पंजाबी / सिख समाज सूफी-संतों को मानने वाला समाज है, उनका यह कदम निस्संदेह सराहनीय है, परंतु जिन्हें मस्जिद दी गई है वे सूफी संतों की विचारधारा वाले नहीं है, बल्कि वहाबी-देवबंदी अतिरेकी आतंकी विचारधारा के मानने वाले हैं जिससे समाज में अच्छाई तो फैलने से रही। मक्कारियों को समझें...
देश में जहां नफ़रती चिंटू मस्जिदें तोड़ कर अपने आप को बहादुर होने का सर्टिफिकेट बांटने में लगे हैं वहीं पंजाब के जिला फतेहगढ़ साहब में , माता राजिंदर कौर के एक सिख परिवार ने, अपनी मेहनत से कमाई हुई करोड़ों की जमीन, भाइयों को मस्जिद बनाने के लिए दान में दे दी।
ये दान ना केवल देश में नफ़रत का माहौल फैलाने वालों के मुंह पर एक जोरदार तमाचा है, ये दान सारी दुनियां में आपसी मुहब्बत और भाईचारे की मशाल को जलाए रखने के लिए ऊर्जा प्रदान करता है। 🙏❤️🙏
धन्य है हमारे गुरुओं की सीख और गुरुओं की कुर्बानियां, जो सारी दुनियां को, हर किसी से प्यार मुहब्बत से रहने की प्रेरणा देती आई हैं।
माजिद की नींव रखने के साथ साथ, लुधियाना के शाही इमाम, मौलाना मुहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी जी ने, सिख मुस्लिम भाइचारे की नींव भी रखी। इस कार्यक्रम में सिख, मुस्लिम और हिन्दू भाइयों ने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया। 🙏❤️🙏
देवबंदी का मतलब ही गुस्ताख़ ....!!
जब हम देवबंदी मुल्लों की किताबों से अल्लाह वा रसूल صلی اللہ علیہ وسلم की गुस्ताखियां दिखाते हैं तो दोगले कहते हैं ऐसा कोई कैसे लिख सकता है, हां जिसने लिखा वो तो मर गया आज जो हैं उनसे मिल जुल कर रहो...
ये देखो बेंगलुरु कर्नाटक का मशहूर देवबंदी मुल्ला पीएम मुजम्मिल साफ लफ्ज़ों में फरिश्तों के सरदार हज़रत जिब्राइल علیہ السلام की खुली गुस्ताख़ी कर रहा है, और फरिश्तों की गुस्ताख़ी भी कुफ्र है, क्या देवबंदी इसपे एक्शन लेंगे.?
और हज़रत जिब्राइल हिंदुस्तान आना ही चाहें तो ये रोकेगा या इसका बाप?
सुरत गंदी सीरत गंदी
देवबंदी देवबंदी.!!
कौमों मे मुसलमानों के प्रति नफरत और इस्लमोफोबिया को बढाया गया और आज वे अपनी फसल काट रहे हैं। उन्ही का सिस्टम 1955 मे काम कर रहा था जिसने धार्मिक स्थलों को ढांकने की नीव रखी जिसका अनुसरन हो रहा है और उसे सरकारेंअपने ज़ाती फायदों के लिए इस्तेमाल भी कर.रही हैं।
@kumawatdinesh3 1923 मे आकाअंग्रेजों की गुलामी करने, असल इस्लामी सिस्टम (सूफ़ीवाद) को खतम करने के लिये इन नाकारा लुटेरे बद्दुओं को अंग्रेजों व्दाराअरब का सुल्तान बनाया गया और इनके अतिरेकी विचारधारा को दुनिया मे फैलाने के लिए पूरा सिस्टम लग गया।
आतंकवाद का नंगा नाच कराकर दूसरी...
@Momin_Ibn_Khan अल्लाह के रसूल प्यारे आक़ा सल्लल्लाहु अलैहे वसल्लम ने फरमाया,"जब तक कोई मुझसे सबसे ज्यादा मुहब्बत नहीं करता (अपने मां-बाप, भाई-बहन, बीवी-बच्चा, माल-अस्बाब) वो मोमिन नहीं हो सकता।"
वायसराय ने कहा था हिन्द में एक कब्र हुकूमत कर रही है और वो कब्र अजमेर-ए-मुअल्ला में मौजूद ख़्वाजा गरीब नवाज़ की कब्र (मज़ार) है!
رضی اللہ تعالیٰ عنہ❣️
#813UrsEGareebNawaz
Yeh Desh hit mein bahut accha hai... Sufi Sunni Muslims nahi Chahtey ki (in Wahabi -Salafi Logon ki Sohbat Paakar) unki Auladein Wahabi Aatankwadi Atirikt Vicharadhara k maanney wale ho jayein aur Sach ka raasta Chod dein...
Jahaan Wahaabi, Wahaan Kharabi...
BadMazhab Deobandi Sajjad Nomani k Charnon mein baithta hai, Chunki yeh ek Wahabi hai woh bhi Siyasi. In mein kai TTS hai jo kehtey they "Wahabi ki na Imamat Qubool, Na Qayadat." Wasiyat e Aala Hazrat per Sakhti se Amal hi Ahle Sunnat ki Falaho Bahbood ki Zamanat hai.
Aala Hazrat RA ney apni Wasiyat mein BadAqeedon se Bachne ki Sakhti se Hidayat ki hai aur Musalmanon ko Mustafa Kareem ki "Bholi" Bhedein kaha hai.
Yeh Saabit hua ki inhein kuch bhi Siyasi Sha_oor nahi hai, yeh bhi tahqeeq na ki k Namoos ki khatri Aawaaz dene wala kaun hai.
Kalmey ki Buniyad per Musalmanon ko ek ho jao kahney waley Khush Aqeeda hargis nahi ho saktey. Inkey chief Owaisi ney France k gustakh ko marney ki mazammat kiya. Nabi paak k gustakh ko jahannam wasil karney ko act of terrorism bataya. Woh Gustakhi nahi thi? Yeh Imtiyaz Zalil
बांगलादेश की कामियाब डेमोक्रेटिक प्रधानमंत्री सुन्नी शेख़ हसीना को अमरीका और क़तर ने अपने एजेंट जमाते इस्लामी और बांगलादेश मिलिट्री के साथ मिलकर हटाया है।
इस तरह का सत्ता पलट ईसाई देश अमरीका और वहाबी अरब देशों ने मिलकर सुन्नी सद्दाम हुसैन और कर्नल गद्दाफ़ी को पहले भी हटाया था।
बांगलादेश में मेजॉरीटी सुन्नी सूफ़ी मुसलामानों और मायनॉरिटी हिन्दुओं पर हमले हो रहे है। वहाबी अरब देशों की मदद से जमात-ए-इस्लामी और वहाबी सल्फी आतंकवादी हमले कर रहे है।
इसलिये केंद्र सरकार @PMOIndia भारत में पाकिस्तानी सियासी पार्टी, जमात-ए-इस्लामी को देशहित में तुरंत बैन करें।