हमारा सवाल सीधा और साफ है—
👉 "अबुआ सरकार" या "अबुआ युवाओं के साथ धोखा"?
झारखंड का युवा अब चुप नहीं बैठेगा। न्याय मिलेगा, तभी आंदोलन रुकेगा!
✊ झारखंड का भविष्य बिकने नहीं देंगे। मेहनत का हक छीनने नहीं देंगे!
#JusticeForJharkhandStudents#JPSC_Scam#JSSC_Scam#AbuaSarkarExposed
"अबुआ सरकार" के नाम पर आखिर कब तक "अबुआ युवाओं" के साथ छल होगा?
"अबुआ सरकार" का नारा देकर झारखंड के युवाओं को बड़े-बड़े सपने दिखाए गए थे। कहा गया था कि अपने राज्य के बच्चों को न्याय मिलेगा, भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होगी और मेहनत का सम्मान होगा।
"अबुआ सरकार" का मतलब "��बुआ युवाओं का अधिकार" होना चाहिए था, लेकिन अगर आज झारखंडी युवाओं को ही अपने हक और न्याय के लिए सड़कों पर उतरना पड़े, तो यह नारों की नहीं, पूरी व्यवस्था की विफलता ह���।
अगर सब कुछ साफ ���र पारदर्शी है, तो लीपापोती छोड़कर निष्पक्ष CBI जांच क्यों नहीं कराई जाती?
याद रखिए...
युवा वोट भी देता है, सरकार भी बनाता है और वक्त आने पर सरकार बदलना भी जानता है!
झारखंड का युवा आपसे भीख नहीं मांग रहा, अपना हक मांग रहा है। जिस सरकार ने "अबुआ सरकार" का सपना दिखाया था, वही सरकार आज युवाओं के सीधे सवालों का जवाब देने से क्यों भाग रही है?
भर्ती परीक्षाओं पर लगातार अनिश्चितता: कभी ब्लैकलिस्टेड कंपनियों को ठेका, कभी रोल नंबर गायब, तो कभी परीक्षाएं रद्द... जांच के नाम पर सिर्फ लीपापोती होती है और लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटका दिया जाता है।
50-50 लाख में बिक रही हैं सरकारी नौकरियां: ओएमआर शीट बदलने से लेकर सर्वर में बैकएंड से नंबर बढ़ाने के लिए 40 से 50 लाख रुपये का खेल खेला जा रहा है! झारखंडी युवाओं की मेहनत की बलि देकर बाहरी दलालों और पैसों वालों की जेबें भरी जा रही हैं।
संताली (Santali) भाषा के पेपर में आउट-ऑफ-सिलेबस सवाल: जो स्थानीय बच्चे दिन-रात सिलेबस के हिसाब से संताली विषय की तैयारी कर रहे थे, उनके पेपर में जानबूझकर सिलेबस से बाहर के सवाल ठूंस दिए गए, ताकि स्थानीय झारखंडी बच्चे छंट जाएं और सेटिंग करने वाले आगे निकल जाएं!
लेकिन आज मजबूर होकर सवाल पूछना पड़ रहा है—क्या यही है आपका अबुआ राज?
एक तरफ राज्य का युवा वर्��ों तक किताबों में सिर झुकाए मेहनत करता है, कमरों का किराया और कोचिंग का कर्ज़ भरता है, और दूसरी तरफ:
किसी अन्य समाज की सांस्कृतिक विरासत का दमन करके स्वयं को 'सभ्य' घोषित करना, सभ्यता नहीं बल्कि वैचारिक संकीर्णता और औपनिवेशिक मानसिकता का परिचायक है।
#Jharkhand
झारखंड सरकार के जितने प्रमुख प्रशासनिक, पुलिस और जिला प्रशासन के आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल हैं, तभी सक्रिय होते हैं जब सीएम हेमंत सोरेन ट्वीट कर निर्देशित/ आदेशित करते हैं l जब तक सीएम खुद ट्वीट न करें ये कलेक्टर तीतर की तरह रेत में मुंडी मुंडी घुसाए रहते हैंl झारखंड के IAS /IPS अफसरों की अपनी कोई जबाबदेही है या नहीं ?
माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी प्रदेश के मुखिया हैं उन्हें ढे���ों काम होते हैं| जनता की छोटी छोटी शिकायत/ मांग के लिए सीएम के आदेश का इंतजार करना कुशलता नहीं प्रशासनिक विफलता है| उम्मीद करती हूं सीएम संज्ञान लेंगे और हमें आलोचना करने का मौका नहीं देंगे l जोहार !!
@HemantSorenJMM @JharkhandCMO
झारखंड भाजपा नेताओं ने कभी संथाली को राजभाषा का दर्जा द���ने के लिए या खड़िया, मुंडारी, हो, कुड़माली के लिए कभी आवाज उठाई है क्या ?
इनकी इन्हीं हरकतों से आदिवासी मुलनिव���सी भाजपा को वोट नहीं करते | @BJP4Jharkhand के दर्जनों विधायक समेत चार मुख्यमंत्री ट्विटर में नाम के आगे 'पूर्व' विधायक, 'पूर्व' मंत्री और 'पूर्व' मुख्यमंत्री लिखा हूआ है|
ओडिशा और बंगाल में बडी संख्या संथाल, हो और कुड़माली भाषा बोलने वाले आदिवासी मुलनिवासी रहते हैंl बिहार के भी कुछ हिस्सों में संथाल और उरांव आदिवासी रहते हैंl बडी आबादी के बावजूद इन राज्यों ने झारखंड की भाषाओं क�� स्वीकार नहीं किया और ठुकरा दिया | दुसरे राज्यों की भाषा का ठेका झारखंड ने भी थोडे ही ले रखा हैl
झारखंड में झारखंडी भाषा चलतो l बाहरी भाषा नाय चलतो | #DoTook
मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी, झारखंड में बाहरी राज्यों की भाषा नहीं चलेगी l झारखंड में सिर्फ झारखंडी भाषा चलेगी | झारखंड की अपनी सांस्कृतिक पहचान अपनी जनजातीय भाषाएं हैं | सरकार पहले संथाली, मुंडारी, हो, खड़िया, भूमिज, कुड़ुख, खोरठा, नागपुरी, कुड़माली, पंचपरगनिया को शामिल करें बाद में बिहारी बंगाली करें l कान खोल कर सुन लें JMM Congress BJP के नेता विधायक मंत्री, हमारे बाप दादाओं ने बिहार से लड़कर अलग राज्य झारखंड बनाया हैl झारखंड का बिहारीकरण किसी हाल में बर्दास्त नहीं किया जाएगा l @DipikaPS
आप महीने भर मेहनत करते हैं, फिर सैलरी आती है
सैलरी पर टैक्स लगता है
फिर आप दुकान से, या मॉल से, या ऑनलाइन ग्रॉसरी मंगाते हैं, तो उस पर GST देते हैं...
मतलब जेब कदम कदम पर कटती है
लेकिन बदले में आपको मिलता है- फेक सामान, फेक refined oil, fake ghee, fake paneer, ���हां तक दवा, toothpaste, भी फेक हो सकता है
लेकिन इसके लिए सरकार का कोई जिम्मेदार नहीं?
और अगर हमारी-आपकी थाली तक fake items आ ही जा रहे हैं तो सरकार को कुछ हर्जाना क्यों नहीं देना चाहिए?
क्योंकि जो कार्रवाई की जानी चाहिए वो तो हो नहीं रही...
आखिरी बार किसी बड़े fssai अधिकारी पर एक्शन कब लिया गया था?
ये पत्र किसी दूसरी क्लास के छात्र ने नहीं, बल्कि JSSC CGL पास करके ASO बने अधिकारी ने लिखा है।
आप इस शानदार लेखनी से अंदाजा लगा सकते हैं कि परीक्षा कितने साफगोई से हुई है और अगले 30-35 साल ये 2000 टॉप क्लास अधिकारी झारखंड का भविष्य कितना खूबसूरत बनाने वाले हैं।
ये सब सोशल मीडिया के माध्यम से मुझे किसी ने भेजा है, बताया जा रहा है कि ये महोदय यूपी के रहने वाले हैं।
जो भी है अब क्या ही फर्क पड़ता है?
वैसे इन फालतू बातों में ज्यादा लोड नहीं लेना है। नौकरी, स्थानीय नीति और 1932 में कुछ रखा है जी!
चलिए नारा लगाइए - कैसे लिया झारखंड, लड़ के लिया झारखंड।
जय झारखंड
साहिबगंज के बरहरवा में MO नंदन कुमार घूस लेते गिरफ़्तार हुआ है। दो महीने पहले ही JSSC-CGL के ज़रिए नौकरी के बाद पोस्टिंग हुई थी। एसीबी की टीम ने आज 40 हज़ार रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया है।