर पर बैठाया है, आज आप उन्हीं पर लाठियां बरसा रहे हैं।
ये तानाशाही नहीं चलेगी! 💔
#jantarmantar